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आतंकवाद के खिलाफ आर-पार के मूड में है देश की जनता

Fri, 15 Feb 2019 10:51 PM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Fri, 15 Feb 2019 10:51 PM IST
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आतंकवाद के खिलाफ आर-पार के मूड में है देश की जनता
आतंकवाद के खिलाफ आर-पार के मूड में लोग
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जालंधर। पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों पर जनता का गुस्सा भड़क उठा है। लोग आंतकवाद के खिलाफ आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि इस हमले से तो हद हो गई है। अब केंद्र सरकार को इस हमले का मुंह तोड़ जवाब देना ही चाहिए। यह हमला सैनिकों पर नहीं देश पर है।

अब कोई एक्सयूज नहीं बचा
इस हमले के बाद अब कोई एक्सक्यूज नहीं बचा है। सभी तरह की बातचीत को छोड़ कर भारत सरकार को इस हमले का कठोर जवाब देना चाहिए। आर्मी पर हमला देश पर हमला है। अगर सरकार उड़ी हमले के बाद सर्जिकल स्ट्राइक कर सकती है, तो यह शायद यह उससे भी बड़ा हमला है। इसके लिए देश की खुफिया एजेंसियां भी जिम्मेदार हैं, जो इसका सुराग नहीं पा सकी।
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- डॉ. जगरूप सिंह, प्रिंसिपल, मेहरचंद पालिटेक्निक कॉलेज

गृह मंत्री इस्तीफा दें
हमारे देश को बाहर के शत्रु से नहीं, देश के अंदर बैठे शत्रुओं से खतरा है। सरकार को सख्त कार्रवाई करते हुए इन शत्रुओं को खत्म करना होगा। अगर पंजाब में आतंकवाद का सफाया हो सकता है तो कश्मीर में क्यों नहीं हो सकता। सरकार अगर चाहे तो आतंकवाद खत्म किया जा सकता है, लेकिन वोट बैंक के कारण ऐसा नहीं किया जा रहा है। यह सरकार और इंटेलीजेंस की ही नाकामी है। इतने बड़े नरसंहार के बाद देश के गृह मंत्री को अपनी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए।
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- डॉ. संजीव शर्मा, ईएनटी स्पेशलिस्ट

सुरक्षा प्रबंधों की ढील है
कश्मीर में आतंकवाद पर काबू पाना इतना मुश्किल नहीं है। सरकार सख्त कदम उठाए तो इसका हल निकाला जा सकता है। कश्मीर में जो ताकतें आतंकवाद फैला रही हैं, उन ताकतों को खत्म करने के लिए केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे। यह हमला प्लानिंग के साथ हुआ है, जिसको लेकर खुफिया एजेंसियों की जवाबदेही व उनको ओर मजबूत बनाने की जरूरत है। अगर नेताओं के काफिले के दौरान जैमर, राडार व अन्य सुरक्षा उपकरण साथ चलते हैं तो सैनिकों के इतने बड़े काफिले के साथ ऐसा क्यों नहीं किया गया। अगर इस तरह के सुरक्षा उपकरण सैनिकों के पास होते तो शायद यह हमला कामयाब नहीं होता।

डॉ. अनूप बौरी, सचिव, इनोसेंट हार्ट ग्रुप

सर्जिकल स्ट्राइक से भी हो बड़ी कार्रवाई
यह एक कायरतापूर्ण हमला है, जिसको कभी माफ नहीं किया जा सकता। इस हमले के बाद अब सरकार को सर्जिकल स्ट्राइक से भी बड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। देश के वीर जवानों के मौत का बदला सरकार को कड़ी कार्रवाई करके लेना चाहिए। पूरा देश इन शहीदों की मौत पर गमगीन है।
डॉ. (श्रीमति) अजय सरीन, प्रिंसिपल, हंसराज महिला विश्वविद्यालय
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