SKM की सीएम मान को चुनौती: समय व स्थान तय करें... हम आने को तैयार, मंत्रियों और विधायकों के घरों का घेराव
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को खुली चुनौती दी है। वहीं, एसकेएम की तरफ से फैसला लिया गया है कि वे पंजाब के मंत्रियों व विधायकों के घरों का घेराव करेंगे।
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चंडीगढ़ कूच में विफल रहने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने 10 मार्च को पंजाब के मंत्रियों व विधायकों के घरों का घेराव करने का फैसला लिया है। साथ ही 15 मार्च को बड़ा एलान करने की घोषणा भी की है। मोर्चे की तरफ से सड़क किनारे चल रहे सभी धरने हटाने पर सहमति बनी है और चंडीगढ़ कूच को भी फिलहाल टाल दिया गया है।
एसकेएम ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को खुली बहस की चुनौती दी है। किसान नेता रमिंदर सिंह पटियाला ने कहा कि सीएम यह साबित करके दिखाएं कि उनकी सभी मांगें पंजाब सरकार से संबंधित नहीं हैं। सीएम खुली बहस के लिए खुद समय व स्थान तय कर सकते हैं। जहां बुलाएंगे, हम आने के लिए तैयार हैं।
भारतीय किसान यूनियन लक्खोवाल के प्रधान हरिंदर सिंह लक्खोवाल ने कहा कि 10 मार्च को सत्तापक्ष के तमाम विधायकों के घरों का सुबह 11 बजे से लेकर दोपहर बाद तीन बजे तक घेराव किया जाएगा और धरना लगाया जाएगा। अगर इसके बाद भी सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी तो वे 15 मार्च को बड़ा एलान करेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल हाईवे किनारे धरने समाप्त कर दिए जाएंगे। 10 मार्च की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को सभी जिला मुख्यालयों पर किसान संगठन रोष प्रदर्शन भी करेंगे।
धरना देना लोकतांत्रिक अधिकार
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के प्रधान जोगिंदर सिंह उगराहां ने कहा कि जब भगवंत मान सीएम की कुर्सी पर नहीं थे, तब हमारी सभी मांगें उन्हें जायज लगती थीं। अब सीएम की कुर्सी पर बैठने के बाद उन्हें हमारी मांगे गैर वाजिव लग रही हैं। उन्होंने कहा कि धरना देना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। 40 साल के मेरे अनुभव में ऐसा पहली बार हुआ कि किसी सीएम ने हमारे साथ इस तरह का बर्ताव किया है।
900 किसान नेताओं की धरपकड़
किसानों की सीएम के साथ तल्खी के बाद किसानों ने बुधवार को चंडीगढ़ कूच का प्रयास किया था, लेकिन पंजाब पुलिस ने सभी बड़े नेताओं को हिरासत में ले लिया था। 900 किसान नेताओं की धरपकड़ करके किसानों का कूच असफल कर दिया था। इस कारण किसानों में रोष है। अब किसान सरकार के खिलाफ बड़े प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं। अब 15 मार्च को बड़ी संख्या में दोबारा किसान चंडीगढ़ कूच या फिर रेलवे लाइन और टोल प्लाजा बंद करने का एलान कर सकते हैं।