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Punjab: मालवा नहर प्रोजेक्ट के काम का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम मान, कहा-62 गांवों के किसानों को होगा लाभ
Sat, 27 Jul 2024 04:02 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, मुक्तसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, मुक्तसर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 27 Jul 2024 04:02 PM IST
सार
सीएम भगवंत मान ने कहा कि नहर में 500 मोघे भी बनाए जाएंगे। करीबन आठ माह तक नहर बननी शुरू हो जाएगी। नहर बनने से ट्यूबवेलों से पानी के दोहन पर रोक लगेगी और नहर पानी से किसानों को काफी सुविधा मिलेगी और खेत लहलहाएंगे। दो हजार क्यूसिक से ज्यादा पानी मालवा नहर में चलेगा।
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नहर के कार्य का निरीक्षण करने पहुंचे सीएम भगवंत मान।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को गिद्दड़बाहा के गांव दोदा में मालवा नहर के प्रॉजेक्ट के काम का निरीक्षण करने पहुंचे। मान ने कहा कि आजादी के बाद राज्य में पहली बार नहर बनने जा रही है। यह नहर हरिके पत्तन से निकाली जाएगी जोकि 149 किलोमीटर लंबी, 50 फुट चौड़ी होगी और 12.5 फुट गहरी बनाई जाएगी। इस पर 2,300 करोड़ रुपये लागत आएगी।
मुख्यमंत्री मान ने बताया कि इस नहर से मालवा क्षेत्र के तीन जिलों मुक्तसर, फिरोजपुर व फाजिल्का के 62 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा और दो लाख एकड़ जमीन को नहरी पानी मिलेगा।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पास से राजस्थान फीडर व सरहिंद फीडर नहर गुजरती है। राजस्थान फीडर से वे पानी नहीं ले सकते। पुराने कानून बने हुए हैं लेकिन इधर से पानी पाकिस्तान को जा रहा है। ये कहां लिखा है कि इंटरनेशनल स्तर पर पानी जा सकता है। लेकिन वह नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। आजादी के बाद पहली नहर बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि जो काम 40 साल पहले हो जाना चाहिए था वे अब हो रहा है इस बात का दुख लगता है।
उन्होंने कहा कि लोग ऐसे ही पंथ के नाम पर वोट डालते गए। कांग्रेस को भी वोट डालते रहे लेकिन किसी ने नहीं सोचा कि नहर बनाई जाए। उन्होंने कहा कि पंथ के नाम पर वोटें लेने लोग फिर आएंगे।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि अकाली दल बादल अब दुहाई दे रहा है कि क्षेत्रिय पार्टी को बचा लें। असल में यह अपने परिवार को बचाने की बात कर रहे हैं। सांसद हरसिमरत कौर बादल पर कटाक्ष करते हुए मान ने कहा कि अब संसद में बीबा जी कह रहे हैं कि राजस्थान को जाने वाले नहरी पानी की वेल्टी चाहिए। मगर बीबा जी जब खुद केद्र में मंत्री थी तब क्यों नहीं बोले। अब पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान है तो अब सब आरोप उन पर थोप रहे हैं। सुबह तड़के उठ कर उन्हें गाली निकालने लग जाते हैं। चलिए शुक्र है इन्हें पानी की याद तो आई। मान ने कहा कि अकाली दल ने लोगों को बेवकूफ बनाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों से लूट कर बादल गांव में इन्होंने तिहाड़ जेल से भी बड़ी दीवारों वाला महल बना रखा है। इन्हें किस से खतरा है। 25 साल राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं। घर को बड़े-बड़े दरवाजे लगा रखे हैं। मान ने कहा कि उन्होंने चंडीगढ़ में बने सुख विलास के कागज निकलवा लिए हैं। जल्द आप लोगों को एक नई खुशखबरी देने जा रहा हूं।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि अगर आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कह दें कि मंत्रीशिप के लिए एक सीट चाहिए और वे सीट अकाली दल के पास है क्या हरसिमरत कौर बादल आप एनडीए का समर्थन करेंगे तो बीबा जी मिनट लगाएंगे शामिल होने में और तैयार हो जाएंगे। अगर इनको भूटान में मंत्रीशिप की आफर आ जाए तो यह लोग वहां भी चले जाएं इतने भूख है इन्हें मंत्रीशिप की। उन्होंने कहा कि साथ कुछ नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जब पंजाब में माहौल खराब था और लोगों के बेटे मर रहे थे तब स्वर्गीय बादल ने अपने बेटे सुखबीर को विदेश भेज दिया था।
