फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Punjab Assembly Session Today Amendment to Sacrilege Law Provisions for Stricter Punishment all update

पंजाब में बेअदबी संशोधन बिल: श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी पर आखिरी सांस तक उम्रकैद, जुर्माने का भी प्रावधान

Mon, 13 Apr 2026 02:15 PM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Mon, 13 Apr 2026 02:15 PM IST
सार

बेअदबी संशोधन बिल में उम्र कैद का प्रावधान है और साथ ही 25 लाख जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। इसमें किसी भी तरह के समझौते का प्रावधान नहीं है।

विज्ञापन
Punjab Assembly Session Today Amendment to Sacrilege Law Provisions for Stricter Punishment all update
विधानसभा में बोलते सीएम भगवंत मान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में सोमवार को श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के खिलाफ संशोधन विधेयक ‘दि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’ सर्वसम्मति से पारित हो गया। 
विज्ञापन


मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से इसे पेश किया गया था। इसके बाद आप के विधायकों, मंत्रियों समेत कांग्रेस, भाजपा, शिअद और बसपा के विधायकों ने इस पर अपने विचार रखते हुए इस बिल को निर्विरोध पारित किया। इस दौरान ग्रंथ की बेअदबी पर आखिरी सांस तक उम्रकैद का प्रावधान है।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया यह कानून दि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट-2008 का संशोधन विधेयक है। इसलिए इसे राष्ट्रपति के पास भेजने की जरूरत नहीं है। ये बिल यहां से पारित होकर राज्यपाल के पास जाएगा और निश्चित तौर पर वे जल्द ही इस पर अपनी मंजूरी देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


मुख्यमंत्री ने सदन को बताया कि कई मामले ऐसे भी सामने आए जब बेअदबी करने वालों को पागल व मंदबुद्धि करार दिया गया। अब मंदबुद्धि भी यदि बेअदबी करता है तो उसके अभिभावकों के खिलाफ भी परचा दर्ज किया जाएगा। इसे साजिश का एक बड़ा हिस्सा बताते हुए सीएम ने कहा, वे कैसे पागल या मंदबुद्धि होते हैं जो सीधे श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने पहुंच जाते हैं, दरअसल इनके पीछे पंथ विरोधी तत्व होते हैं जो अब बच नहीं पाएंगे।

विरोधी दलों ने इस बिल का विरोध तो नहीं किया मगर वे जुलाई 2025 में पवित्र ग्रंथों की बेअदबी के खिलाफ लाए गए नए बिल पर सिलेक्ट कमेटी की रिपोर्ट सदन में पेश करने की जिद पर अडे़ रहे। इस पर सीएम ने नाराजगी भरे लहजे में कहा- वे तीन बार सदन में बता चुके हैं कि नया बिल और संशोधन विधेयक लग-अलग हैं। दोनों को न मिलाया जाए, नए बिल पर सिलेक्ट कमेटी अपना काम पूरा होने के बाद सदन में रिपोर्ट पेश करेगी।


 

गैर जमानती धाराओं में दर्ज होगा केस

- नए संशोधन विधेयक में अब श्री गुरु ग्रंथ साहिब के लिए ‘बीड़’ या ‘बीड़ें’ के बजाय ‘स्वरूप’ शब्द का इस्तेमाल होगा।
- श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की छपाई, प्रकाशन, भंडारण, वितरण या आपूर्ति का अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) या उसके द्वारा अधिकृत किसी अन्य निकाय के अलावा किसी अन्य के पास नहीं होगा।
- स्वरूपों को जलाने, फाड़ने व चुराने के साथ-साथ श्री गुरु ग्रंथ साहिब के खिलाफ बोलना, इशारा करना, दृश्य प्रस्तुति, इलेक्ट्रॉनिक अथवा डिजिटल माध्यम से छेड़छाड़ करना भी बेअदबी माना जाएगा।
- स्वरूप की एक विशिष्ट पहचान संख्या, छपाई व प्रकाशन की तिथि, आपूर्ति की तिथि और स्थान, भंडारण का स्थान व संरक्षक का नाम और पता, इसका रिकॉर्ड एसजीपीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगा।
- डीएसपी या एसीपी स्तर का अधिकारी समयबद्ध करेगा जांच। धारा 4बी (1) के तहत गैर जमानती होगा अपराध। सुनवाई सत्र न्यायालय द्वारा की जाएगी।
- विभिन्न धाराओं में सजा का प्रावधान पांच साल से आखिरी सांस तक उमक्रैद होगा जबकि जुर्माना 10 लाख से 25 लाख रुपये तक।


पंजाब में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करके सूबे में शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने के प्रयास किए जाते रहे हैं। ऐसे मामलों को कतई बर्दाश्त न करने और ऐसी बेअदबी करने वाले सभी लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सरकार दृढ़ संकल्पित है। इस संशोधन विधेयक का मकसद बेअदबी के ऐसे कृत्यों के लिए आजीवन कारावास तक की सजा का प्रावधान करके इस लक्ष्य को प्राप्त करना है। - भगवंत मान, मुख्यमंत्री, पंजाब

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed