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चार सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर कैदी फरार
गुरदासपुर
Updated Wed, 25 Sep 2013 10:52 PM IST
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केंद्रीय जेल गुरदासपुर में लूटपाट के केस में सजा काट रहा एक कैदी मंगलवार शाम सिविल अस्पताल गुरदासपुर में सुरक्षा कर्मचारियों को चकमा देकर फरार हो गया। कैदी के खिलाफ पर विभिन्न थानों में लूटपाट के 11 मामले दर्ज हैं जो अदालत में विचाराधीन हैं।
फरार हुए कैदी की पहचान कमलजीत सिंह पुत्र तरसेम सिंह निवासी गांव दल्लूयाणा थाना धारीवाल के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना मेहता में मामला दर्ज था। इस केस में अदालत ने उसको आठ माह की कैद तथा एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। कमलजीत जेल में सजा काट रहा था।
इसके अतिरिक्त उसके खिलाफ 23 अप्रैल, 2005 को थाना धारीवाल में लूटपाट का मामला दर्ज हुआ था। उसके खिलाफ लूटपाट के 10 और मामले भी दर्ज हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कमलजीत को किसी पुरानी चोट के कारण 12 सितंबर को सिविल अस्पताल गुरदासपुर में दाखिल करवाया गया था। उसको अस्पताल के ट्रायल वार्ड में रखा गया था।
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उसकी सुरक्षा ड्यूटी पर हवलदार गुरनाम सिंह, कांस्टेबल लखबीर सिंह, कांस्टेबल कुलदीप सिंह तथा कांस्टेबल नरिंदर सिंह को लगाया गया था। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे कांस्टेबल लखबीर सिंह कमलजीत को पट्टी करवाने के लिए इमरजेंसी वार्ड में लेकर जा रहा था।
इस दौरान लखबीर सिंह ने कैदी को हथकड़ी लगाने की जरूरत नहीं समझी। इसका फायदा उठाकर कमलजीत फरार हो गया। लखबीर सिंह उसके पीछे दौड़ा, मगर कई घंटे बीतने के बाद भी न तो कैदी का कोई पता चला और न ही कोई सुरक्षा कर्मचारी लौटा।
इस संबंध में पुलिस थाना सिटी गुरदासपुर के एसएचओ गुरदीप सिंह ने बताया कि मामले की पूरी जांच की जा रही है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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फरार हुए कैदी की पहचान कमलजीत सिंह पुत्र तरसेम सिंह निवासी गांव दल्लूयाणा थाना धारीवाल के रूप में हुई है। उसके खिलाफ थाना मेहता में मामला दर्ज था। इस केस में अदालत ने उसको आठ माह की कैद तथा एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। कमलजीत जेल में सजा काट रहा था।
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इसके अतिरिक्त उसके खिलाफ 23 अप्रैल, 2005 को थाना धारीवाल में लूटपाट का मामला दर्ज हुआ था। उसके खिलाफ लूटपाट के 10 और मामले भी दर्ज हैं।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार कमलजीत को किसी पुरानी चोट के कारण 12 सितंबर को सिविल अस्पताल गुरदासपुर में दाखिल करवाया गया था। उसको अस्पताल के ट्रायल वार्ड में रखा गया था।
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उसकी सुरक्षा ड्यूटी पर हवलदार गुरनाम सिंह, कांस्टेबल लखबीर सिंह, कांस्टेबल कुलदीप सिंह तथा कांस्टेबल नरिंदर सिंह को लगाया गया था। मंगलवार दोपहर करीब दो बजे कांस्टेबल लखबीर सिंह कमलजीत को पट्टी करवाने के लिए इमरजेंसी वार्ड में लेकर जा रहा था।
इस दौरान लखबीर सिंह ने कैदी को हथकड़ी लगाने की जरूरत नहीं समझी। इसका फायदा उठाकर कमलजीत फरार हो गया। लखबीर सिंह उसके पीछे दौड़ा, मगर कई घंटे बीतने के बाद भी न तो कैदी का कोई पता चला और न ही कोई सुरक्षा कर्मचारी लौटा।
इस संबंध में पुलिस थाना सिटी गुरदासपुर के एसएचओ गुरदीप सिंह ने बताया कि मामले की पूरी जांच की जा रही है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।