फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   Canada Border Service Agency action on deportation from Canada

कनाडा से 30 हजार युवा होंगे डिपोर्ट: कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी करेगी कार्रवाई, पंजाबियों पर पड़ेगा असर

Sat, 31 May 2025 10:25 AM IST
निवेदिता वर्मा सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर (पंजाब) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Sat, 31 May 2025 10:25 AM IST
सार

पंजाबी मूल के काफी युवा ऐसे हैं, जिनका वर्क परमिट खत्म हो चुका है और वे अवैध रूप से कनाडा में रह रहे हैं। एजेंसी ने अब तक 30,000 से ज्यादा डिपोर्ट वारंट जारी कर दिए हैं।
 

विज्ञापन
Canada Border Service Agency action on deportation from Canada
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

अमेरिका के बाद अब कनाडा में भी अवैध प्रवासियों के लिए मुश्किलें बढ़ गई हैं। कनाडा बॉर्डर सर्विस एजेंसी ने देशभर में रह रहे ऐसे लोगों के खिलाफ डिपोर्टेशन की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है, जिनका वीजा खत्म हो चुका है या जिनकी शरण याचिकाएं रद्द हो गई हैं।
विज्ञापन


एजेंसी ने अब तक 30,000 से ज्यादा डिपोर्ट वारंट जारी कर दिए हैं। इनमें बड़ी संख्या में वे लोग शामिल हैं जो गैरकानूनी तरीके से कनाडा में रह रहे थे, या जिनके अपराध से जुड़े रिकॉर्ड हैं। इसमें भारी संख्या में पंजाबी मूल के लोग हैं, जिससे वहां हड़कंप मच गया है। पंजाबी मूल के काफी युवा ऐसे हैं, जिनका वर्क परमिट खत्म हो चुका है और वे अवैध रूप से कनाडा में रह रहे हैं।
विज्ञापन


एजेंसी ने साफ किया है कि यह कार्रवाई तीन तरह के लोगों पर सबसे पहले होगी, जिसमें जिनकी राजनीतिक शरण की अर्जी खारिज हो चुकी है और अवैध तरीके से कनाडा में रह रहे हैं। जिनका अपराधों से कोई जुड़ाव रहा है। कनाडा के प्रसिद्ध इमिग्रेशन एक्सपर्ट परविंदर सिंह मोंटू का कहना है कि इन 30,000 लोगों में से 88 फीसदी सिर्फ वही लोग हैं जिनकी शरण याचिका रद्द हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

पढ़ाई बीच में छोड़ने वालों पर नजर

एजेंसी की लिस्ट में वह छात्र भी शामिल हैं जिन्होंने पढ़ाई बीच में छोड़ दी है, साथ ही वे लोग जिनका टूरिस्ट वीजा खत्म हो गया, लेकिन वे अब तक लौटे नहीं। कुछ ऐसे लोग भी हैं जो पीआर कार्ड होल्डर होते हुए भी अपराधों में लिप्त पाए गए। जल्द ही ऐसे युवाओं को वापस भेजने की प्रकिया शुरू कर दी जाएगी। एजेंसी ने यह भी साफ किया है कि अगर कोई डिपोर्ट किया गया व्यक्ति बाद में फिर से कनाडा का वीजा लेना चाहता है, तो उसे पहले 3,800 (कनाडाई डॉलर) सरकार द्वारा की गई डिपोर्ट की लागत के रूप में चुकाने होंगे। अगर उसे स्पेशल एस्कॉर्ट के साथ (सुरक्षा में) वापस भेजा गया था, तो उसे 12,800 कनाडाई डॉलर चुकाने होंगे। 

एजेंसी की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, 21 अक्तूबर तक 457,646 लोग कनाडा से निकाले जाने के अलग-अलग स्टेज पर हैं। 27,675 लोग जो देश निकाले के आखिरी स्टेज में हैं। 378,320 लोग जो निगरानी में हैं, और या तो शरणार्थी बनने के फैसले का इंतजार कर रहे हैं, या उनके खिलाफ निष्कासन आदेश हैं, जो अभी लागू नहीं हो रहे। 29,731 लोग जिनका ठिकाना पता नहीं है, और वे फरार हैं।


कनाडा के एक्सपर्ट न्यू इमेज की एमडी पूजा का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में शरण मांगने वाले प्रवासियों की संख्या बहुत तेजी से बढ़ी है। 2024 में अब तक 20,000 से ज्यादा शरण याचिकाएं दाखिल की गईं, जो 2019 की तुलना में 615 फीसदी ज्यादा हैं। सरकार इन याचिकाओं का निपटारा तेजी से कर रही है, क्योंकि इनमें से 98-99 फीसदी दावे झूठे पाए गए हैं। ऐसे लोगों को अब कनाडा छोड़ना
ही पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed