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Jalandhar News: टावर पर चढ़े बुजुर्गों का दसवें दिन भी संघर्ष जारी, कुलविंदर को सांस लेने में दिक्कत
Thu, 03 Sep 2026 03:41 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Updated Thu, 03 Sep 2026 03:41 PM IST
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फोटो 02 पठानकोट डीसी रिहाइश निकट टावर पर चढ़े दोनों बुजुर्ग। संवाद फोटो 02 पी 01 टॉवर पर चढ़ने
दिन में एक बार खाना खाने को हुए मजबूर, प्रशासन लिफाफे में डाल दवाएं रस्सी से भेज रहा ऊपर
संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट। बैराज औसती संघर्ष कमेटी, जैनी जुगियाल के 79 सदस्यों को नौकरी देने की मांग पर दो बुजुर्ग दसवें दिन भी टावर पर डटे हैं। 88 वर्षीय शरम सिंह और 82 वर्षीय कुलविंदर सिंह डीसी पठानकोट की रिहाइश माधोपुर के निकट टावर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। दस दिन से टावर पर रहने के कारण अब दोनों बुजुर्गों की हालत बिगड़ने लगी है।
संघर्ष कर रहे बुजुर्गों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक वे नीचे नहीं उतरेंगे। उन्हें गर्मी, धूप, बारिश और तूफान का सामना करना पड़ रहा है। संघर्ष कमेटी के प्रधान दयाल सिंह ने बताया कि कुलविंदर सिंह को सांस लेने में परेशानी हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी बुजुर्ग को जानलेवा नुकसान होने पर डैम प्रशासन और सरकार जिम्मेदार होगी। न्याय न मिलने पर कमेटी जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे जाम करने को मजबूर होगी। दयाल सिंह ने प्रशासन से बुजुर्गों की मांगों को पूरा करने और उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने की अपील की। बुजुर्गों के लिए दवाइयां और खाना रस्सी से ऊपर भेजे जा रहे हैं।
2010 से जारी है संघर्ष
संघर्ष कमेटी की मुख्य मांग है कि बिना जांच-पड़ताल के नौकरी पर रखे गए कर्मचारियों को हटाया जाए। इसके बाद असली बैराज औसती संघर्ष कमेटी के सदस्यों को नौकरी दी जाए। शाहपुर कंडी बैराज बांध निर्माण से पहले इन कर्मियों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। कमेटी के अनुसार उनका संघर्ष वर्ष 2010 से चला आ रहा है। जिला प्रशासन ने बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए पुलिस, दमकल विभाग और सेहत विभाग को मौके पर तैनात किया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
पठानकोट। बैराज औसती संघर्ष कमेटी, जैनी जुगियाल के 79 सदस्यों को नौकरी देने की मांग पर दो बुजुर्ग दसवें दिन भी टावर पर डटे हैं। 88 वर्षीय शरम सिंह और 82 वर्षीय कुलविंदर सिंह डीसी पठानकोट की रिहाइश माधोपुर के निकट टावर पर प्रदर्शन कर रहे हैं। दस दिन से टावर पर रहने के कारण अब दोनों बुजुर्गों की हालत बिगड़ने लगी है।
संघर्ष कर रहे बुजुर्गों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक वे नीचे नहीं उतरेंगे। उन्हें गर्मी, धूप, बारिश और तूफान का सामना करना पड़ रहा है। संघर्ष कमेटी के प्रधान दयाल सिंह ने बताया कि कुलविंदर सिंह को सांस लेने में परेशानी हो रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी बुजुर्ग को जानलेवा नुकसान होने पर डैम प्रशासन और सरकार जिम्मेदार होगी। न्याय न मिलने पर कमेटी जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे जाम करने को मजबूर होगी। दयाल सिंह ने प्रशासन से बुजुर्गों की मांगों को पूरा करने और उन्हें सुरक्षित नीचे उतारने की अपील की। बुजुर्गों के लिए दवाइयां और खाना रस्सी से ऊपर भेजे जा रहे हैं।
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2010 से जारी है संघर्ष
संघर्ष कमेटी की मुख्य मांग है कि बिना जांच-पड़ताल के नौकरी पर रखे गए कर्मचारियों को हटाया जाए। इसके बाद असली बैराज औसती संघर्ष कमेटी के सदस्यों को नौकरी दी जाए। शाहपुर कंडी बैराज बांध निर्माण से पहले इन कर्मियों की जमीन अधिग्रहित की गई थी। कमेटी के अनुसार उनका संघर्ष वर्ष 2010 से चला आ रहा है। जिला प्रशासन ने बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए पुलिस, दमकल विभाग और सेहत विभाग को मौके पर तैनात किया है।
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