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संत सीचेवाल का बाबा नानक की नगरी को ‘सोलर सिटी’ बनाने का आह्वान
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सुलतानपुर लोधी (कपूरथला)। सिख धर्म के संस्थापक साहिब श्री गुरु नानक देव जी की पावन नगरी सुल्तानपुर लोधी को ‘सोलर सिटी’ बनाने के लिए संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने संगत से आह्वान किया है। यह बात संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बाबा नानक के 550वें प्रकाश पर्व को हर्षोल्लास से मनाने की तैयारियों को लेकर पवित्र काली बेईं किनारे संत-महापरुषों, बुद्धिजीवियों और समाजसेवकों की बैठक में कही। इस दौरान सर्वसम्मति से प्रकाश पर्व पर अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण कांफ्रेंस करवाने का फैसला लिया गया।
संत सीचेवाल ने बताया कि 1969 में श्री गुरु नानक देव जी का 500वां प्रकाश पर्व मनाया गया। लेकिन पिछले 50 वर्षों के दौरान ही पर्यावरण का सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि बाबे नानक को मानने वालों ने ही उनके उपदेशों से मुख क्यों मोड़ लिया। बाबे नानक के संदेश को घर-घर पहुंचाने के लिए हर गांव में 550 पौधे लगाने की मुहिम लगातार जारी है और सूबे में रियावती पौधों को अधिक तादाद में रोपा जाएगा। राजयोगी वैद्य संत दया सिंह ने कहा कि प्रकाश पर्व को समर्पित आयुर्वेद और यूनानी विधियों की शिक्षा का केंद्र सुल्तानपुर लोधी निर्मल कुटिया में बनाया जाएगा। सुल्तानपुर लोधी को सोलर सिटी बनाने के लिए निर्मल कुटिया में 20 किलोवाट का प्रोजेक्ट लाने के लिए नरिंदर सोनिया ने संत सीचेवाल का आभा जताया और पवित्र नगरी को सोलर सिटी के तौर पर विकसित करने के लिए सरकार व संगत से अपील की। उन्होंने बताया कि पवित्र काली बेईं के किनारे रोशनी से जगमगाने और बेईं के किनारे गांवों में स्नान घाट बनाने की योजना है, जिससे पानी के महत्व के बारे में बताया जा सके।
संत सीचेवाल ने बताया कि गांव धनोआ जहां से पवित्र बेईं शुरू होती है, वहां से बेईं के किनारे-किनारे नगर कीर्तन निकाला जाएगा। निर्मल कुटिया में कवि दरबार करवाए जाएंगे। सुल्तानपुर लोधी जैसे ऐतिहासिक नगर को साफ-सुथरा बनाया जाए। यहां दुनिया भर की नजरे लगी हैं और प्रकाश पर्व को महज छह माह का समय रह गया। अभी से काम शुरू किया जाएं। श्री गुरु नानक देव जी के इतिहास को प्रदर्शित करने के लिए बड़ी-बड़ी स्क्रीनें लगाई जाएंगी। इस मौके पर संत अमरीक सिंह खुखरैण, संत गुरमेज सिंह, संत गुरबचन सिंह, संत पाल सिंह लोहियां, गुरुद्वारा गुरसर साहब सैफलाबाद से बाबा महिंदर सिंह, बेबे नानकी ट्रस्ट से जसपाल सिंह, संत सुखजीत सिंह, प्रो. आसा सिंह घुम्मन, डा. निर्मल सिंह, आर्टिस्ट अमरजीत सिंह, सुरजीत सिंह शंटी, गुरविंदर सिंह बोपाराय, गुरविंदर कौर, कुलविंदर सिंह, प्रो. गुरविंदर सिंह मौजूद थे।
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संत सीचेवाल ने बताया कि 1969 में श्री गुरु नानक देव जी का 500वां प्रकाश पर्व मनाया गया। लेकिन पिछले 50 वर्षों के दौरान ही पर्यावरण का सबसे अधिक नुकसान हुआ है। उन्होंने सवाल किया कि बाबे नानक को मानने वालों ने ही उनके उपदेशों से मुख क्यों मोड़ लिया। बाबे नानक के संदेश को घर-घर पहुंचाने के लिए हर गांव में 550 पौधे लगाने की मुहिम लगातार जारी है और सूबे में रियावती पौधों को अधिक तादाद में रोपा जाएगा। राजयोगी वैद्य संत दया सिंह ने कहा कि प्रकाश पर्व को समर्पित आयुर्वेद और यूनानी विधियों की शिक्षा का केंद्र सुल्तानपुर लोधी निर्मल कुटिया में बनाया जाएगा। सुल्तानपुर लोधी को सोलर सिटी बनाने के लिए निर्मल कुटिया में 20 किलोवाट का प्रोजेक्ट लाने के लिए नरिंदर सोनिया ने संत सीचेवाल का आभा जताया और पवित्र नगरी को सोलर सिटी के तौर पर विकसित करने के लिए सरकार व संगत से अपील की। उन्होंने बताया कि पवित्र काली बेईं के किनारे रोशनी से जगमगाने और बेईं के किनारे गांवों में स्नान घाट बनाने की योजना है, जिससे पानी के महत्व के बारे में बताया जा सके।
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संत सीचेवाल ने बताया कि गांव धनोआ जहां से पवित्र बेईं शुरू होती है, वहां से बेईं के किनारे-किनारे नगर कीर्तन निकाला जाएगा। निर्मल कुटिया में कवि दरबार करवाए जाएंगे। सुल्तानपुर लोधी जैसे ऐतिहासिक नगर को साफ-सुथरा बनाया जाए। यहां दुनिया भर की नजरे लगी हैं और प्रकाश पर्व को महज छह माह का समय रह गया। अभी से काम शुरू किया जाएं। श्री गुरु नानक देव जी के इतिहास को प्रदर्शित करने के लिए बड़ी-बड़ी स्क्रीनें लगाई जाएंगी। इस मौके पर संत अमरीक सिंह खुखरैण, संत गुरमेज सिंह, संत गुरबचन सिंह, संत पाल सिंह लोहियां, गुरुद्वारा गुरसर साहब सैफलाबाद से बाबा महिंदर सिंह, बेबे नानकी ट्रस्ट से जसपाल सिंह, संत सुखजीत सिंह, प्रो. आसा सिंह घुम्मन, डा. निर्मल सिंह, आर्टिस्ट अमरजीत सिंह, सुरजीत सिंह शंटी, गुरविंदर सिंह बोपाराय, गुरविंदर कौर, कुलविंदर सिंह, प्रो. गुरविंदर सिंह मौजूद थे।
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