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टिकटिंग घोटाले के दो आरोपी नामजद, सस्पेंड
Updated Tue, 07 Nov 2017 09:58 PM IST
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टिकटिंग घोटाले में दो क्लर्क पर केस दर्ज, सस्पेंड
- पुष्पा गुजराल साइंस सिटी में सामने आया था गबन का मामला
- पांच सदस्यीय जांच समिति ने डायरेक्टर जनरल को सौंपी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
पुष्पा गुजराल साइंस सिटी में लाखों के टिकटिंग घोटाले में प्रबंधन ने दो टिकट इशू क्लर्क को मामले का आरोपी बनाया है। इसके साथ ही कार्रवाई करते हुए दोनों क्लर्क सस्पेंड कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं साइंस सिटी की ओर से आरोपियों के खिलाफ थाना सदर में धोखाधड़ी का केस भी दर्ज कराया गया है। हालांकि घोटाले की रकम के बारे में अभी तक कोई निश्चित आंकड़े का खुलासा नहीं हुआ सका है। यह कार्रवाई करीब पांच माह की जांच के बाद पांच सदस्यीय समिति की ओर से अपनी रिपोर्ट डायरेक्टर जनरल-कम-डीसी को सौंपने के तत्काल बाद हुई है।
जून 2017 में पुष्पा गुजराल साइंस सिटी में एक ही बार कोड की दो टिकट जनरेट होने का मामला सामने आया था। इसके बाद डायरेक्टर जनरल-कम-डीसी मोहम्मद तैय्यब ने जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए थे। मामला उजागर होने के समय टिकटिंग घोटाले की राशि लाखों में आंकी जा रही थी। जबकि मंगलवार को जांच कमेटी ने जैसे ही जांच रिपोर्ट डायरेक्टर जनरल मोहम्मद तैय्यब को सौंपी, उन्होंने जांच के आधार पर साइंस सिटी के दो टिकट इशू क्लर्क गुरप्रीत सिंह व सुशील खन्ना को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें तत्काल सस्पेंड कर दिया। जांच में इन पर कंप्यूटर हार्डवेयर व प्रिंटर से छेड़छाड़ करने का आरोप सामने आया है, लेकिन इस छेड़छाड़ के तहत कब से और अब तक कितनी रकम का गबन हुआ, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सका है।
साइंस सिटी की सुरक्षा में लापरवाही का खुलासा :
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में साइंस सिटी की सुरक्षा में लापरवाही का भी खुलासा किया है। इस मामले को सिक्योरिटी मैनेजमेंट के ध्यान में लाया गया है और टिकट चेकिंग काउंटर पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए भी प्रयास करने के लिए लिखित आदेश जारी किए गए है। डीसी मोहम्मद तैय्यब ने बताया कि जांच कमेटी ने समय-समय पर चेकिंग के लिए अधिकारियों की ओर से एक रोस्टर भी तैयार करने और बार कोड मशीन लगाने का भी सुझाव रखा है।
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- पुष्पा गुजराल साइंस सिटी में सामने आया था गबन का मामला
- पांच सदस्यीय जांच समिति ने डायरेक्टर जनरल को सौंपी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
पुष्पा गुजराल साइंस सिटी में लाखों के टिकटिंग घोटाले में प्रबंधन ने दो टिकट इशू क्लर्क को मामले का आरोपी बनाया है। इसके साथ ही कार्रवाई करते हुए दोनों क्लर्क सस्पेंड कर दिए गए हैं। इतना ही नहीं साइंस सिटी की ओर से आरोपियों के खिलाफ थाना सदर में धोखाधड़ी का केस भी दर्ज कराया गया है। हालांकि घोटाले की रकम के बारे में अभी तक कोई निश्चित आंकड़े का खुलासा नहीं हुआ सका है। यह कार्रवाई करीब पांच माह की जांच के बाद पांच सदस्यीय समिति की ओर से अपनी रिपोर्ट डायरेक्टर जनरल-कम-डीसी को सौंपने के तत्काल बाद हुई है।
जून 2017 में पुष्पा गुजराल साइंस सिटी में एक ही बार कोड की दो टिकट जनरेट होने का मामला सामने आया था। इसके बाद डायरेक्टर जनरल-कम-डीसी मोहम्मद तैय्यब ने जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित कर रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए थे। मामला उजागर होने के समय टिकटिंग घोटाले की राशि लाखों में आंकी जा रही थी। जबकि मंगलवार को जांच कमेटी ने जैसे ही जांच रिपोर्ट डायरेक्टर जनरल मोहम्मद तैय्यब को सौंपी, उन्होंने जांच के आधार पर साइंस सिटी के दो टिकट इशू क्लर्क गुरप्रीत सिंह व सुशील खन्ना को जिम्मेदार ठहराते हुए उन्हें तत्काल सस्पेंड कर दिया। जांच में इन पर कंप्यूटर हार्डवेयर व प्रिंटर से छेड़छाड़ करने का आरोप सामने आया है, लेकिन इस छेड़छाड़ के तहत कब से और अब तक कितनी रकम का गबन हुआ, इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सका है।
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साइंस सिटी की सुरक्षा में लापरवाही का खुलासा :
जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में साइंस सिटी की सुरक्षा में लापरवाही का भी खुलासा किया है। इस मामले को सिक्योरिटी मैनेजमेंट के ध्यान में लाया गया है और टिकट चेकिंग काउंटर पर तैनात सिक्योरिटी गार्ड की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए भी प्रयास करने के लिए लिखित आदेश जारी किए गए है। डीसी मोहम्मद तैय्यब ने बताया कि जांच कमेटी ने समय-समय पर चेकिंग के लिए अधिकारियों की ओर से एक रोस्टर भी तैयार करने और बार कोड मशीन लगाने का भी सुझाव रखा है।
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