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बहिबल गोलीकांड में पुलिस अधिकारियों को बचा रही है सरकार
Updated Fri, 26 Oct 2018 09:36 PM IST
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बहिबल कांड : सरकार पर पुलिस अधिकारियों को बचाने का आरोप
एसआईटी के सामने शहीद किशन भगवान सिंह के भाई ने दर्ज करवाए बयान
अमर उजाला ब्यूरो
बरगाड़ी (फरीदकोट)। बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड मामले की जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी के सामने शुक्रवार को बहिबल कांड में शहीद हुए किशन भगवान सिंह के भाई रेशम सिंह ने बयान दर्ज करवाए।
अपने बयान में रेशम सिंह ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि वह बहिबल कलां गोलीकांड में शामिल पुलिस अफसरों को बचाने की कोशिश कर रही है। एसआईटी को दिए बयान में रेशम सिंह ने कहा कि बहिबल कांड में सरकार ने एसएसपी मोगा चरनजीत शर्मा, एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह, रीडर एसएसपी मोगा इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और एसएचओ बाजाखाना अमरजीत सिंह कुलार के खिलाफ ही कार्रवाई करने को कहा है। इस घटना में पहले हुई जांच के दौरान डीएसपी हरजिंदर सिंह दिल, एडीसीपी लुधियाना परमजीत सिंह मन्नू, डीएसपी साहनेवाल तेजवीर सिंह, इंस्पेक्टर मनिंदर सिंह बेदी, इंस्पेक्टर संदीप बढ़ेरा, इंस्पेक्टर दलवीर सिंह, आईडी परमराज सिंह उमरानंगल और पुलिस टीम लुधियाना का नाम भी शामिल था। रेशम सिंह का आरोप है कि उन अफसरों ने भी बहिबल कलां में गोलियां चलाई थी जिसमें उसके भाई के अलावा गुरजीत सिंह सरावां की मौत हो गई। इन अफसरों के नाम केवल राजनीतिक दखल के कारण निकाल दिए गए।
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एसआईटी के सामने शहीद किशन भगवान सिंह के भाई ने दर्ज करवाए बयान
अमर उजाला ब्यूरो
बरगाड़ी (फरीदकोट)। बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड मामले की जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी के सामने शुक्रवार को बहिबल कांड में शहीद हुए किशन भगवान सिंह के भाई रेशम सिंह ने बयान दर्ज करवाए।
अपने बयान में रेशम सिंह ने पंजाब सरकार पर आरोप लगाया कि वह बहिबल कलां गोलीकांड में शामिल पुलिस अफसरों को बचाने की कोशिश कर रही है। एसआईटी को दिए बयान में रेशम सिंह ने कहा कि बहिबल कांड में सरकार ने एसएसपी मोगा चरनजीत शर्मा, एसपी फाजिल्का बिक्रमजीत सिंह, रीडर एसएसपी मोगा इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह और एसएचओ बाजाखाना अमरजीत सिंह कुलार के खिलाफ ही कार्रवाई करने को कहा है। इस घटना में पहले हुई जांच के दौरान डीएसपी हरजिंदर सिंह दिल, एडीसीपी लुधियाना परमजीत सिंह मन्नू, डीएसपी साहनेवाल तेजवीर सिंह, इंस्पेक्टर मनिंदर सिंह बेदी, इंस्पेक्टर संदीप बढ़ेरा, इंस्पेक्टर दलवीर सिंह, आईडी परमराज सिंह उमरानंगल और पुलिस टीम लुधियाना का नाम भी शामिल था। रेशम सिंह का आरोप है कि उन अफसरों ने भी बहिबल कलां में गोलियां चलाई थी जिसमें उसके भाई के अलावा गुरजीत सिंह सरावां की मौत हो गई। इन अफसरों के नाम केवल राजनीतिक दखल के कारण निकाल दिए गए।
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