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एसटीएफ पठानकोट ने अमृतसर के नशा तस्कर के गांव में की छापेमारी
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पठानकोट। एसटीएफ पठानकोट की टीम ने शुक्रवार को अमृतसर के गांव पंडोरी स्थित नशा तस्कर जैंटा के घर रेड की। वह एसटीएफ की पकड़ में नहीं आ आया। इस पर एसटीएफ को खाली हाथ लौटना पड़ा।
एसटीएफने शुक्रवार तड़के सुबह 6 बजे जैंटा के घर की घेराबंदी कर ली तथा करीब एक घंटा तक उसके घर के सभी कमरों की बारीकी से तलाशी ली। वह एसटीएफ टीम के पहुंचने से पहले ही फरार हो चुका था। बाद में एसटीएफ ने नशा तस्कर जैंटा के आसपास स्थित रिश्तेदारों तथा संगे-संबंधियों के घर भी दबिश दी। वहां से भी खाली हाथ वापस आना पड़ा। एसटीएफ इंचार्ज हरजिंद्र सिंह ने बताया कि एसटीएफ ने वीरवार को जैंटा से नशा लेकर बमियाल के रास्ते कठुआ, जम्मू कश्मीर जा रहे युवक को काबू किया था। उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने एक अन्य युवक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस को पता चला था कि वह नशे की खेप अमृतसर से लेकर आया है तथा आगे पठानकोट के साथ लगते बार्डर एरिया के युवाओं को बेचते हैं।
इंचार्ज हरजिंद्र सिंह ने बताया कि अमृतसर में जैंटा के गांव में पूछताछ के बाद पता चला है कि वह पहले आटो चलाता था। बाद में वह नशे का कारोबार करने लगा। वह आटो से ही आसपास के क्षेत्रों में नशे की सप्लाई करता था। उसके रहन-सहन में काफी बदलाव आ गया था। लोगों को भ्रमित करने के लिए उसने आटो चलाने का कारोबार जारी रखा। अब पिछले कुछ समय से वह आटो का धंधा छोड़ चुका था।
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एसटीएफने शुक्रवार तड़के सुबह 6 बजे जैंटा के घर की घेराबंदी कर ली तथा करीब एक घंटा तक उसके घर के सभी कमरों की बारीकी से तलाशी ली। वह एसटीएफ टीम के पहुंचने से पहले ही फरार हो चुका था। बाद में एसटीएफ ने नशा तस्कर जैंटा के आसपास स्थित रिश्तेदारों तथा संगे-संबंधियों के घर भी दबिश दी। वहां से भी खाली हाथ वापस आना पड़ा। एसटीएफ इंचार्ज हरजिंद्र सिंह ने बताया कि एसटीएफ ने वीरवार को जैंटा से नशा लेकर बमियाल के रास्ते कठुआ, जम्मू कश्मीर जा रहे युवक को काबू किया था। उसकी निशानदेही के आधार पर पुलिस ने एक अन्य युवक को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पुलिस को पता चला था कि वह नशे की खेप अमृतसर से लेकर आया है तथा आगे पठानकोट के साथ लगते बार्डर एरिया के युवाओं को बेचते हैं।
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इंचार्ज हरजिंद्र सिंह ने बताया कि अमृतसर में जैंटा के गांव में पूछताछ के बाद पता चला है कि वह पहले आटो चलाता था। बाद में वह नशे का कारोबार करने लगा। वह आटो से ही आसपास के क्षेत्रों में नशे की सप्लाई करता था। उसके रहन-सहन में काफी बदलाव आ गया था। लोगों को भ्रमित करने के लिए उसने आटो चलाने का कारोबार जारी रखा। अब पिछले कुछ समय से वह आटो का धंधा छोड़ चुका था।
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