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बसपा व शिअदद-भाजपा समर्थकों में टकराव की स्थिति
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बसपा और शिअद-भाजपा समर्थक हुए आमने-सामने
बसपा ने मायावती तो भाजपा -शिअद ने मोदी के लगाए नारे
पुलिस ने संभाला मोर्चा, मुश्किल से संभाली स्थिति
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। शुक्रवार को जालंधर के जिला चुनाव अधिकारी के दफ्तर के बाहर बसपा और शिअद-भाजपा के समर्थकों के बीच उस समय टकराव की स्थिति बन गई, जब शिअद प्रत्याशी चरणजीत सिंह अटवाल नामांकन भरने डीसी कार्यालय पहुंचे। डीसी कार्यालय के बाहर चल रही बसपा रैली से वर्कर निकलकर अटवाल के काफिले के आगे आ गए और बसपा समर्थकों ने अपने बहन मायावती के नारे लगाने लगे। अकाली दल-भाजपा गठबंधन प्रत्याशी के समर्थकों ने भी मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए। एक बार तो पुलिस को स्थिति संभालने में हाथों-पैरों की पड़ती नजर आई, लेकिन यह बात सिर्फ नारेबाजी तक सीमित रही और धीरे-धीरे डेमोक्रेटिक अलायंस के बसपा प्रत्याशी बलविंदर कुमार के समर्थक पीछे हटने लगे और वापस पंडाल में चले गए। अटवाल एक काफिले के रूप में जिला चुनाव अधिकारी के कार्यालय पहुंचे तो वहां बाहर बसपा की रैली चल रही थी। बसपा की रैली से वर्कर निकलकर अटवाल के काफिले से आगे खड़े हो गए और नारेबाजी करने लगे। तनावपूर्ण माहौल को संभालने के लिए डीसीपी गुरमीत सिंह मौके पर आए और बसपा वर्करों को एक तरफ ले जाकर पंडाल में दोबारा बैठाया। दरअसल, बसपा की रैली के लिए शाम पांच बजे तक की परमिशन थी और अकाली दल के वर्कर काफिला लेकर वहां से निकल रहे थे।
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बसपा ने मायावती तो भाजपा -शिअद ने मोदी के लगाए नारे
पुलिस ने संभाला मोर्चा, मुश्किल से संभाली स्थिति
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। शुक्रवार को जालंधर के जिला चुनाव अधिकारी के दफ्तर के बाहर बसपा और शिअद-भाजपा के समर्थकों के बीच उस समय टकराव की स्थिति बन गई, जब शिअद प्रत्याशी चरणजीत सिंह अटवाल नामांकन भरने डीसी कार्यालय पहुंचे। डीसी कार्यालय के बाहर चल रही बसपा रैली से वर्कर निकलकर अटवाल के काफिले के आगे आ गए और बसपा समर्थकों ने अपने बहन मायावती के नारे लगाने लगे। अकाली दल-भाजपा गठबंधन प्रत्याशी के समर्थकों ने भी मोदी के नारे लगाने शुरू कर दिए। एक बार तो पुलिस को स्थिति संभालने में हाथों-पैरों की पड़ती नजर आई, लेकिन यह बात सिर्फ नारेबाजी तक सीमित रही और धीरे-धीरे डेमोक्रेटिक अलायंस के बसपा प्रत्याशी बलविंदर कुमार के समर्थक पीछे हटने लगे और वापस पंडाल में चले गए। अटवाल एक काफिले के रूप में जिला चुनाव अधिकारी के कार्यालय पहुंचे तो वहां बाहर बसपा की रैली चल रही थी। बसपा की रैली से वर्कर निकलकर अटवाल के काफिले से आगे खड़े हो गए और नारेबाजी करने लगे। तनावपूर्ण माहौल को संभालने के लिए डीसीपी गुरमीत सिंह मौके पर आए और बसपा वर्करों को एक तरफ ले जाकर पंडाल में दोबारा बैठाया। दरअसल, बसपा की रैली के लिए शाम पांच बजे तक की परमिशन थी और अकाली दल के वर्कर काफिला लेकर वहां से निकल रहे थे।