मोगा में हंगामा: सुखबीर की रैली का विरोध करने पहुंचे किसानों और पुलिस में भिड़ंत, लाठीचार्ज और पथराव, 30 घायल
सुखबीर बादल ने मोगा रैली के दौरान पूर्व मंत्री जत्थेदार तोता सिंह के पुत्र बृजेंद्र सिंह मक्खन बराड़ को मोगा हलके से उम्मीदवार घोषित किया। पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान भी बृजेंद्र सिंह मक्खन बराड़ मोगा सीट से चुनाव लड़े थे लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। अब एक बार फिर अकाली दल ने उन पर दोबारा दांव खेलने का फैसला लिया है।
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मोगा में शिरोमणि अकाली दल (शिअद) प्रधान सुखबीर बादल की रैली का विरोध करने पहुंचे किसानों और पुलिस में झड़प हो गई। इस दौरान पुलिस ने किसानों को तितर-बितर करने के लिए वाटर कैनन और लाठीचार्ज का प्रयोग किया, जबकि किसानों ने पुलिस पर पथराव किया। इस दौरान 24 किसान और छह पुलिस कर्मी घायल हो गए। पुलिस ने 12 किसानों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि किसानों ने रैली स्थल पर खड़े वाहनों पर भी पथराव किया। इस बीच, किसानों ने नेताओं की रिहाई के लिए डीसी दफ्तर पर धरना लगा दिया।
विधानसभा चुनाव को लेकर शिअद प्रधान सुखबीर बादल इन दिनों 100 दिनों का पंजाब भ्रमण कर रहे हैं। गुरुवार को मोगा और धर्मकोट में उनकी रैली थी। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे मोगा अनाज मंडी में जिस समय सुखबीर रैली को संबोधित कर रहे थे, उसी दौरान बड़ी संख्या में किसान पहुंच गए। पुलिस ने किसानों को अनाज मंडी के गेट पर रोक लिया।
पहले किसानों ने विरोध किया और भीतर घुसने की कोशिश की लेकिन पुलिस ने उनको मंडी में नहीं घुसने दिया। इसी बीच दोनों पक्षों में संघर्ष हो गया। पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और उनको खदेड़न के लिए वाटर कैनन का भी प्रयोग किया। किसानों ने भी पुलिस पर पत्थर बरसाए। इस दौरान पत्थरबाजी में रैली में आईं कई गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं। बाद में सुखबीर बादल रैली कर दूसरे गेट से चले गए। इस संघर्ष में 24 किसान और छह पुलिस कर्मी घायल हो गए। कुछ किसानों को प्राथमिक इलाज के बाद छोड़ दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने 12 किसान नेताओं को हिरासत में लिया।
किसानों ने डीसी दफ्तर पर दिया चार घंटे धरना
किरती किसान यूनियन के नेता कर्मजीत मानव ने बताया कि हिरासत में लिए गए नेताओं की रिहाई के लिए किसानों ने करीब दो बजे डीसी दफ्तर पर धरना शुरू कर दिया। प्रशासनिक अधिकारियों और किसान नेताओं की वार्ता के बाद करीब छह बजे धरना खत्म हुआ और पुलिस ने किसान नेताओं को रिहा कर दिया।
एसओआई समर्थकों ने पहले किया पथराव: किसान नेता
किसान नेताओं का आरोप था कि वे सुखबीर बादल की रैली का शातिपूर्ण विरोध करने गए थे लेकिन किसानों पर अकाली दल के एसओआई समर्थकों ने पथराव शुरू कर दिया, जिस कारण किसानों और एसओआई समर्थकों में तकरार शुरू हो गई। इसी दौरान पुलिस ने भी किसानों पर लाठीचार्ज शुरू कर दिया।
अभी तक किसी किसान के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया गया है। फुटेज देखकर पहचान की जाएगी और उपद्रव में शामिल किसानों के खिलाफ पर्चा दर्ज किया जाएगा। पुलिस ने कुछ किसानों को हिरासत में लिया है। कुछ किसान और हमारे छह जवान घायल हुए हैं। गुरदीप सिंह, एसपी(एच), मोगा।
मोगा सीट को लेकर चल रही राजनीतिक अटकलों पर लगा विराम
सुखबीर बादल ने मोगा रैली के दौरान पूर्व मंत्री जत्थेदार तोता सिंह के पुत्र बृजेंद्र सिंह मक्खन बराड़ को मोगा हलके से उम्मीदवार घोषित कर दिया। बीते विधानसभा चुनाव में मक्खन बराड़ यहां से चुनाव हार गए थे। बीते कई दिनों से राजनीतिक गलियारों में चर्चा थी कि जैन ग्रुप के पूर्व मेयर अक्षित जैन को उम्मीदवार घोषित किया जा सकता है।