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मुख्यमंत्री मान ने बताया कि इस नहर से मालवा क्षेत्र के तीन जिलों मुक्तसर, फिरोजपुर व फाजिल्का के 62 गांवों के किसानों को लाभ मिलेगा और दो लाख एकड़ जमीन को नहरी पानी मिलेगा।
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बादलों पर कटाक्ष
मुख्यमंत्री ने बादल परिवार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि नहरें तो बादलों के खेतों में जाकर खत्म हो जाती हैं। इनको क्या पता नहर और मोघे क्या हैं। आज उनकी छाती पर यह नहर बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि बादल परिवार ने कभी नहीं सोचा कि किसानों को नहर बनाकर दी जाए। वे तो संगरूर से आए हैं लेकिन संगरुर से आकर बादल के पैतृक जिले के लोगों के लिए सोच रहे हैं।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां पास से राजस्थान फीडर व सरहिंद फीडर नहर गुजरती है। राजस्थान फीडर से वे पानी नहीं ले सकते। पुराने कानून बने हुए हैं लेकिन इधर से पानी पाकिस्तान को जा रहा है। ये कहां लिखा है कि इंटरनेशनल स्तर पर पानी जा सकता है। लेकिन वह नहीं ले सकते। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है। आजादी के बाद पहली नहर बनने जा रही है। उन्होंने कहा कि जो काम 40 साल पहले हो जाना चाहिए था वे अब हो रहा है इस बात का दुख लगता है।
उन्होंने कहा कि लोग ऐसे ही पंथ के नाम पर वोट डालते गए। कांग्रेस को भी वोट डालते रहे लेकिन किसी ने नहीं सोचा कि नहर बनाई जाए। उन्होंने कहा कि पंथ के नाम पर वोटें लेने लोग फिर आएंगे।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि अकाली दल बादल अब दुहाई दे रहा है कि क्षेत्रिय पार्टी को बचा लें। असल में यह अपने परिवार को बचाने की बात कर रहे हैं। सांसद हरसिमरत कौर बादल पर कटाक्ष करते हुए मान ने कहा कि अब संसद में बीबा जी कह रहे हैं कि राजस्थान को जाने वाले नहरी पानी की वेल्टी चाहिए। मगर बीबा जी जब खुद केद्र में मंत्री थी तब क्यों नहीं बोले। अब पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान है तो अब सब आरोप उन पर थोप रहे हैं। सुबह तड़के उठ कर उन्हें गाली निकालने लग जाते हैं। चलिए शुक्र है इन्हें पानी की याद तो आई। मान ने कहा कि अकाली दल ने लोगों को बेवकूफ बनाया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि लोगों से लूट कर बादल गांव में इन्होंने तिहाड़ जेल से भी बड़ी दीवारों वाला महल बना रखा है। इन्हें किस से खतरा है। 25 साल राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं। घर को बड़े-बड़े दरवाजे लगा रखे हैं। मान ने कहा कि उन्होंने चंडीगढ़ में बने सुख विलास के कागज निकलवा लिए हैं। जल्द आप लोगों को एक नई खुशखबरी देने जा रहा हूं।
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि अगर आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कह दें कि मंत्रीशिप के लिए एक सीट चाहिए और वे सीट अकाली दल के पास है क्या हरसिमरत कौर बादल आप एनडीए का समर्थन करेंगे तो बीबा जी मिनट लगाएंगे शामिल होने में और तैयार हो जाएंगे। अगर इनको भूटान में मंत्रीशिप की आफर आ जाए तो यह लोग वहां भी चले जाएं इतने भूख है इन्हें मंत्रीशिप की। उन्होंने कहा कि साथ कुछ नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि जब पंजाब में माहौल खराब था और लोगों के बेटे मर रहे थे तब स्वर्गीय बादल ने अपने बेटे सुखबीर को विदेश भेज दिया था।