{"_id":"5a1d95564f1c1b72548c0047","slug":"101511888214-jalandhar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तस्करों से पाक सिम कार्ड बरामद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
तस्करों से पाक सिम कार्ड बरामद
Updated Tue, 28 Nov 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब होगा खुलासा कितनी बार पाक से मंगवाई गई थी हेरोइन
तस्करों से बरामद सिम कार्ड को जांच के लिए लैब में भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
काउंटर इंटेलीजेंस ने तीन तस्करों से रिमांड के दौरान पाक की मोबाइल सिम बरामद की है। इससे खुलासा होगा कि तस्करों ने पाकिस्तान से कितनी बार हेरोइन मंगवाई थी और पाक में किन लोगों से बातचीत होनी थी। सिम बहुत पुरानी है और काफी इस्तेमाल हुई है। सिम कार्ड को जांच के लिए लैब में भेज दी है।
वहीं मोस्टवांटेड तस्कर मंजीत सिंह उर्फ मन्ना अभी भी फरार है। काउंटर इंटेलीजेंस और बीएसएफ के संयुक्त अभियान के तहत 18 नवंबर को मन्ना के चचेरे भाई गुरदीप सिंह, महावीर सिंह और सुखबीर सिंह को काउंटर इंटेलीजेंस ने गिरफ्तार किया था। उनके पास से पाकिस्तान से आई 22 किलो हेरोइन और असलहा बरामद किया गया था। वहीं मन्ना भागने में कामयाब हो गया था।
काउंटर इंटेलीजेंस के एआईजी नरेंद्र पाल सिंह सिद्धू के मुताबिक मन्ना ने पाक से हेरोइन मंगवाई थी। वहां से पांच लोग फेंसिंग के पास हेरोइन की डिलीवरी देने पहुंचे थे, लेकिन बीएसएफ के साथ तस्करों की हुई मुठभेड़ में एक पाक तस्कर मारा गया था। उसे उठाकर उसके साथी पाक की तरफ ले गए। धुंध और अंधेरा न होता तो पांचों तस्कर ढेर हो गए थे।
विज्ञापन
पाक से मंगवाई हेरोइन लेने के लिए मन्ना और उसके चचेरे भाई सरहद पर जा रहे थे, जिन्हें काउंटर इंटेलीजेंस ने गिरफ्तार कर लिया था। तीनों तस्करों को अमृतसर ज्वाइंट इनटेरोगेशन सेंटर भी भेजा था। तस्करों ने स्वीकार किया कि उनके पाक में बैठे बड़े तस्करों के साथ संबंध हैं और कई बार हेरोइन की खेप मंगवा चुके हैं। मन्ना का चाचा भी छह किलो हेरोइन तस्करी के आरोप में सजा काट चुका है। पूरा परिवार हेरोइन तस्करी में संलिप्त है।
विज्ञापन
तस्करों से बरामद सिम कार्ड को जांच के लिए लैब में भेजा
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर।
काउंटर इंटेलीजेंस ने तीन तस्करों से रिमांड के दौरान पाक की मोबाइल सिम बरामद की है। इससे खुलासा होगा कि तस्करों ने पाकिस्तान से कितनी बार हेरोइन मंगवाई थी और पाक में किन लोगों से बातचीत होनी थी। सिम बहुत पुरानी है और काफी इस्तेमाल हुई है। सिम कार्ड को जांच के लिए लैब में भेज दी है।
वहीं मोस्टवांटेड तस्कर मंजीत सिंह उर्फ मन्ना अभी भी फरार है। काउंटर इंटेलीजेंस और बीएसएफ के संयुक्त अभियान के तहत 18 नवंबर को मन्ना के चचेरे भाई गुरदीप सिंह, महावीर सिंह और सुखबीर सिंह को काउंटर इंटेलीजेंस ने गिरफ्तार किया था। उनके पास से पाकिस्तान से आई 22 किलो हेरोइन और असलहा बरामद किया गया था। वहीं मन्ना भागने में कामयाब हो गया था।
विज्ञापन
काउंटर इंटेलीजेंस के एआईजी नरेंद्र पाल सिंह सिद्धू के मुताबिक मन्ना ने पाक से हेरोइन मंगवाई थी। वहां से पांच लोग फेंसिंग के पास हेरोइन की डिलीवरी देने पहुंचे थे, लेकिन बीएसएफ के साथ तस्करों की हुई मुठभेड़ में एक पाक तस्कर मारा गया था। उसे उठाकर उसके साथी पाक की तरफ ले गए। धुंध और अंधेरा न होता तो पांचों तस्कर ढेर हो गए थे।
विज्ञापन
पाक से मंगवाई हेरोइन लेने के लिए मन्ना और उसके चचेरे भाई सरहद पर जा रहे थे, जिन्हें काउंटर इंटेलीजेंस ने गिरफ्तार कर लिया था। तीनों तस्करों को अमृतसर ज्वाइंट इनटेरोगेशन सेंटर भी भेजा था। तस्करों ने स्वीकार किया कि उनके पाक में बैठे बड़े तस्करों के साथ संबंध हैं और कई बार हेरोइन की खेप मंगवा चुके हैं। मन्ना का चाचा भी छह किलो हेरोइन तस्करी के आरोप में सजा काट चुका है। पूरा परिवार हेरोइन तस्करी में संलिप्त है।