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शिक्षकों ने फूंका सरकार का पुतला
Updated Sat, 10 Mar 2018 10:36 PM IST
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जबरन तबादले और वेतन न मिलने पर सरकार से हैं खफा
अमर उजाला ब्यूरो
मलोट (मुक्तसर)।
एलीमेंट्री टीचर्स यूनियन की ओर से शनिवार को गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन, बीएड अध्यापक यूनियन, ईटीटी शिक्षक यूनियन के साथ मिलकर मलोट में राज्य सरकार व पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के खिलाफ रोष रैली की गई। वहीं सरकार का पुतला फूंका गया।
अध्यापक नेता हैरी बठला, हिम्मत सिंह, कुलविंदर सिंह, सुदर्शन जग्गा, गुरपाल सिंह ने बताया कि राज्य सरकार व शिक्षा विभाग हर रोज किसी न किसी नादरशाही फरमान के जरिए शिक्षा को पतन की ओर ले जा रहा है। पिछले दिनों सात वर्ष पूरे कर चुके शिक्षकों का जबरन तबादला करने संबंधी आदेश जारी किए गए पत्र को सरकार तुरंत वापस ले क्योंकि इस पत्र के जारी होने से शिक्षा विभाग पर असर पड़ेगा। शिक्षकों की अपने स्कूल व विद्यार्थियों के साथ भावनात्मक सांझ होती है। ऐसा करके सरकार उनका भावनात्मक सांझ खत्म कर देगी। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी असर पड़ेगा। वहीं पिछले दो महीनों से शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है। इस कारण शिक्षक तंगहाली का जीवन गुजार रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो संघर्ष तेज किया जाएगा। मौके पवन कुमार, कीमत चराया, संतोष कुमार, राकेश गर्ग, मनोहर लाल शर्मा, हरविंदर सिंह, सुमन बाला, जसकरनजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह ढिल्लों, कुलदीप शर्मा, अशोक शर्मा उपस्थित थे।
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अमर उजाला ब्यूरो
मलोट (मुक्तसर)।
एलीमेंट्री टीचर्स यूनियन की ओर से शनिवार को गवर्नमेंट टीचर्स यूनियन, बीएड अध्यापक यूनियन, ईटीटी शिक्षक यूनियन के साथ मिलकर मलोट में राज्य सरकार व पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के खिलाफ रोष रैली की गई। वहीं सरकार का पुतला फूंका गया।
अध्यापक नेता हैरी बठला, हिम्मत सिंह, कुलविंदर सिंह, सुदर्शन जग्गा, गुरपाल सिंह ने बताया कि राज्य सरकार व शिक्षा विभाग हर रोज किसी न किसी नादरशाही फरमान के जरिए शिक्षा को पतन की ओर ले जा रहा है। पिछले दिनों सात वर्ष पूरे कर चुके शिक्षकों का जबरन तबादला करने संबंधी आदेश जारी किए गए पत्र को सरकार तुरंत वापस ले क्योंकि इस पत्र के जारी होने से शिक्षा विभाग पर असर पड़ेगा। शिक्षकों की अपने स्कूल व विद्यार्थियों के साथ भावनात्मक सांझ होती है। ऐसा करके सरकार उनका भावनात्मक सांझ खत्म कर देगी। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई पर भी असर पड़ेगा। वहीं पिछले दो महीनों से शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है। इस कारण शिक्षक तंगहाली का जीवन गुजार रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को अनदेखा किया गया तो संघर्ष तेज किया जाएगा। मौके पवन कुमार, कीमत चराया, संतोष कुमार, राकेश गर्ग, मनोहर लाल शर्मा, हरविंदर सिंह, सुमन बाला, जसकरनजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह ढिल्लों, कुलदीप शर्मा, अशोक शर्मा उपस्थित थे।
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