प्रताप बाजवा से पूछताछ खत्म: छह घंटे चले सवाल-जवाब, FIR रद्द करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में सुनवाई कल
पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा था कि पंजाब में 50 बम आए हैं, जिनमें से 18 फट चुके हैं और 32 अभी बाकी हैं। इसके बाद पंजाब में सियासी बवाल शुरू हो गया है।
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हैंड ग्रेनेड वाले बयान पर पंजाब में सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा पर रविवार देर रात मोहाली के साइबर क्राइम पुलिस थाने में केस दर्ज किया गया और उन्हें समन भेजकर सोमवार को बयान दर्ज करवाने को कहा था। बाजवा मंगलवार दोपहर साइबर क्राइम थाने में पहुंचे।
नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा दोपहर दो बजे मोहाली स्थित साइबर क्राइम थाना पुलिस पहुंचे। पुलिस सूत्रों के अनुसार बाजवा से 6 घंटों की पूछताछ की गई है। इस दौरान पुलिस के सवालों पर नेता प्रतिपक्ष प्रदेश में सितंबर 2024 से अब तक हुए 18 हैंड ग्रेनेड हमलों की मीडिया रिपोर्ट्स अधिकारियों के सामने पेश करते रहे। उन्होंने जांच के दौरान कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट पेश कि जिनमें पंजाब में अब भी पाकिस्तान से आए हैंड ग्रेनेड होने की बात सामने आई थी।
इससे पहले प्रताप सिंह बाजवा ने अपने खिलाफ 13 अप्रैल को दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी है। मंगलवार सुबह दायर इस याचिका पर आज ही सुनवाई किए जाने की हाईकोर्ट से मांग की गई थी। लेकिन हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई कल किए जाने के आदेश दे दिए हैं। बाजवा की तरफ से आज सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट विवेक तंखा और एपीएस देओल ने कहा कि बाजवा के खिलाफ यह एफआईआर राजनीतिक कारणों से दर्ज की गई है, इसलिए इस FIR को रद्द किया जाए।
वहीं पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने भी बाजवा का समर्थन किया है। चन्नी ने कहा कि पूरी कांग्रेस बाजवा साहब के साथ है। हम मिलकर यह लड़ाई लड़ेंगे।
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वहीं बाजवा पर एफआईआर दर्ज करने के खिलाफ पंजाब कांग्रेस ने आप सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आज पंजाब कांग्रेस चंडीगढ़ में पुलिस कार्रवाई के खिलाफ सेक्टर-15 में प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस ने प्रदेश के सभी नेताओं को इस प्रदर्शन में पहुंचाने का आह्वान किया है। सोमवार को कांग्रेस ने कई जिलों में मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष प्रताप बाजवा पर एफआईआर दर्ज करके सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं। बाजवा ने सिर्फ वो बात कही थी, जो पहले ही मीडिया रिपोर्ट कर चुकी है। हम कोर्ट में सरकार की इस कार्रवाई को चुनौती देंगे और साथ ही इसे लोगों के बीच लेकर भी जाएंगे।
बाजवा ने कहा था-पंजाब में 50 ग्रेनेड आए, 18 फटे
गौरतलब है कि बाजवा ने एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा था कि पंजाब में 50 हैंड ग्रेनेड आए, इनमें से 18 का इस्तेमाल हुआ है, अब भी 32 बाकी हैं। इसके बाद सीएम भगवंत मान ने उन्हें घेरा था और कहा था कि अगर वे जानकारी साझा नहीं करेंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसी के बाद रविवार रात को एफआईआर दर्ज की गई थी। अब ये मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। पंजाब कांग्रेस ने मंगलवार को चंडीगढ़ सहित प्रदेश के अन्य जिलों में सरकार व पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है।
बम गिनाने वाले अब वकील तलाशते फिर रहे हैं : मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा पर मंगलवार को एक बार फिर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने रविवार को एक आधारहीन और तर्कहीन बयान दिया है। इस तर्कहीन बयान का उद्देश्य केवल लोगों को डराना और उनके मन में दहशत पैदा करना था। सीएम ने कहा कि पंजाब के लोग ऐसे नेताओं को कभी माफ नहीं करेंगे। मान ने आगे तंज कसते कहा कि अब वह नेता बमों की स्थिति बताने के बजाय अपने गलत कार्यों के लिए कानून से बचने के लिए वकील तलाशते फिर रहे हैं। पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी की फेरी मौके मान ने विपक्षी दलों के नेताओं को चेतावनी दी कि वे धमकी और दहशत की राजनीति में शामिल होने से बचें, क्योंकि लोग उनके विभाजनकारी और शरारतपूर्ण रवैये को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष को मुद्दों पर आधारित राजनीति पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।