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डीजल को जीएसटी दायरे में लाने की मांग को लेकर ट्रक आप्रेटर गए हड़ताल पर
Updated Mon, 09 Oct 2017 10:19 PM IST
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सूबे के एक लाख ट्रक ऑपरेटरों का चक्का जाम
डीजल को जीएसटी में शामिल न करने के विरोध में हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
सूबे भर के करीब 1 लाख ट्रक ऑपरेटरों ने सोमवार को चक्का जाम कर दिया। वे डीजल को जीएसटी में शामिल न करने, ट्रांसपोर्ट पर जीएसटी स्पष्ट न होने और बढ़ी हुई डीजल की कीमतों के विरोध में हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल का आह्वान 36 घंटों के लिए किया गया है।
ऑल ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान हैप्पी संधू ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद ट्रांसपोर्ट कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत विभिन्न नीतियों की वजह से टांसपोर्ट क्षेत्र में काफी मश्किलें पैदा हो गई हैं। डीजल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी और रोजाना उतार चढ़ाव ट्रांसपोर्ट क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रक ऑपरेटरों को सबसे ज्यादा मार डीजल और टोल खर्च की पड़ती है।
देश में जीएसटी को आनन-फानन में लागू तो कर दिया गया, लेकिन जानबूझ कर डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं रखा गया है। अगर सरकार ऐसा करती तो आज डीजल व पेट्रोल की कीमतें आसमान न छूती। उन्होंने मांग की है कि डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाए।
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डीजल को जीएसटी में शामिल न करने के विरोध में हड़ताल
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
सूबे भर के करीब 1 लाख ट्रक ऑपरेटरों ने सोमवार को चक्का जाम कर दिया। वे डीजल को जीएसटी में शामिल न करने, ट्रांसपोर्ट पर जीएसटी स्पष्ट न होने और बढ़ी हुई डीजल की कीमतों के विरोध में हड़ताल पर चले गए हैं। इस हड़ताल का आह्वान 36 घंटों के लिए किया गया है।
ऑल ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान हैप्पी संधू ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद ट्रांसपोर्ट कारोबार बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि जीएसटी के तहत विभिन्न नीतियों की वजह से टांसपोर्ट क्षेत्र में काफी मश्किलें पैदा हो गई हैं। डीजल की कीमतों में हो रही बढ़ोतरी और रोजाना उतार चढ़ाव ट्रांसपोर्ट क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रक ऑपरेटरों को सबसे ज्यादा मार डीजल और टोल खर्च की पड़ती है।
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देश में जीएसटी को आनन-फानन में लागू तो कर दिया गया, लेकिन जानबूझ कर डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं रखा गया है। अगर सरकार ऐसा करती तो आज डीजल व पेट्रोल की कीमतें आसमान न छूती। उन्होंने मांग की है कि डीजल को भी जीएसटी के दायरे में लाया जाए।
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