{"_id":"6030d1118ebc3ee8f8517a30","slug":"father-and-son-commit-suicide-in-punjab","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब : दसूहा में किसान ने बेटे के साथ दी जान, सुसाइड नोट में कैप्टन-मोदी को बताया जिम्मेदार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
पंजाब : दसूहा में किसान ने बेटे के साथ दी जान, सुसाइड नोट में कैप्टन-मोदी को बताया जिम्मेदार
Sat, 20 Feb 2021 02:36 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 20 Feb 2021 02:36 PM IST
विज्ञापन
होशियारपुर में पिता पुत्र ने जान दी। मौके पर जुटी भीड़।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के होशियारपुर में किसान पिता पुत्र ने जहर खाकर जान दे दी। दोनों ने अपने सुसाइड नोट में पंजाब सरकार और केंद्र सरकार को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है। जानकारी के अनुसार, होशियारपुर के दसूहा के गांव मुहद्दीपुर में 70 वर्षीय जगतार सिंह और उसके 45 वर्षीय किसान बेटे ने सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। मृतकों पर काफी कर्ज था।
सुखविदंर बाजवा ने बताया कि उसका भाई जगतार (70) अपने बेटे कृपाल सिंह (45) के साथ रात को खाना खाने के बाद सोया था। सुबह उनके घर से रोजाना की तरह दूध लेने के लिए लोग आए थे। जब काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो लोगो ने उन्हें सूचना दी। उन्होंने मकान के पीछे से जाकर देखा तो पिता पुत्र के शव अलग-अलग पड़े हुए थे।
उन्होने बताया कि उसका भाई व भतीजा किसान अंदोलन में दिल्ली गए थे और तीन कृषि कानूनों व पंजाब सरकार की और से कर्जा माफ न करने से नाराज थे। उन्होने बताया कि उसके भाई ने बैंक और सोसाइटी से कर्जा ले रखा था और उन्हें उम्मीद थी कि कर्ज माफ हो जाएगा लेकिन पंजाब सरकार ने अपने वादे को पूरा नहीं किया। मौके से मिले सुसाइड नोट में भी दोनों ने केंद्र और पंजाब सरकार को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
विज्ञापन
सुसाइड नोट में लिखा है कि वे कृषि कानून रद्द न होने और कर्ज माफ न किए जाने से मजबूरी में अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पंहुच कर शवों के कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सुखविदंर बाजवा ने बताया कि उसका भाई जगतार (70) अपने बेटे कृपाल सिंह (45) के साथ रात को खाना खाने के बाद सोया था। सुबह उनके घर से रोजाना की तरह दूध लेने के लिए लोग आए थे। जब काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो लोगो ने उन्हें सूचना दी। उन्होंने मकान के पीछे से जाकर देखा तो पिता पुत्र के शव अलग-अलग पड़े हुए थे।
विज्ञापन
उन्होने बताया कि उसका भाई व भतीजा किसान अंदोलन में दिल्ली गए थे और तीन कृषि कानूनों व पंजाब सरकार की और से कर्जा माफ न करने से नाराज थे। उन्होने बताया कि उसके भाई ने बैंक और सोसाइटी से कर्जा ले रखा था और उन्हें उम्मीद थी कि कर्ज माफ हो जाएगा लेकिन पंजाब सरकार ने अपने वादे को पूरा नहीं किया। मौके से मिले सुसाइड नोट में भी दोनों ने केंद्र और पंजाब सरकार को अपनी आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया है।
विज्ञापन
सुसाइड नोट में लिखा है कि वे कृषि कानून रद्द न होने और कर्ज माफ न किए जाने से मजबूरी में अपनी जीवन लीला समाप्त कर रहे हैं। पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पंहुच कर शवों के कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।