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पीयू छात्रसंघ चुनाव: 16 हजार मतदाता करेंगे फैसला, 1100 पुलिसकर्मी संभालेंगे मोर्चा; वॉटर कैनन और वज्र तैयार
Mon, 31 Aug 2026 07:58 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Mon, 31 Aug 2026 07:58 AM IST
सार
पीयू छात्रसंघ चुनाव के लिए आज मतदान होगा। कैंपस की छात्र राजनीति में किस उम्मीदवार और संगठन का पलड़ा भारी रहता है। इसका फैसला शाम तक हो जाएगा।
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पीयू छात्रसंघ चुनाव आज
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल चुनाव के लिए आज मतदान होगा। अध्यक्ष पद के लिए चार उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला है। एसैप के आदिल बराड़, एबीवीपी के अंकित बिढान, सत्थ के दर्शप्रीत सिंह और एनएसयूआई के गुरमन सिंह सिद्धू मैदान में हैं।
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कैंपस के 16,468 विद्यार्थी मतदाता तय करेंगे कि छात्र राजनीति की कमान किसके हाथ में जाएगी। चारों उम्मीदवारों के पीछे छात्र संगठनों ने पूरी ताकत झोंक दी है, ऐसे में मुकाबला खासा रोचक हो गया है। रविवार को प्रचार थमने से पहले प्रत्याशियों ने सोशल मीडिया और इंडोर कैंपेनिंग के जरिए आखिरी जोर लगाया। इसके बाद भी समर्थकों का व्यक्तिगत संपर्क अभियान जारी रहा। 9,000 छात्राओं के वोट इस बार निर्णायक माने जा रहे हैं। वहीं सबसे ज्यादा मतदाता वाले यूआईईटी और यूआईएलएस पर सभी की नजर रही।
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विश्वविद्यालय में मतदान के लिए 191 बूथ प्रस्तावित किए गए हैं। काउंटिंग पीयू के जिम्नेजियम हाॅल में होगी। रिजल्ट शाम को ही आ जाएगा।
चार चेहरे, एक कुर्सी
एसैप के आदिल बराड़ अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं। उनके समर्थकों ने हॉस्टल और विभागों में व्यक्तिगत संपर्क के साथ सोशल मीडिया के जरिए वोटरों को साधने की कोशिश की।
एबीवीपी के अंकित बिढान ने भी आखिरी दौर में छात्र संपर्क तेज रखा। विभागों और छात्र समूहों में नेटवर्क के जरिए समर्थन जुटाने पर जोर रहा।
एनएसयूआई के गुरमन सिंह सिद्धू ने भी युवा वोटरों और व्यक्तिगत नेटवर्क को साधने में पूरी ताकत लगाई। सोशल मीडिया के जरिए भी प्रचार अभियान को धार दी गई।
सत्थ के दर्शप्रीत सिंह के समर्थक कैंपस के अलग-अलग विभागों में सक्रिय रहे। बड़े मतदाता आधार वाले विभागों पर खास फोकस किया गया।
उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर भी मुकाबला
उपाध्यक्ष पद के लिए एनएसयूआई से आकांक्षा ठाकुर, आईसा से अरमान सिंह, पीयूडीएफ से अरमान सिंह भिंडर, साखी से मनमीत कौर और आईएसओ से विपुल भादू मैदान में हैं। सचिव पद के लिए आर्यन सहारन, ध्यान सिंह और मुस्कान चौहान के बीच मुकाबला होगा। संयुक्त सचिव पद के लिए आमीन कौर, देवराज सिंह नैन, राम चंदर सिंह और विशाल बमल चुनाव लड़ रहे हैं।
यूआईईटी में सबसे ज्यादा मतदाता
मतदाता संख्या के हिसाब से यूआईईटी सबसे बड़ा केंद्र है। यहां 2,670 मतदाता हैं और 24 बूथ प्रस्तावित हैं। इसके बाद यूआईएलएस में 1,950 मतदाता और 16 बूथ प्रस्तावित हैं। लॉ विभाग में 1,064 मतदाता हैं। बड़े विभागों के मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए उम्मीदवारों ने प्रचार तेज किया।
छात्राओं के वोट होंगे निर्णायक
कुल मतदाताओं में 7,467 छात्र और 9,000 छात्राएं शामिल हैं, जबकि एक ट्रांसजेंडर मतदाता भी दर्ज है। छात्राओं की संख्या अधिक होने के कारण उनके वोट चुनावी समीकरण बदलने में निर्णायक हो सकते हैं। विभागवार बूथ बनाए जाने से छात्रों को अपने ही विभाग में मतदान की सुविधा मिलेगी। बूथ और मतदाताओं की जारी संख्या फिलहाल संभावित है और अंतिम सूची में बदलाव संभव है। अब सोमवार का मतदान तय करेगा कि पीयू कैंपस की छात्र राजनीति में किस उम्मीदवार और संगठन का पलड़ा भारी रहता है।
एसैप के आदिल बराड़ अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं। उनके समर्थकों ने हॉस्टल और विभागों में व्यक्तिगत संपर्क के साथ सोशल मीडिया के जरिए वोटरों को साधने की कोशिश की।
एबीवीपी के अंकित बिढान ने भी आखिरी दौर में छात्र संपर्क तेज रखा। विभागों और छात्र समूहों में नेटवर्क के जरिए समर्थन जुटाने पर जोर रहा।
एनएसयूआई के गुरमन सिंह सिद्धू ने भी युवा वोटरों और व्यक्तिगत नेटवर्क को साधने में पूरी ताकत लगाई। सोशल मीडिया के जरिए भी प्रचार अभियान को धार दी गई।
सत्थ के दर्शप्रीत सिंह के समर्थक कैंपस के अलग-अलग विभागों में सक्रिय रहे। बड़े मतदाता आधार वाले विभागों पर खास फोकस किया गया।
उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद पर भी मुकाबला
उपाध्यक्ष पद के लिए एनएसयूआई से आकांक्षा ठाकुर, आईसा से अरमान सिंह, पीयूडीएफ से अरमान सिंह भिंडर, साखी से मनमीत कौर और आईएसओ से विपुल भादू मैदान में हैं। सचिव पद के लिए आर्यन सहारन, ध्यान सिंह और मुस्कान चौहान के बीच मुकाबला होगा। संयुक्त सचिव पद के लिए आमीन कौर, देवराज सिंह नैन, राम चंदर सिंह और विशाल बमल चुनाव लड़ रहे हैं।
यूआईईटी में सबसे ज्यादा मतदाता
मतदाता संख्या के हिसाब से यूआईईटी सबसे बड़ा केंद्र है। यहां 2,670 मतदाता हैं और 24 बूथ प्रस्तावित हैं। इसके बाद यूआईएलएस में 1,950 मतदाता और 16 बूथ प्रस्तावित हैं। लॉ विभाग में 1,064 मतदाता हैं। बड़े विभागों के मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए उम्मीदवारों ने प्रचार तेज किया।
छात्राओं के वोट होंगे निर्णायक
कुल मतदाताओं में 7,467 छात्र और 9,000 छात्राएं शामिल हैं, जबकि एक ट्रांसजेंडर मतदाता भी दर्ज है। छात्राओं की संख्या अधिक होने के कारण उनके वोट चुनावी समीकरण बदलने में निर्णायक हो सकते हैं। विभागवार बूथ बनाए जाने से छात्रों को अपने ही विभाग में मतदान की सुविधा मिलेगी। बूथ और मतदाताओं की जारी संख्या फिलहाल संभावित है और अंतिम सूची में बदलाव संभव है। अब सोमवार का मतदान तय करेगा कि पीयू कैंपस की छात्र राजनीति में किस उम्मीदवार और संगठन का पलड़ा भारी रहता है।
पुलिस भी चाैकस
छात्रसंघ चुनाव को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सोमवार को पंजाब यूनिवर्सिटी समेत शहर के कॉलेजों में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए डीएसपी और इंस्पेक्टर समेत कुल 1100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस ने मतदान से लेकर मतगणना और चुनाव परिणाम के बाद तक कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं।
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन, वज्र और आंसू गैस पार्टी को भी तैनात किया है। डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। पुलिस का फोकस मतदान केंद्रों के साथ-साथ मतगणना स्थल और कैंपस के आसपास की व्यवस्था पर रहेगा।
छात्रसंघ चुनाव को लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। सोमवार को पंजाब यूनिवर्सिटी समेत शहर के कॉलेजों में मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए डीएसपी और इंस्पेक्टर समेत कुल 1100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस ने मतदान से लेकर मतगणना और चुनाव परिणाम के बाद तक कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अलग-अलग टीमें गठित की हैं।
किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस ने वॉटर कैनन, वज्र और आंसू गैस पार्टी को भी तैनात किया है। डीएसपी और इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे। पुलिस का फोकस मतदान केंद्रों के साथ-साथ मतगणना स्थल और कैंपस के आसपास की व्यवस्था पर रहेगा।
सुबह 7 बजे से डीएवी पहुंचने लगे समर्थक
डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 में छात्र परिषद चुनाव को लेकर सोमवार सुबह से ही हलचल तेज हो गई। सुबह करीब 7 बजे से ही विभिन्न उम्मीदवारों के समर्थक कॉलेज परिसर के आसपास पहुंचने शुरू हो गए। समर्थकों ने अपने-अपने उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने के लिए छात्रों से संपर्क किया और उन्हें अपने प्रत्याशी के समर्थन में मतदान करने की अपील की।
कॉलेज में सुबह 9 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके लिए चुनाव प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान शुरू होने से पहले ही कॉलेज के आसपास विभिन्न छात्र संगठनों के समर्थकों की मौजूदगी से चुनावी रंग दिखाई देने लगा।
इस बार डीएवी कॉलेज में अध्यक्ष पद का मुकाबला खासा दिलचस्प माना जा रहा है। सथ से साहिबवीर सिंह, एचएसए के दीपांशु, एसओआई के हरदीप सिंह और एनएसयूआई के भूपिंदर रवि अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं।
डीएवी कॉलेज सेक्टर-10 में छात्र परिषद चुनाव को लेकर सोमवार सुबह से ही हलचल तेज हो गई। सुबह करीब 7 बजे से ही विभिन्न उम्मीदवारों के समर्थक कॉलेज परिसर के आसपास पहुंचने शुरू हो गए। समर्थकों ने अपने-अपने उम्मीदवार के पक्ष में माहौल बनाने के लिए छात्रों से संपर्क किया और उन्हें अपने प्रत्याशी के समर्थन में मतदान करने की अपील की।
कॉलेज में सुबह 9 बजे से मतदान प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके लिए चुनाव प्रशासन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान शुरू होने से पहले ही कॉलेज के आसपास विभिन्न छात्र संगठनों के समर्थकों की मौजूदगी से चुनावी रंग दिखाई देने लगा।
इस बार डीएवी कॉलेज में अध्यक्ष पद का मुकाबला खासा दिलचस्प माना जा रहा है। सथ से साहिबवीर सिंह, एचएसए के दीपांशु, एसओआई के हरदीप सिंह और एनएसयूआई के भूपिंदर रवि अध्यक्ष पद की दौड़ में हैं।