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टैंडर लेने के लिए अमृतसर की फर्म ने लगाये जाली दस्तावेज
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जालंधर। टेंडर हासिल करने के लिए अमृतसर की फर्म वीएच इंटरप्राइजेज ने जालंधर नगर निगम में जाली दस्तावेज लगाए थे। जिसकी जांच करने के बाद निगम मेयर जगदीश राजा ने फर्म पर एफआईआर दर्ज करवाने को लेकर पुलिस कमिश्नर को पत्र जारी किया।
जानकारी के मुताबिक जालंधर नगर निगम के हॉर्टिकल्चर ब्रांच में काम के लिए अमृतसर की फर्म वीएच इंटरप्राइजेज का 55 लाख 11 हजार 600 रुपये का टेंडर पाया गया था। इस काम को अलाट करने संबंधी नगर निगम जालंधर में विभागीय जांच चल रही थी। जिसकी फाइल रिकार्ड से गुम हो गई थी। इसके बाद 15 अप्रैल 2019 को मेयर की तरफ से फाइल गुम होने पर जांच के लिए लिखा गया था कि इसकी जांच संयुक्त कमिश्नर की ओर से की जाए। इसके बाद संयुक्त कमिश्नर की ओर से 25 अप्रैल 2019 को भेजी गई जांच रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि अमृतसर की फर्म वीएच इंटरप्राइजेज की ओर से जाली दस्तावेज लगाए गए थे। कंपनी ने टेंडर भरते समय पीएफ और वैट के जो दस्तावेज लगाए गए थे वो जाली थे। इस पर सहायक पीएफ कमिश्नर की ओर से भी कहा गया था कि इस पर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसकी रिपोर्ट मेयर जगदीश राजा को भेजी गई। इसके बाद मामले संबंधी कानूनी सलाह लेने के लिए यह केस निगम के लीगल विभाग को भेजा गया। इसके बाद 6 जून 2019 को वीएच इंटरप्राइजेज पर जाली दस्तावेज जमा करवाने के आरोप पर एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए गए। फिलहाल पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिख कर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर की बात कही गई है। पुलिस प्रशासन की ओर से अभी इस मामले में जांच की जा रही है।
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जानकारी के मुताबिक जालंधर नगर निगम के हॉर्टिकल्चर ब्रांच में काम के लिए अमृतसर की फर्म वीएच इंटरप्राइजेज का 55 लाख 11 हजार 600 रुपये का टेंडर पाया गया था। इस काम को अलाट करने संबंधी नगर निगम जालंधर में विभागीय जांच चल रही थी। जिसकी फाइल रिकार्ड से गुम हो गई थी। इसके बाद 15 अप्रैल 2019 को मेयर की तरफ से फाइल गुम होने पर जांच के लिए लिखा गया था कि इसकी जांच संयुक्त कमिश्नर की ओर से की जाए। इसके बाद संयुक्त कमिश्नर की ओर से 25 अप्रैल 2019 को भेजी गई जांच रिपोर्ट से स्पष्ट हुआ कि अमृतसर की फर्म वीएच इंटरप्राइजेज की ओर से जाली दस्तावेज लगाए गए थे। कंपनी ने टेंडर भरते समय पीएफ और वैट के जो दस्तावेज लगाए गए थे वो जाली थे। इस पर सहायक पीएफ कमिश्नर की ओर से भी कहा गया था कि इस पर कानूनी कार्रवाई की जाए। इसकी रिपोर्ट मेयर जगदीश राजा को भेजी गई। इसके बाद मामले संबंधी कानूनी सलाह लेने के लिए यह केस निगम के लीगल विभाग को भेजा गया। इसके बाद 6 जून 2019 को वीएच इंटरप्राइजेज पर जाली दस्तावेज जमा करवाने के आरोप पर एफआईआर दर्ज करवाने के आदेश दिए गए। फिलहाल पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिख कर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ एफआईआर की बात कही गई है। पुलिस प्रशासन की ओर से अभी इस मामले में जांच की जा रही है।
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