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किसानों का कर्जा माफी को लेकर सीपीआई ने किया प्रदर्शन
Updated Tue, 25 Jul 2017 10:06 PM IST
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किसानों की कर्जमाफी को लेकर रोष प्रदर्शन
जालंधर। जेल भरो आंदोलन के तहत मंगलवार को भारती कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) वर्करों ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का यह प्रदर्शन केन्द्र सरकार और किसान नीतियों के खिलाफ था।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे रजिंदर मंड एडवोकेट ने किसानों को कहा कि आलू, टमाटर, मिर्च, दाल, सोयाबीन की फसलें सड़कों पर फैंकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं। कारण है कि किसानों को मंडियों में फसल का सहीं दाम तक नहीं मिल रहा हैं। उन्होंने कहा कि किसानों पर संकट बढ़ता ही जा रहा हैं। रोजाना करीब 35 किसान व खेत मजदूर आत्महत्याएं कर रहे हैं। केंद्र की भाजपा सरकार किसानों का कर्जा माफ करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशे नहीं लागू कर रही है।
राजिंदर मंड ने जीएसटी पर कहा कि सरकार ने सभी गरीबों को मारा हैं, जैसे नोटबंदी के लिए कोई तैयार नहीं था, वैसे ही जीएसटी के लिए कोई तैयार नहीं है। मोदी सरकार को गरीबों की कोई परवाह नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि खेती के लागत खर्चे को कम किया जाए। खेती के सामान को जीएसटी से बाहर किया जाए। किसानों के सभी कर्जों को माफ किया जाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई वर्करों को गिरफ्तार कर बसों में बैठाया और बाद में छोड़ दिया गया। इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी के मेंबर र्स्वन अकलपुरी, संतोष बराड़, हरजिंदर मोजी, कामरेड राजेश थापा मौजूद थे।
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जालंधर। जेल भरो आंदोलन के तहत मंगलवार को भारती कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) वर्करों ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का यह प्रदर्शन केन्द्र सरकार और किसान नीतियों के खिलाफ था।
प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे रजिंदर मंड एडवोकेट ने किसानों को कहा कि आलू, टमाटर, मिर्च, दाल, सोयाबीन की फसलें सड़कों पर फैंकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा हैं। कारण है कि किसानों को मंडियों में फसल का सहीं दाम तक नहीं मिल रहा हैं। उन्होंने कहा कि किसानों पर संकट बढ़ता ही जा रहा हैं। रोजाना करीब 35 किसान व खेत मजदूर आत्महत्याएं कर रहे हैं। केंद्र की भाजपा सरकार किसानों का कर्जा माफ करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशे नहीं लागू कर रही है।
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राजिंदर मंड ने जीएसटी पर कहा कि सरकार ने सभी गरीबों को मारा हैं, जैसे नोटबंदी के लिए कोई तैयार नहीं था, वैसे ही जीएसटी के लिए कोई तैयार नहीं है। मोदी सरकार को गरीबों की कोई परवाह नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि खेती के लागत खर्चे को कम किया जाए। खेती के सामान को जीएसटी से बाहर किया जाए। किसानों के सभी कर्जों को माफ किया जाए। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई वर्करों को गिरफ्तार कर बसों में बैठाया और बाद में छोड़ दिया गया। इस मौके पर प्रदेश कार्यकारिणी के मेंबर र्स्वन अकलपुरी, संतोष बराड़, हरजिंदर मोजी, कामरेड राजेश थापा मौजूद थे।
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