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आप में संगठन बचाने की कवायद: जालंधर में 1000 पर्यवेक्षकों संग बैठक, 3.5 घंटे की बैठक में 19 विधायक रहे नदारद

Wed, 29 Apr 2026 01:12 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालंधर Published by: Nivedita Updated Wed, 29 Apr 2026 01:12 PM IST
सार

सात सांसदों के पार्टी छोड़ने से आप को बड़ा झटका लगा है। इस घटनाक्रम ने पार्टी नेतृत्व को भी झकझोर दिया है और अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले संगठन की जड़ों तक चिंता पहुंच गई है।

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Bhagwant Mann Departure of Seven MPs Meeting of one thousand Observers Today all update
भगवंत मान - फोटो : X @BhagwantMann

विस्तार

पंजाब में 6 राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद आम आदमी पार्टी डैमेज कंट्रोल में नजर आई। जालंधर में हुई करीब साढ़े तीन घंटे की बैठक में एक ओर जहां 1000 ब्लॉक पर्यवेक्षकों को बुलाकर संगठनात्मक मंथन किया गया, वहीं 19 विधायकों की गैरहाजिरी ने कई सवाल खड़े कर दिए।

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पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने बैठक के बाद भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्र सरकार ईडी और सीबीआई का दुरुपयोग कर आप नेताओं को डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने भाजपा को गद्दारों की पार्टी बताते हुए कहा कि विकास के नाम पर उसने कोई काम नहीं किया। वहीं प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी नेता साथ खड़े हैं।
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बैठक में आधिकारिक तौर पर 1000 ब्लॉक ऑब्जर्वरों को बुलाया गया था लेकिन कई विधायक और मंत्री भी इसमें शामिल हुए। पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवा भी मौजूद रहे। हालांकि बैठक के एजेंडे को लेकर पार्टी के भीतर ही अलग-अलग दावे सामने आए। कुछ नेताओं ने इसे नियमित संगठनात्मक बैठक बताया तो कुछ ने इसे नगर निगम चुनावों की तैयारी से जोड़ा।
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पहले यह बैठक मुख्यमंत्री आवास पर प्रस्तावित थी लेकिन बाद में इसे बदलकर शाहपुर सिटी कैंपस में आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। उन्होंने पर्यवेक्षकों और नेताओं से कहा कि वे गांवों में जाकर सरकार की उपलब्धियां लोगों तक पहुंचाएं और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करें।

बैठक से पहले माहौल हल्का रखने और एकजुटता दिखाने के लिए नेताओं और पर्यवेक्षकों को गेम्स भी कराए गए। विधायक रस्साकशी और अन्य गतिविधियों में हिस्सा लेते नजर आए। पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने इसे शक्ति प्रदर्शन और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की कवायद बताया।

हालांकि बैठक के बाहर इसे केवल ब्लॉक ऑब्जर्वर मीटिंग बताया गया लेकिन अंदर विधायकों और मंत्रियों की मौजूदगी से विपक्ष को हमला करने का मौका मिला। विपक्ष ने आरोप लगाया कि पार्टी अंदरूनी संकट को छिपाने की कोशिश कर रही है।

ये विधायक नहीं पहुंचे

जालंधर बैठक में 19 विधायक गैरहाजिर रहे। इनमें छह मंत्री चंडीगढ़ में कैबिनेट बैठक में शामिल होने गए थे। दो विधायक लालजीत भुल्लर और हरमीत सिंह पठानमाजरा जेल में हैं। कुंवर विजय प्रताप को पार्टी ने सस्पेंड कर रखा है जबकि केंद्रीय विधायक रमन अरोड़ा को कार्यक्रमों से दूर रखा जा रहा है और उनकी जगह नितिन कोहली जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। अमित रत्न भ्रष्टाचार मामले में जेल जा चुके हैं जबकि मनजिंदर सिंह ललपुरा हाल ही में बरी हुए हैं। इसके अलावा दलबीर सिंह, लाडी ढोस, लखबीर राय, गुरलाल पहलवान, मास्टर बुध राम और जसविंदर सिंह भी बैठक में नहीं पहुंचे।
 

