{"_id":"6a093407f38eacd65307c6d9","slug":"flights-resume-at-halwara-airport-ground-facilities-still-awaiting-takeoff-demands-night-flights-2026-05-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"हलवारा एयरपोर्ट पर उड़ानें शुरू:जमीन पर सुविधाएं अब भी टेकऑफ के इंतजार में, कारोबारियों ने मांगी रात की फ्लाइट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हलवारा एयरपोर्ट पर उड़ानें शुरू:जमीन पर सुविधाएं अब भी टेकऑफ के इंतजार में, कारोबारियों ने मांगी रात की फ्लाइट
Sun, 17 May 2026 08:50 AM IST
Naveen
संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा (पंजाब)
Published by: Naveen
Updated Sun, 17 May 2026 08:50 AM IST
सार
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने अब टैक्सी सेवा के लिए कोटेशन तो मांगे हैं लेकिन स्थानीय टैक्सी यूनियनों का आरोप है कि उनसे कोई सीधा संपर्क नहीं किया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या एयरपोर्ट की प्लानिंग सिर्फ रनवे और टर्मिनल तक सीमित रह गई।
विज्ञापन
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हलवारा
- फोटो : संवाद
विस्तार
अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हलवारा से उड़ानों की शुरुआत ने लुधियाना और मालवा क्षेत्र के कारोबारियों को बड़ी राहत दी है। दूसरे ही दिन सुबह की फ्लाइट में 70 प्रतिशत सीटें भर जाना इस बात का संकेत है कि लोगों में एयरपोर्ट को लेकर उत्साह और जरूरत दोनों मौजूद हैं। हालांकि वहीं दूसरी तरफ एयरपोर्ट की जमीनी हकीकत यह भी बता रही है कि सिर्फ उड़ानें शुरू कर देना काफी नहीं, यात्रियों के लिए पूरा ट्रांसपोर्ट और सुविधा तंत्र तैयार करना भी उतना ही जरूरी है।
विज्ञापन
दोपहर की फ्लाइट में महज 50 प्रतिशत यात्री पहुंचना इस बात का संकेत है कि मौजूदा टाइमिंग यात्रियों, खासकर कारोबारियों की जरूरत के मुताबिक नहीं बैठ रही। लुधियाना के कारोबारियों उद्योगपतियों का कहना है कि सुबह दिल्ली जाकर दिनभर काम निपटाकर रात की फ्लाइट से लौटने का विकल्प चाहिए। यही वजह है कि अब रात 8-9 बजे की फ्लाइट की मांग जोर पकड़ रही है और एअर इंडिया भी इस पर विचार कर रही है।
विज्ञापन
एयरपोर्ट के बाहर हालात ये हैं कि टैक्सी, बस और लोकल ट्रांसपोर्ट की सुविधा लगभग न के बराबर है। यात्रियों को महंगे किराये देने पड़ रहे हैं जबकि एयरपोर्ट स्टाफ तक को लिफ्ट मांगकर आना-जाना पड़ रहा है। एयरपोर्ट पर काम करने आए कर्मचारियों और सुरक्षा बलों के रहने तक का इंतजाम अधूरा है।
विज्ञापन
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने अब टैक्सी सेवा के लिए कोटेशन तो मांगे हैं लेकिन स्थानीय टैक्सी यूनियनों का आरोप है कि उनसे कोई सीधा संपर्क नहीं किया गया। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या एयरपोर्ट की प्लानिंग सिर्फ रनवे और टर्मिनल तक सीमित रह गई? हलवारा एयरपोर्ट ने पंजाब को नई उड़ान जरूर दी है लेकिन यात्रियों को असली राहत तब मिलेगी जब उड़ानों के साथ जमीन पर ट्रांसपोर्ट, टाइमिंग और बेसिक सुविधाओं का नेटवर्क भी उतनी ही तेजी से खड़ा होगा।