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Jalandhar News: 2300 करोड़ से बनेगी 150 किमी लंबी नहर, पांच जिलों के 62 गांवों की दो लाख एकड़ जमीन को मिलेगा पानी

Sat, 27 Jul 2024 08:00 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर Updated Sat, 27 Jul 2024 08:00 PM IST
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150 km long canal will be built with 2300 crores, 2 lakh acres of land of 62 villages of five districts will get water
-मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किया मालवा नहर प्रोजेक्ट की साइट का निरीक्षण, भूजल पर निर्भरता घटेगी
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-मुक्तसर साहिब, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट और बठिंडा के किसानों को मिलेगा लाभ
-नहर की प्रस्तावित क्षमता 2000 क्यूसेक, 50 फीट चौड़ी और 12.5 फीट गहरी बनाई जाएगी
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संवाद न्यूज एजेंसी/ब्यूरो
गिद्दड़बाहा (मुक्तसर)/चंडीगढ़। पंजाब में 2300 करोड़ रुपये की लागत से मालवा नहर प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को विधानसभा हलका गिद्दड़बाहा के गांवा दोदा में मालवा नहर प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया।
150 किलोमीटर लंबी यह नहर से पांच जिलों मुक्तसर साहिब, फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट और बठिंडा के किसानों को लाभ मिलेगा। नहर फिरोजपुर, फरीदकोट और श्री मुक्तसर साहिब जिलों से होकर गुजरेगी। पांच जिलों के 62 गांवों की दो लाख एकड़ जमीन इससे सिंचित हो सकेगी। नहर की प्रस्तावित क्षमता 2000 क्यूसेक है। यह 50 फीट चौड़ी और 12.5 फीट गहरी बनाई जाएगी। निरीक्षण के समय जानकारी स्थानीय प्रशासन और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने सीएम को यह जानकारी दी।
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मुख्यमंत्री मान ने बताया कि यह नहर हरिके हेडवर्क्स से लेकर राजस्थान फीडर नहर के बाईं ओर गांव वड़िंग खेड़ा तक बनाई जाएगी। नहर का कुछ हिस्सा राजस्थान से होकर भी गुजरेगा। यह जमीन राजस्थान फीडर के निर्माण के लिए एक्वायर की गई थी। यह नहर राजस्थान फीडर नहर के बाईं ओर अतिरिक्त पानी का स्रोत प्रदान करेगी, जिसे सरहिंद फीडर नहर से पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति नहीं की जा सकती। नहर में 500 मोघे भी बनाए जाएंगे। करीब आठ माह तक नहर बननी शुरू हो जाएगी। नहर बनने से जमीन के अंदर से ट्यूबवेल के जरिये पानी के दोहन पर रोक लगेगी और नहर से किसानों को हर समय पानी मिल सकेगा।
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मालवा बेल्ट में दूर होगी पानी की समस्या
सीएम ने कहा कि मालवा नहर का निर्माण राज्य के लिए बहुत महत्व रखता है, क्योंकि खरीफ के मौसम के दौरान फिरोजपुर फीडर की मांग अधिक होने के कारण पंजाब की समूची मांग को पूरा नहीं किया जा सकता। इससे सरहिंद फीडर की आपूर्ति भी प्रभावित होती है। ऐसे में नहरों में रोटेशन के आधार पर पानी छोड़ना पड़ता है। सरहिंद फीडर की आरडी 7100 से 4,30,080 के बीच 302 लिफ्ट पंप चल रहे हैं, जो राजस्थान फीडर के बाईं ओर के क्षेत्र में सिंचाई करते हैं, जबकि शुरुआत में रोपड़ हेडवर्क्स से सरहिंद नहर प्रणाली (अबोहर ब्रांच अपर और बठिंडा ब्रांच) से सिंचाई की जाती थी। सरहिंद नहर प्रणाली के टेल वाले हिस्से में पानी की आपूर्ति में सुधार करने के बजाय तत्कालीन सरकार ने इस क्षेत्र को सरहिंद फीडर से लिफ्ट पंपों से पानी की आपूर्ति का फैसला लिया। इसी कारण अबोहर और फाजिल्का की नहरी आपूर्ति के लिए पानी की कमी होती है।
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