गद्दार शब्द पर उठे विवाद पर बोले स्पीकर संधवा

बैठक में पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार संधवा, मंत्री बरिंदर गोयल और विधायक बलकार सिद्धू भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान “गद्दार” शब्द को लेकर उठे विवाद पर स्पीकर कुलतार संधवा ने कहा कि यह कोई छोटा मुद्दा नहीं है, इसका जवाब दो मिनट में नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी छोड़कर गए हैं, उन्हें खुद सोचना चाहिए कि उनका फैसला सही था या गलत। साथ ही उन्होंने सीएम भगवंत मान के बयान का जिक्र करते हुए कहा कि दो विधायकों वाली पार्टी में सात राज्यसभा सदस्य कैसे बन सकते हैं, यह सोचने वाली बात है। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे इस्तीफा देकर चुनाव लड़ें, तो सच्चाई सामने आ जाएगी।

भाजपा पर बरसे विधायक बलकार सिद्धू

विधायक बलकार सिद्धू ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि यह पार्टी पहले भी कई दलों को खत्म कर चुकी है और जो नेता इसमें शामिल हो रहे हैं, वे सिर्फ दो साल के मेहमान हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम चुनाव को लेकर यह बैठक बेहद अहम है और पार्टी पूरी मजबूती के साथ मैदान में उतरने जा रही है। वहीं मंत्री बरिंदर गोयल ने इसे रूटीन मीटिंग बताते हुए कहा कि पार्टी में ब्लॉक स्तर से लेकर मुख्यमंत्री तक सभी एकजुट हैं और पंजाब की बेहतरी के लिए लगातार चर्चा की जा रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी छोड़ने वालों से कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि नुकसान उन्हें ही होता है।

आप नेताओं ने कांग्रेस और विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि विपक्ष के 50 विधायकों के पार्टी छोड़ने के दावे बेबुनियाद हैं। साथ ही यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने अपने वादे पूरे किए हैं और जनता 2027 में फिर से पार्टी को सत्ता में लाने का मन बना चुकी है। बैठक में पार्टी संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं से फीडबैक लेने और आगामी चुनावों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।

सात सांसदों ने एक साथ छोड़ी थी पार्टी

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत उस समय हुई जब सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में उप नेता पद से हटाए जाने के बाद कुछ बड़ा होने की आशंका जताई थी। उस समय इसे सामान्य बयान माना गया, लेकिन बाद में सात सांसदों के एक साथ अलग होने से पार्टी के भीतर हड़कंप मच गया। अब पंजाब में आप के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर सरकार को स्थिर रखना है, दूसरी ओर संगठन को टूटने से बचाना है। यदि इस समय असंतोष बढ़ता है तो इसका सीधा असर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है।

पंजाब में आप की परीक्षा शुरू

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में आप की असली परीक्षा अब शुरू हुई है। सत्ता में होने के बावजूद यदि पार्टी अपने नेताओं और विधायकों को साथ नहीं रख पाती तो विपक्ष इसे बड़ा मुद्दा बना सकता है। वहीं यदि मुख्यमंत्री मान संगठन को संभालने में सफल रहते हैं तो इसे उनके नेतृत्व की बड़ी उपलब्धि माना जाएगा। फिलहाल पंजाब की राजनीति में यही चर्चा है कि पार्टी इस संकट से किस हद तक उबर पाती है। 

चार-पांच के जाने से फर्क नहीं, गांवों से फिर मजबूत होगी आप: मान

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पार्टी छोड़ने वाले नेताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि चार-पांच लोगों के जाने से कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि उन्हें कई दिनों से बधाई के फोन आ रहे हैं कि अच्छा हुआ वे चले गए। मान ने कहा कि संगठन हमेशा व्यक्ति से बड़ा होता है और पंजाब में उनके पास 10 हजार सरपंचों का मजबूत नेटवर्क है।

वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मान ने ऐलान किया कि वह खुद गांवों की ओर कूच करेंगे। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की शुरुआत गांवों की चौपाल से हुई थी और अब वहीं से दोबारा बैठकों का दौर शुरू होगा।

मान ने कहा कि 1 मई से पंजाब की नहरों में पानी छोड़ा जाएगा जो एक अहम कदम है। उन्होंने दावा किया कि एक सर्वे में पंजाब में आप को बढ़त मिल रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे अपने क्षेत्रों की रिपोर्ट तैयार करें और बताएं कि क्या काम हुए हैं और आगे क्या होने वाले हैं।

उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि तापमान 50 डिग्री भी हो जाए तो भी वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि वे अरविंद केजरीवाल के सिपाही हैं और भगत सिंह को आदर्श मानकर उसी रास्ते पर चल रहे हैं।
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