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पंजाब आपदा ग्रस्त घोषित: सभी 23 जिलों में बाढ़, स्कूल-काॅलेज 7 सितंबर तक बंद; रायकोट में इमारत गिरी

Wed, 03 Sep 2025 09:53 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Wed, 03 Sep 2025 09:53 PM IST
सार

पंजाब के 3 लाख 54 हजार 626 लोग बाढ़ की वजह से प्रभावित हैं। 19,597 लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से सुरक्षित निकाला जा चुका है। अभी तक चार लाख एकड़ से ज्यादा फसल बर्बाद हो चुकी है।

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Punjab More than 1400 villages in all 23 districts flooded rural areas worst affected
पंजाब में बाढ़ - फोटो : संवाद

विस्तार

पंजाब में लगातार बारिश और बाढ़ से हालात खराब होते जा रहे हैं। प्रदेश के सभी 23 जिलों में 1200 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में है। हालात को देखते हुए पंजाब सरकार ने पूरे राज्य को आपदा प्रभावित घोषित किया है।

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कल गुरदासपुर में बाढ़ प्रभावितों से मिलेंगे अरविंद केजरीवाल 

वहीं, गुरुवार को आप संयोजक अरविंद केजरीवाल गुरदासपुर में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे। उनके साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान मौजूद रहेंगे। केजरीवाल बाढ़ से प्रभावित परिवारों से मिलकर नुकसान और चुनौतियों की जानकारी लेंगे और सरकार की ओर से राहत और बचाव कार्यों की प्रगति का जायजा लेंगे। मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। सभी विभागों को अलर्ट पर रखा गया है। आपदा प्रबंधन अधिनियम 2025 के तहत सभी जिला मजिस्ट्रेटों और विभागों को राहत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

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सभी स्कूल-काॅलेज सात सितंबर तक बंद

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए पंजाब भर के सभी सरकारी/सहायता प्राप्त/मान्यता प्राप्त और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और पॉलिटेक्निक 7 सितंबर 2025 तक बंद रहेंगे।

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आने वाले दिनों में बिगड़ेगी स्थिति

आदेशों में कहा गया कि प्रदेश इस समय दशकों की सबसे भीषण बाढ़ का सामना कर रहा है। भारी मानसूनी बारिश और बांधों से छोड़े गए पानी के कारण कई जिलों में व्यापक बाढ़ आ गई है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं, और आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

फसलें बर्बाद, पशुधन को भी नुकसान

वर्तमान में लगभग 3.75 लाख एकड़ कृषि भूमि खासकर धान के खेत, पानी में डूबे हुए हैं, जिससे फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। इसके अलावा, भारी संख्या में पशुधन के नुकसान की भी खबर है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आजीविका बुरी तरह प्रभावित हुई है।

मुख्य सचिव ने इस संबंध में सभी डीसी को निर्देश जारी किए हैं कि वे जिला मजिस्ट्रेट आवश्यक आदेश जारी कर सकते हैं ताकि किसी भी आपदा की स्थिति से निपटा जा सके। सभी जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण तुरंत और पर्याप्त राहत उपाय करें। राज्य के सभी लाइन विभाग अपने आपातकालीन कार्यों को प्राथमिकता पर करें और सप्ताहांत या छुट्टी के बावजूद ड्यूटी पर रहें। पीडब्ल्यूडी, जल संसाधन विभाग और पीएसपीसीएल को सेवाओं को बहाल करने के लिए युद्ध स्तर पर काम करना होगा। टेलीकॉम सेवा प्रदाता मोबाइल और लैंडलाइन सेवाओं की बहाली तुरंत करें। पंचायत और शहरी निकाय आपातकालीन प्रतिक्रिया, राहत और पुनर्वास में पूरी मदद करें। सरकार ने सभी विभागों और एजेंसियों से अपील की है कि वे लोगों की जान और संपत्ति की रक्षा के लिए पूरी तत्परता से कार्य करें।

आज संगरूर जाएंगे सीएम मान

बाढ़ संकट के बीच आज सीएम मान संगरूर जाएंगे। मान मकरोड साहिब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेंगे और घग्गर नदी पर बने दो पुलों का भी निरीक्षण करेंगे। सीएम राहत और बचाव कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। 

दिल्ली आप प्रधान लेकर आ रहे बाढ़ राहत सामग्री

आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने जानकारी दी कि पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज बाढ़ राहत की सामग्री लेकर पंजाब पहुंच रहे हैं। दिल्ली से हर रोज बाढ़ राहत सामग्री के ट्रक लेकर हमारे नेता, विधायक, सांसद और आम लोग भी पंजाब जाएंगे और वहां अपनी सेवा देंगे। बहुत सारे आरडबल्यूए और व्यापारी भी अपने अपने स्तर पर पंजाब की इस त्रासदी में अपना सहयोग कर रहे हैं। देश भर से लोग पंजाब के लिए अपना सहयोग कर रहे हैं। पूरा देश पंजाब के साथ खड़ा है।
  

सतलुज नदी में बढ़ते जलस्तर से मोगा के तीन गांवों में भरा पानी

भाखड़ा डैम से पानी छोड़ने के बाद सतलुज नदी में जलस्तर काफी बढ़ गया जिसके कारण मोगा जिले के तीन गांव संघेड़ा, कंबो खुर्द और सेरेवाला पानी की चपेट में आ गए हैं। जानकारी के अनुसार, इन गांवों में लगभग 250 के करीब घर पानी में डूब चुके हैं। लोगों ने अपने घरों से आवश्यक सामान निकालने के लिए नावों का सहारा लिया है और कई लोग नदी के बांध और घरों की छतों पर जरूरी सामान रख रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जलस्तर और बढ़ता है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

जानकारी के अनुसार, सतलुज नदी के साथ लगते लगभग 30 गांवों की करीब 6,000 एकड़ फसल पहले ही पानी में डूब चुकी थी। लोगों का कहना हे कि नुकसान का सही आंकलन जलस्तर कम होने के बाद ही लगेगा। गांव के लोगों का कहना है कि सतलुज नदी में जलस्तर पिछले 5-6 दिनों से बढ़ना शुरू हो गया था। उस समय पानी लोगों के घरों तक नहीं पहुंचा था, लेकिन सोमवार की रात से जलस्तर काफी बढ़ गया, जिसके कारण लोगों के घरों में 5-6 फीट तक पानी भर गया है। घर के जरूरी सामान को लोगों ने छत पर चढ़ा दिया और पशुओं को नदी के बांध पर ले जाकर रखा है। मोगा जिला प्रशासन की ओर से तीन गांव के लोगों के लिए नजदीकी दो सरकारी स्कूल में राहत कैंप बनाया गया जिसमें साफ पानी, मेडिकल सुविधाएं, और खाने की व्यवस्था है।  

खतरे के निशान के नजदीक पहुंचा भाखड़ा बांध का जलस्तर

पंजाब में भाखड़ा बांध का जलस्तर 1678 फीट तक पहुंच गया है जो खतरे के निशान से दो फीट दूर है। कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस ने कहा कि 5 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बांध पक्के किए गए हैं, लेकिन लोगों के घरों तक पानी पहुंच सकता है, इसलिए अभी जो लोग प्रभावित क्षेत्रों से राहत शिविरों में नहीं गए हैं, उनसे अपील है कि वह  सुरक्षित स्थानों पर पहुंचे। कैचमेंट एरिया में इतनी बारिश हो रही कि बांध में लगातार इनफ्लो बढ़ता जा रहा है।

राघव चड्ढा ने सांसद निधि कोष से दिए 3.25 करोड़ रूपये

सांसद राघव चड्ढा ने पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए एमपीएलएडीएस से 3.25 करोड़ आवंटित किए हैं। 2.75 करोड़ गुरदासपुर में बाढ़ सुरक्षा बांधों की मरम्मत और मज़बूती के लिए और 50 लाख अमृतसर में राहत और पुनर्वास कार्यों के लिए हैं। अपने संदेश में राघव चड्ढा ने बाढ़ में जान गंवाने वाले 30 लोगों के लिए प्रार्थना की और शोक-संवेदना व्यक्त की।

