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आईएएस बनने की ललक ने वरजीत को दिलाया 21वां रैंक
Updated Sat, 28 Apr 2018 11:04 PM IST
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आईएएस बनने की ललक ने वरजीत को दिलाया 21वां रैंक
दो बार नाकामयाब होने के बाद भी नहीं छोड़ा हौसला
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
पंजाब के रहने वाले वरजीत सिंह वालिया ने आईएएस की परीक्षा में 21वां रैंक हासिल कर पूरे पंजाब का नाम रोशन किया है। अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज परीक्षा में 21वां रैंक हासिल करने वाले वरजीत सिंह वालिया अमृतसर के द सीनियर स्टडी स्कूल में पहली कक्षा से ही टॉपर रहा। आईएएस की ट्रेनिंग वरजीत ने बाजीराव इंस्टीट्यूट नई दिल्ली से हासिल की है। वरजीत इस समय इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विसिज लखनऊ में तैनात हैं।
2 बार नाकामयाबी के बार मिली कामयाबी
वरजीत का कहना है कि उसने 2014 से आईएएस की तैयारी शुरू की थी। इस दौरान उन्हें 2 बार नाकामयाबी का मुंह देखना पड़ा। लेकिन हार नहीं मानी व तीसरी बार 2015-16 की इस परीक्षा में उन्हें 577वां रैंक मिला। इसके बाद उन्होंने रेलवे की नौकरी ज्वाइन कर ली। वरजीत ने कहा कि वह शुरू से आईएएस बनना चाहते थे। तीसरी बार 577वां रैंक आने के बाद उन्होंने मन में आईएएस बनने की ठान ली व चौथी बार इस परीक्षा में 21वां रैंक हासिल करने में कामयाब हो गए।
पढ़ाई के साथ-साथ वरजीत खेलों में भी हैं हीरो नंबर वन
वरजीत सिंह वालिया की बात करें तो वह बचपन से ही पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी अव्वल आते रहे हैं। वह पढ़ाई के हर स्ट्रीम में तो पहले स्थान पर आते ही रहे हैं, साथ ही कराटे में ब्लैक बेल्ट भी हैं। उन्होंने स्केटिंग में भी नेशनल खेल कई पदक हासिल किए हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से केमिकल इंजीनियर की डिग्री भी हासिल की है।
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माता-पिता का मिला भरपूर साथ
वरजीत ने कहा कि वह जब दिल्ली में बीटेक की शिक्षा ले रहे थे, तभी से उनके मन में एक बात बैठ गई थी कि एक बार आईएएस अफसर जरूर बनना है। बस उस दिन से वह अपने इस मकसद को पूरा करने के लिए डट गए थे। उनके पिता वरिंदर सिंह वालिया व माता अमरजीत कौर वालिया ने कभी भी उन पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला। उन्होंने हमेशा मुझे यह ही कहा कि, वह करो जो तुमको अच्छा लगता है। ओर मैंने भी हमेशा वही किया है, जो मेरे दिल ने चाहा है और आगे भी ऐसा ही करता रहूंगा। मुझे यह कामयाबी मेरे माता-पिता की बदौलत ही मिली है तो वह बहुत खुश हैं।
किसी भी तरह की नौकरी से गुरेज नहीं वलिया
आईएएस की परीक्षा में 21वां रैंक हासिल कर वरजीत वालिया से जब आगे की प्लानिंग व नौकरी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी तरह की नौकरी से गुरेज नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी तो डेढ़ साल की ट्रेनिंग होनी है, उसके बाद देखेंगे कहां जाना है।
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दो बार नाकामयाब होने के बाद भी नहीं छोड़ा हौसला
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर।
पंजाब के रहने वाले वरजीत सिंह वालिया ने आईएएस की परीक्षा में 21वां रैंक हासिल कर पूरे पंजाब का नाम रोशन किया है। अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज परीक्षा में 21वां रैंक हासिल करने वाले वरजीत सिंह वालिया अमृतसर के द सीनियर स्टडी स्कूल में पहली कक्षा से ही टॉपर रहा। आईएएस की ट्रेनिंग वरजीत ने बाजीराव इंस्टीट्यूट नई दिल्ली से हासिल की है। वरजीत इस समय इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विसिज लखनऊ में तैनात हैं।
2 बार नाकामयाबी के बार मिली कामयाबी
वरजीत का कहना है कि उसने 2014 से आईएएस की तैयारी शुरू की थी। इस दौरान उन्हें 2 बार नाकामयाबी का मुंह देखना पड़ा। लेकिन हार नहीं मानी व तीसरी बार 2015-16 की इस परीक्षा में उन्हें 577वां रैंक मिला। इसके बाद उन्होंने रेलवे की नौकरी ज्वाइन कर ली। वरजीत ने कहा कि वह शुरू से आईएएस बनना चाहते थे। तीसरी बार 577वां रैंक आने के बाद उन्होंने मन में आईएएस बनने की ठान ली व चौथी बार इस परीक्षा में 21वां रैंक हासिल करने में कामयाब हो गए।
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पढ़ाई के साथ-साथ वरजीत खेलों में भी हैं हीरो नंबर वन
वरजीत सिंह वालिया की बात करें तो वह बचपन से ही पढ़ाई के साथ-साथ खेल में भी अव्वल आते रहे हैं। वह पढ़ाई के हर स्ट्रीम में तो पहले स्थान पर आते ही रहे हैं, साथ ही कराटे में ब्लैक बेल्ट भी हैं। उन्होंने स्केटिंग में भी नेशनल खेल कई पदक हासिल किए हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली से केमिकल इंजीनियर की डिग्री भी हासिल की है।
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माता-पिता का मिला भरपूर साथ
वरजीत ने कहा कि वह जब दिल्ली में बीटेक की शिक्षा ले रहे थे, तभी से उनके मन में एक बात बैठ गई थी कि एक बार आईएएस अफसर जरूर बनना है। बस उस दिन से वह अपने इस मकसद को पूरा करने के लिए डट गए थे। उनके पिता वरिंदर सिंह वालिया व माता अमरजीत कौर वालिया ने कभी भी उन पर किसी तरह का दबाव नहीं डाला। उन्होंने हमेशा मुझे यह ही कहा कि, वह करो जो तुमको अच्छा लगता है। ओर मैंने भी हमेशा वही किया है, जो मेरे दिल ने चाहा है और आगे भी ऐसा ही करता रहूंगा। मुझे यह कामयाबी मेरे माता-पिता की बदौलत ही मिली है तो वह बहुत खुश हैं।
किसी भी तरह की नौकरी से गुरेज नहीं वलिया
आईएएस की परीक्षा में 21वां रैंक हासिल कर वरजीत वालिया से जब आगे की प्लानिंग व नौकरी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी तरह की नौकरी से गुरेज नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी तो डेढ़ साल की ट्रेनिंग होनी है, उसके बाद देखेंगे कहां जाना है।