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अस्पताल के बल्ड बैंक में हो रहे घोटाले का पर्दाफाश
Updated Sat, 04 Aug 2018 10:41 PM IST
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अस्पताल के बल्ड बैंक में हो रहे घोटाले का पर्दाफाश
-अस्पताल में फर्जी एंट्री करके बेचे जा रहे थे खून के पैकेट
अमर उजाला ब्यरो
जालंधर। दानी सज्जनों की तरफ से दान किए गए खून को फर्जी एंट्री डालकर खून को बेचना का मामला सामना आया है। मामला गुलाब देवी अस्पताल में बने ब्लड बैंक का है, जहां से हो रही खून की तस्करी का खुलासा शुक्रवार देर रात को हुआ। खून दान करने वाली संस्थाओं का अस्पताल पर आरोप है कि ब्लड बैंक में बिना डोनर का नाम लिखे और एक्पायरी डेट लिखे खून के पैकेट बेचे जा रहे हैं। इससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता है। इसके अलावा केमिकल मिलाकर एक ब्लड यूनिट के दो यूनिट बनाए जाने के भी आरोप अस्पताल स्टाफ पर लगाए गए हैं। इस मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब खून दान करने वाली संस्थाओं ने गुलाब देवी अस्पताल के ब्लड बैंक के रजिस्टर चेक किए। चेकिंग के बाद यह बात सामने आई कि एक ही ब्लड बैग के अलग अलग ब्लड ग्रुप के चार चार यूनिट अस्पतालों को इशू किए गए थे। इसके लिए फर्जी एंट्री करने के लिए दो अलग-अलग रजिस्टर भी लगाए गए थे। अस्पताल में हंगामा होने के बाद मौके पर एसीपी दलबीर सिंब बुट्टर, थाना 1 के प्रभारी कुलवंत सिंह व थाना 2 के प्रभारी मनमोहन सिंह पहुंच गए। इस दौरान मौके पर पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह ने ब्लड बैंक का सारा रिकार्ड कब्जे में ले लिया था व ब्लड बैंक को सील कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि मामले की जांच करके आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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-अस्पताल में फर्जी एंट्री करके बेचे जा रहे थे खून के पैकेट
अमर उजाला ब्यरो
जालंधर। दानी सज्जनों की तरफ से दान किए गए खून को फर्जी एंट्री डालकर खून को बेचना का मामला सामना आया है। मामला गुलाब देवी अस्पताल में बने ब्लड बैंक का है, जहां से हो रही खून की तस्करी का खुलासा शुक्रवार देर रात को हुआ। खून दान करने वाली संस्थाओं का अस्पताल पर आरोप है कि ब्लड बैंक में बिना डोनर का नाम लिखे और एक्पायरी डेट लिखे खून के पैकेट बेचे जा रहे हैं। इससे मरीजों की जान को खतरा हो सकता है। इसके अलावा केमिकल मिलाकर एक ब्लड यूनिट के दो यूनिट बनाए जाने के भी आरोप अस्पताल स्टाफ पर लगाए गए हैं। इस मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब खून दान करने वाली संस्थाओं ने गुलाब देवी अस्पताल के ब्लड बैंक के रजिस्टर चेक किए। चेकिंग के बाद यह बात सामने आई कि एक ही ब्लड बैग के अलग अलग ब्लड ग्रुप के चार चार यूनिट अस्पतालों को इशू किए गए थे। इसके लिए फर्जी एंट्री करने के लिए दो अलग-अलग रजिस्टर भी लगाए गए थे। अस्पताल में हंगामा होने के बाद मौके पर एसीपी दलबीर सिंब बुट्टर, थाना 1 के प्रभारी कुलवंत सिंह व थाना 2 के प्रभारी मनमोहन सिंह पहुंच गए। इस दौरान मौके पर पहुंचे ड्रग इंस्पेक्टर अमरजीत सिंह ने ब्लड बैंक का सारा रिकार्ड कब्जे में ले लिया था व ब्लड बैंक को सील कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि मामले की जांच करके आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।