उन्होंने भारतीय सेना, एनडीआरएफ, बीएसएफ, पंजाब पुलिस, अधिकारी, डॉक्टर, एनजीओ, सिविल सोसाइटी और युवाओं को विशेष धन्यवाद दिया, जो राहत और बचाव कार्यों में जुटे हैं। चड्ढा ने आश्वासन दिया कि वह इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे और केंद्र सरकार से अधिकतम सहायता की अपील करेंगे।

जालंधर में मकान गिरा

जालंधर के बस्ती शेख एरिया के कोट मोहल्ला में भारी बारिश के चलते मकान गिर गया। गनीमत रही कि घर के लोग दूध लेने के लिए बाहर गए थे। जब मकान गिरा तब अंदर कोई नहीं था जिससे कोई हताहत नहीं हुआ।

कल पंजाब का दाैरा करेंगे कृषि मंत्री शिवराज चाैहान

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान कल पंजाब का दौरा करेंगे। वे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में किसानों और आम लोगों से मिलेंगे। शिवराज सिंह ने कहा कि 
केंद्र सरकार, संकट की घड़ी में पंजाब के साथ है और हरसंभव सहायता करेगी।

भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए, रोजगार उत्पत्ति, कौशल विकास और प्रशिक्षण विभाग के तहत चलने वाली संस्थाएं - स्किल डेवलपमेंट सेंटर, सी-पाइट कैंप और आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट सात सितंबर तक बंद रहेंगे।

पटियाला में बाढ़ की चेतावनी जारी 

राजपुरा तहसील के घग्गर के आस-पास के गांवों के लिए प्रशासन की तरफ से अलर्ट जारी किया गया है। घग्गर नदी कभी भी टूट सकती है, इसलिए तेपला, राजगढ़, महमूदपुर, दारवा, संजरपुर, नन्हेरी, रायपुर, शमसपुर, उंटसर, जंड मंगोली, हरपालन, कामी खुर्द, रामपुर, सौंता, चमारू, कपूरी, कमालपुर, लछरू खुर्द, सरला कलां, महदूदा, सरला खुर्द के निवासियों से अनुरोध है कि वे तुरंत अपने घर खाली करके सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। जिला प्रशासन की टीमें सहायता प्रदान करने के लिए मौजूद हैं। प्रशासन ने राहत केंद्र भी स्थापित किए हैं, जहां से भी मदद ली जा सकती है। किसी भी जानकारी या सहायता के लिए तुरंत राजपुरा बाढ़ नियंत्रण कक्ष से 01762-224132 पर तथा पटियाला जिला नियंत्रण कक्ष से 0175-2350550 और 2358550 पर संपर्क करें।

बरसात में 100 साल पुरानी दो मंजिला हवेली गिरी

लगातार हो रही बारिश के कारण रायकोट के अग्रवाल मोहल्ले में गर्ग परिवार की 100 वर्ष पुरानी दो मंजिला हवेली भरभरा कर गिर गई, गनीमत रही कि हवेली में अकेले रह रही बुजुर्ग महिला सुदेश गर्ग (65) को समय रहते लोगों ने बाहर निकाल लिया और उनकी जान बच गई।  हवेली गिरने से आसपास घरों को भी नुकसान पहुंचा है लेकिन किसी के घायल होने की खबर नहीं है। सुदेश गर्ग के पति राकेश गर्ग की मौत हो चुकी है और उनके बच्चे विदेश में रहते हैं।



राकेश गर्ग के भाई सुशील गर्ग भी परिवार समेत लुधियाना रहने लगे हैं लेकिन पुश्तैनी हवेली से लगाव के कारण सुदेश गर्ग अपना जीवन यहीं गुजारना चाहती हैं। मरम्मत के अभाव के कारण हवेली की दीवारें हिल गई और बुधवार सुबह 11 बजे भरभरा कर हवेली गिर गई। आसपास रहने वाले लोगों ने बताया कि कई बार नगर काउंसिल के अधिकारियों को लिखित शिकायत दे चुके हैं और हवेली मालिकों को भी इसकी मरम्मत करवाने को कहा था लेकिन सुदेश गर्ग के पति की मौत हो जाने एवं बच्चों के विदेश चले जाने से इसकी मरम्मत नहीं की जा सकी।  अगर समय रहते सुदेश गर्ग और आसपास घरों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित जगह नहीं भेजा जाता तो जान माल का नुकसान हो सकता था। 

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