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पीएम मुद्रा योजना: पंजाब में लोगों ने नहीं चुकाया लोन, 1314 करोड़ फंसे; 23 फीसदी खाते हुए एनपीए
Tue, 18 Nov 2025 08:00 AM IST
निवेदिता वर्मा
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 18 Nov 2025 08:00 AM IST
सार
आठ अप्रैल 2015 से यह योजना शुरू हुई थी जिसके तहत अब तक 9.77 लाख लोगों को 11,333 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है। इनमें सबसे अधिक 4.88 लाख लाभार्थी किशोर वर्ग के हैं जिनमें से 61,584 खाते एनपीए की श्रेणी में पहुंच गए हैं।
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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब में प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई) के तहत स्वरोजगार के लिए दिए गए हजारों करोड़ रुपये के लोन लोगों ने नहीं चुकाए। इस वजह से 23 फीसदी खाते एनपीए (नॉन परफार्मिंग एसेट) घोषित हो गए हैं।
लोन नहीं चुकाए जाने के कारण बैंकों की चिंता बढ़ गई है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 2.24 लाख से अधिक लोगों ने लोन नहीं चुकाया है, जिस कारण बैंकों के 1314 करोड़ रुपए फंस गए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार आठ अप्रैल 2015 से यह योजना शुरू हुई थी जिसके तहत अब तक 9.77 लाख लोगों को 11,333 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है। इनमें सबसे अधिक 4.88 लाख लाभार्थी किशोर वर्ग के हैं जिनमें से 61,584 खाते एनपीए की श्रेणी में पहुंच गए हैं। दूसरे नंबर पर सबसे अधिक शिशु वर्ग में 4.09 लाख लाभार्थियों को लोन दिया गया है और इसमें सबसे अधिक 1.55 लाख खाते एनपीए घोषित हो चुके हैं। इसी तरह तरुण वर्ग में 5 लाख रुपये से 10 लाख तक का लोन पाने वाले 80,054 लाभार्थी हैं और इसमें 7285 खाते एनपीए हो चुके हैं।
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लोन नहीं चुकाए जाने के कारण बैंकों की चिंता बढ़ गई है। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की एक रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 2.24 लाख से अधिक लोगों ने लोन नहीं चुकाया है, जिस कारण बैंकों के 1314 करोड़ रुपए फंस गए हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार आठ अप्रैल 2015 से यह योजना शुरू हुई थी जिसके तहत अब तक 9.77 लाख लोगों को 11,333 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया है। इनमें सबसे अधिक 4.88 लाख लाभार्थी किशोर वर्ग के हैं जिनमें से 61,584 खाते एनपीए की श्रेणी में पहुंच गए हैं। दूसरे नंबर पर सबसे अधिक शिशु वर्ग में 4.09 लाख लाभार्थियों को लोन दिया गया है और इसमें सबसे अधिक 1.55 लाख खाते एनपीए घोषित हो चुके हैं। इसी तरह तरुण वर्ग में 5 लाख रुपये से 10 लाख तक का लोन पाने वाले 80,054 लाभार्थी हैं और इसमें 7285 खाते एनपीए हो चुके हैं।
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