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अध्यापक यूनियन ने की विधायक दफ्तर के बाहर भूख हड़ताल
Updated Sun, 23 Sep 2018 10:20 PM IST
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जालंधर। लंबे समय से मांगों को लेकर संघर्ष कर रही एसएसए रमसा अध्यापक यूनियन ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। भारी बरसात के बावजूद पूरे पंजाब में 5178 अध्यापकों ने नेताओं के घरों समक्ष भूख हड़ताल कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।लप्रदर्शन के दौरान अध्यापकों ने नवंबर 2017 से एक साथ रेगुलर करने का मुद्दा उठाया। जालंधर से आशीष जुलाहा की देख रेख में 5178 अध्यापकों ने जालंधर से नार्थ हलके के विधायक बावा हेनरी (जूनियर हेनरी) के दफ्तर समक्ष धरना दिया।
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अध्यापकों ने भूख हड़ताल करते हुए कांग्रेस की नीतियों को कोसा। इस दौरान आशीष जुलाहा ने कहा कि कांग्रेस की शिक्षा विरोधी नीतियों के कारण किसान की तरह अध्यापक भी आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहा है। पंजाब सरकार उन्हें महज 6000 रुपये प्रति माह दे रही है। इससे उन्हेें आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अध्यापक मानसिक तौर पर परेशान होकर खुदकुशी का रास्ता अपनाने लगे हैं।
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अध्यापकों के इस कदम के लिए पूरी तरह से पंजाब सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि समूह अध्यापकों को नवंबर 2017 से रेगुलर किया जाना था। अक्तूबर 2017 में शिक्षा विभाग ने इसके लिए प्रक्रिया भी शुरू की थी लेकिन अब तक अध्यापकों को रेगुलर नहीं किया गया है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी न हुई तो अध्यापक अपने संघर्ष को तेज करने के लिए मजबूर होंग। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
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