Udankhatola: चंडीगढ़ होगा ‘उड़नखटोला’ का अगला पड़ाव, 7 मार्च को बल्लिमारान बैंड की होगी संगीतमय प्रस्तुति
पीयूष मिश्रा उड़नखटोला टूर के तहत बल्लीमारान बैंड के साथ 7 मार्च को चंडीगढ़ में परफॉर्म करने आ रहे हैं। इस कार्यक्रम में 'अमर उजाला' मीडिया पार्टनर की भूमिका निभा रहा है।
विस्तार
पीयूष मिश्रा का ‘उड़नखटोला’ टूर शानदार सफर जारी रखते हुए और शहरों की ओर बढ़ रहा है। पीयूष मिश्रा और उनके बैंड बल्लिमारान ने अपने उड़नखटोला टूर के साथ शहर दर शहर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया है, अपनी अनफिल्टर्ड, दिल को छू लेने वाली प्रस्तुतियों से हर मंच को जीवंत बना दिया है। गुरुग्राम, लखनऊ, कानपुर समेत कई शहरों और दुबई में अपनी जबरदस्त ऊर्जा बिखेरने के बाद, यह टूर देश के अन्य शहरों की ओर बढ़ रहा है। जहां प्रशंसक बेसब्री से इस जादुई अनुभव का इंतजार कर रहे हैं। बल्लिमारान बैंड के साथ पीयूष मिश्रा का 7 मार्च को चंडीगढ़ में संगीतमय प्रस्तुति देंगे।
भारत में लाइव संगीत की नई परिभाषा
नवंबर 2024 में शुरू हुए इस उड़नखटोला टूर ने अब तक कोलकाता, अहमदाबाद, वडोदरा, इंदौर, भोपाल, पुणे, ठाणे, रायपुर, हैदराबाद, बेंगलुरु, नागपुर और दुबई में धमाकेदार प्रस्तुतियां दी हैं, जहां हर शो में हजारों की भीड़ उमड़ी और जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली। यह टूर केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं बल्कि एक संपूर्ण अनुभव बन चुका है, जहां पीयूष मिश्रा की गहरी और भावनात्मक कविताएं, उनके प्रभावशाली मंच प्रदर्शन और उनकी अनोखी कहानी कहने की कला, दर्शकों को उनकी दुनिया में खींच ले जाती है।
62 वर्ष की उम्र में भी पीयूष मिश्रा यह साबित कर रहे हैं कि संगीत की कोई उम्र नहीं होती। उनके प्रदर्शन में वही जुनून और बगावत झलकती है जिसने उन्हें एक जीवंत किंवदंती बना दिया है। उनके गीत आज भी हर पीढ़ी के दिल को छू जाते हैं। बल्लिमारान के साथ, उन्होंने एक ऐसा अनूठा संगीत तैयार किया है, जो बीते दौर की गूंज और आज की ताजगी को एक साथ जोड़ता है। “आरंभ,” “हुस्ना,” और “घर” जैसे गीत अब एक नई पीढ़ी को काफी पसंद आ रहे हैं, जो हर कॉन्सर्ट में गूंजते हैं और श्रोताओं को और भी अधिक की चाहत छोड़ जाते हैं।
आगे का सफर: और शहर, एक नया एल्बम और एक बड़ी सोच
जैसे-जैसे यह टूर आगे बढ़ रहा है, यह और भी अधिक संगीत प्रेमियों तक पहुंचने के लिए तैयार है, न केवल एक संगीतमय रात बल्कि पीयूष मिश्रा की कला और उनके विचारों की एक झलक देने के लिए। और इस सफर का सबसे खास पहलू यह है कि उनका पहला एल्बम इसी टूर के दौरान तैयार किया जा रहा है, जिसका अनावरण टूर के समापन के करीब किया जाएगा, जो प्रशंसकों के लिए एक और बड़ी खुशी की बात होगी
लेकिन उड़नखटोला सिर्फ संगीत तक सीमित नहीं है, यह एक बदलाव लाने का भी जरिया है। “प्ले फॉर पॉज” पहल के तहत, बल्लिमारान हर शहर में स्थानीय NGOs के साथ मिलकर बेसहारा जानवरों के कल्याण के लिए काम कर रहा है। अपने मंच का उपयोग कर, वे इस पहल के जरिए जागरूकता फैलाने और जरूरतमंद जानवरों के लिए सहयोग कर रहे हैं।
मंच से परे का सफर
यह टूर सिर्फ एक संगीत यात्रा नहीं, बल्कि रचनात्मकता से भरा सफर भी है। इस बार पीयूष मिश्रा और उनकी टीम एक स्पेशल टूर बस में सफर कर रही है, जो केवल परिवहन का साधन नहीं बल्कि एक चलता-फिरता रचनात्मक मंच भी है। इस बस में संगीत, कविता और विचारों का मुक्त प्रवाह होता है, जिससे हर शहर की प्रस्तुति को नया आयाम मिलता है और हर शो एक अनोखा अनुभव बन जाता है।
टूर के पीछे की सोच
इस उड़नखटोला टूर का क्यूरेशन राहुल गांधी (संस्थापक और सीईओ, तम्बू एंटरटेनमेंट) द्वारा किया गया है, जिन्होंने इसे एक पारंपरिक संगीत कार्यक्रम से कहीं आगे ले जाकर एक नए स्तर पर पहुंचा दिया है। अपने विचार साझा करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “पीयूष भाई के गाने, जो उन्होंने 90 के दशक में अपने थिएटर के दिनों में लिखे थे, वो बिल्कुल टाइमलेस हैं। इसका इससे बड़ा कोई सबूत नहीं हो सकता। जब हमने ये गाने सुने और इतने सालों तक इस बैंड को इस मुकाम तक पहुंचाने में लगे रहे, तो यही अहसास हुआ कि ये गाने सच में अमर हैं। और इन्हें ऑडियंस तक पहुंचाना हमारी जिम्मेदारी बनती है, हमारा कर्तव्य बनता है। इसी सोच के साथ इस पूरे टूर को प्लान किया गया।
उन्होंने आगे कहा, 'जिस तरह से इन शोज को रिस्पॉन्स मिला है, टिकट्स बिकने की रफ्तार, दर्शकों का प्यार और उनकी प्रतिक्रियाएं, ये सब इसी बात का सबूत हैं कि पीयूष भाई के शब्द आज भी कितने प्रासंगिक हैं। ये अलग-अलग दशकों को पार कर लोगों से जुड़ते हैं, उन्हें तमाम तरह की भावनाओं से भर देते हैं, खुश करते हैं, उदास करते हैं, जोश से भर देते हैं, आक्रोश जगाते हैं, सोचने पर मजबूर करते हैं और जीने का एहसास कराते हैं। इन सभी भावनाओं को एक ही सेट में समेटना अपने आप में अनोखा अनुभव है।'
तम्बू एंटरटेनमेंट और थिंकिंग हैट्स द्वारा संयुक्त रूप से निर्मित यह टूर अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है, जहां पांच और शहर पियूष मिश्रा और बल्लिमारान के जादू को महसूस करने के लिए तैयार हैं। जैसे-जैसे यह संगीत यात्रा आगे बढ़ रही है, एक बात निश्चित है, यह सफर आने वाले वर्षों तक याद किया जाएगा।