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माडल टाऊन मार्केट की प्रधानगी को लेकर दो कांग्रेसी पार्षदों में ठनी, खुलेआम चैलेंज
Updated Sat, 24 Feb 2018 10:24 PM IST
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दो कांग्रेसी पार्षदों में ठनी, दिया चैलेंज
माडल टाऊन मार्केट की प्रधानगी के लिए फेसबुक पर खुलेआम जंग
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
शहर की माडल टाऊन मार्केट की प्रधानगी को लेकर कांग्रेस के दो पार्षदों के बीच ठन गई है। यह आग विधानसभा चुनावों के समय से सुलग रही थी। एक पार्षद को पद्मश्री परगट सिंह का वरदहस्त है और दूसरे को पूर्व विधायक जगबीर बराड़ व पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी का संरक्षण होना बताया जा रहा है। पार्षद रोहन सहगल ने तो खुलेआम फेसबुक पर पार्षद अरुणा अरोड़ा व उसके पति पूूर्व पार्षद मनोज अरोड़ा को चुनौती देकर बहस के लिए कहा है। बहरहाल, माडल टाऊन मार्केट दो फाड़ हो गई है।
दरअसल, माडल टाऊन मार्केट के प्रधान मनोज अरोड़ा होते थे, जिन्होंने मार्केट से राजनीति शुरू कर कई बार कांग्रेस से पार्षद बने और बाद में लगातार दो बार अपनी पत्नी अरुणा अरोड़ा को भी जिताया। अरोड़ा परिवार पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी के अलावा पूर्व विधायक जगबीर बराड़ का खासमखास रहा है। दो साल पहले परगट सिंह के नजदीकी रोहन सहगल ने मार्केट की प्रधानगी संभाल ली, उस समय शिअद-भाजपा की सरकार होती थी और पद्मश्री परगट सिंह शिअद विधायक थे।
एसोसिएशन के चेयरमैन की कुर्सी लाली घुम्मण को दी गई थी। हालात बदले और परगट सिंह कांग्रेस में शामिल हुए तो रोहन सहगल ने भी अकाली दल को अलविदा कहकर उनका हाथ थाम लिया। निगम चुनावों में रोेहन सहगल कांग्रेस की टिकट पर पार्षद बने और मनोेज अरोड़ा की पत्नी अरुणा अरोड़ा दोबारा पार्षद बन गईं। दोनों की नजर माडल टाऊन मार्केट की प्रधानगी पर थी। लाली घुम्मण ने भी रोहन की दोस्ती छोड़कर मनोज अरोड़ा का साथ निभाना शुरू कर दिया और दो दिन पहले एकाएक लाली घुम्मण ने एसोसिएशन को भंग कर दी।
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इससे गुस्साए कांग्रेसी पार्षद रोहन सहगल ने फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड कर कहा है कि एसोसिएशन एक रजिस्टर्ड बाडी है। ऐसे में प्रधान और महासचिव के अलावा कोई फैसला नहीं ले सकता है। उनका आरोप है कि मनोज अरोड़ा एसोसिएशन के प्रधान की कुर्सी के पीछे भाग रहे हैं। इसी कारण मनोज अरोड़ा एसोसिएशन को खराब कर रहे हैं। वह मनोज को ओपन चैलेंज करते हैं कि वह उनके साथ खुले तौर पर बहस करें।
वहीं मनोज अरोड़ा ने कहा कि वह पांच दिन से कनाडा के सांसद के साथ व्यस्त हैं। उन्हें एसोसिएशन के दोफाड़ होने बारे कोई जानकारी नहीं है। वह दुकानदारों की राजनीति नहीं करना चाहते। वह पंजाब कांग्रेस की टीम का हिस्सा हैं और दुकानों की राजनीति उनका स्तर नहीं है। पहले वह प्रधान जरूर थे। अब उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है। रोहन सहगल झूठे आरोप लगा रहे हैं।
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माडल टाऊन मार्केट की प्रधानगी के लिए फेसबुक पर खुलेआम जंग
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
शहर की माडल टाऊन मार्केट की प्रधानगी को लेकर कांग्रेस के दो पार्षदों के बीच ठन गई है। यह आग विधानसभा चुनावों के समय से सुलग रही थी। एक पार्षद को पद्मश्री परगट सिंह का वरदहस्त है और दूसरे को पूर्व विधायक जगबीर बराड़ व पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी का संरक्षण होना बताया जा रहा है। पार्षद रोहन सहगल ने तो खुलेआम फेसबुक पर पार्षद अरुणा अरोड़ा व उसके पति पूूर्व पार्षद मनोज अरोड़ा को चुनौती देकर बहस के लिए कहा है। बहरहाल, माडल टाऊन मार्केट दो फाड़ हो गई है।
दरअसल, माडल टाऊन मार्केट के प्रधान मनोज अरोड़ा होते थे, जिन्होंने मार्केट से राजनीति शुरू कर कई बार कांग्रेस से पार्षद बने और बाद में लगातार दो बार अपनी पत्नी अरुणा अरोड़ा को भी जिताया। अरोड़ा परिवार पूर्व सांसद मोहिंदर सिंह केपी के अलावा पूर्व विधायक जगबीर बराड़ का खासमखास रहा है। दो साल पहले परगट सिंह के नजदीकी रोहन सहगल ने मार्केट की प्रधानगी संभाल ली, उस समय शिअद-भाजपा की सरकार होती थी और पद्मश्री परगट सिंह शिअद विधायक थे।
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एसोसिएशन के चेयरमैन की कुर्सी लाली घुम्मण को दी गई थी। हालात बदले और परगट सिंह कांग्रेस में शामिल हुए तो रोहन सहगल ने भी अकाली दल को अलविदा कहकर उनका हाथ थाम लिया। निगम चुनावों में रोेहन सहगल कांग्रेस की टिकट पर पार्षद बने और मनोेज अरोड़ा की पत्नी अरुणा अरोड़ा दोबारा पार्षद बन गईं। दोनों की नजर माडल टाऊन मार्केट की प्रधानगी पर थी। लाली घुम्मण ने भी रोहन की दोस्ती छोड़कर मनोज अरोड़ा का साथ निभाना शुरू कर दिया और दो दिन पहले एकाएक लाली घुम्मण ने एसोसिएशन को भंग कर दी।
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इससे गुस्साए कांग्रेसी पार्षद रोहन सहगल ने फेसबुक पर एक वीडियो अपलोड कर कहा है कि एसोसिएशन एक रजिस्टर्ड बाडी है। ऐसे में प्रधान और महासचिव के अलावा कोई फैसला नहीं ले सकता है। उनका आरोप है कि मनोज अरोड़ा एसोसिएशन के प्रधान की कुर्सी के पीछे भाग रहे हैं। इसी कारण मनोज अरोड़ा एसोसिएशन को खराब कर रहे हैं। वह मनोज को ओपन चैलेंज करते हैं कि वह उनके साथ खुले तौर पर बहस करें।
वहीं मनोज अरोड़ा ने कहा कि वह पांच दिन से कनाडा के सांसद के साथ व्यस्त हैं। उन्हें एसोसिएशन के दोफाड़ होने बारे कोई जानकारी नहीं है। वह दुकानदारों की राजनीति नहीं करना चाहते। वह पंजाब कांग्रेस की टीम का हिस्सा हैं और दुकानों की राजनीति उनका स्तर नहीं है। पहले वह प्रधान जरूर थे। अब उन्हें कोई दिलचस्पी नहीं है। रोहन सहगल झूठे आरोप लगा रहे हैं।