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मजदूरों ने घेरा जिला परिषद कार्यालय
Updated Tue, 06 Mar 2018 10:21 PM IST
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मजदूरों ने घेरा जिला परिषद कार्यालय
मनरेगा का बंद कार्य शुरू न करने के रोष में प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
मनरेगा का बंद कार्य शुरू न करने के रोषस्वरूप मंगलवार को मनरेगा मजदूरों ने जिला परिषद कार्यालय का घेराव किया। इस मौके पर मजदूरों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इससे पहले मजदूरों ने गुरु गोबिंद सिंह पार्क में बैठक भी की।
दोपहर करीब एक बजे मजदूरों ने जिला परिषद कार्यालय का घेराव कर लिया, जो करीब एक घंटे तक जारी रहा। यूनियन के प्रांतीय मुख्य सलाहकार जगरूप सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह किरती विरोधी नीति पर चल रहे हैं। इस वजह से ही मनरेगा का हक छीना जा रहा है। कानून की पारदर्शिता तक खत्म की जा रही है। मनरेगा के अधीन न तो रसीद दी जाती है और न कार्य का हक, न कार्य का वेतन, बेरोजगारी भत्ता तक नहीं मिलता। इसके विरोध में कोई भी सुनवाई तक नहीं है।
कार्य न मिलने से मजदूरों को घर का गुजारा करना तक मुश्किल हो गया है। इस दौरान उन्होंने एडीसी (विकास) हरिंदर सिंह सरां के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें उन्होंने मनरेगा गारंटी का हक हड़पना बंद करने, ऐसा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, कार्य के आवेदन प्रवान करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही उनकी मांगों की पूर्ति नहीं होती तो वह संघर्ष को और भी तीव्र करेंगे। इस दौरान हरलाभ सिंह, बोहड़ सिंह, गुरतेज सिंह, जैमल सिंह, बोहड़ सिंह सुखना, चंबा सिंह, चरणजीत सिंह और गुरमेल सिंह दोदा भी मौजूद थे।
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मनरेगा का बंद कार्य शुरू न करने के रोष में प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर।
मनरेगा का बंद कार्य शुरू न करने के रोषस्वरूप मंगलवार को मनरेगा मजदूरों ने जिला परिषद कार्यालय का घेराव किया। इस मौके पर मजदूरों ने जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। इससे पहले मजदूरों ने गुरु गोबिंद सिंह पार्क में बैठक भी की।
दोपहर करीब एक बजे मजदूरों ने जिला परिषद कार्यालय का घेराव कर लिया, जो करीब एक घंटे तक जारी रहा। यूनियन के प्रांतीय मुख्य सलाहकार जगरूप सिंह ने केंद्र और राज्य सरकार पर आरोप लगाया कि वह किरती विरोधी नीति पर चल रहे हैं। इस वजह से ही मनरेगा का हक छीना जा रहा है। कानून की पारदर्शिता तक खत्म की जा रही है। मनरेगा के अधीन न तो रसीद दी जाती है और न कार्य का हक, न कार्य का वेतन, बेरोजगारी भत्ता तक नहीं मिलता। इसके विरोध में कोई भी सुनवाई तक नहीं है।
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कार्य न मिलने से मजदूरों को घर का गुजारा करना तक मुश्किल हो गया है। इस दौरान उन्होंने एडीसी (विकास) हरिंदर सिंह सरां के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा। इसमें उन्होंने मनरेगा गारंटी का हक हड़पना बंद करने, ऐसा करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने, कार्य के आवेदन प्रवान करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही उनकी मांगों की पूर्ति नहीं होती तो वह संघर्ष को और भी तीव्र करेंगे। इस दौरान हरलाभ सिंह, बोहड़ सिंह, गुरतेज सिंह, जैमल सिंह, बोहड़ सिंह सुखना, चंबा सिंह, चरणजीत सिंह और गुरमेल सिंह दोदा भी मौजूद थे।
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