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नीलामी में नहीं होगी धांधली: पंजाब में बिना आधार अब फैंसी नंबरों के लिए बोली नहीं, 56 दिन की समयसीमा भी तय
Mon, 23 Jun 2025 11:18 AM IST
निवेदिता वर्मा
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 23 Jun 2025 11:18 AM IST
सार
पंजाब में फैंसी नंबरों की नीलामी में धांधली खत्म करने के लिए परिवहन विभाग ने बड़ा प्रावधान किया है। इससे एजेंटों से छुटकारा मिलेगा और नीलामी में भी पारदर्शिता आएगी।
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आधार कार्ड
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
पंजाब में अब आधार कार्ड के बिना बोलीदाता फैंसी नंबरों के लिए बोली नहीं लगा सकेंगे। फैंसी नंबरों की नीलामी में धांधली खत्म करने के लिए परिवहन विभाग ने यह प्रावधान किया है।
नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने सॉफ्टवेयर भी अपडेट कर दिया है। इससे एजेंटों से छुटकारा मिलेगा और नीलामी में भी पारदर्शिता आएगी।
नीलामी के बाद अब 56 दिन में गाड़ी पर सफल बोलीदाताओं को नंबर लगाना होगा। अगर इस दौरान वे नंबर नहीं लगाते हैं तो नंबर का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा और जमा राशि को जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही संबंधित नंबर को दोबारा नीलामी में रख दिया जाएगा। इसी तरह एक बार में पांच से अधिक नंबरों के लिए बोली नहीं लगाई जा सकेगी।
विभाग यह प्रावधान भी जल्द ही लागू करेगा। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि जरूरी बदलाव किए जा सकें।
इससे एक ही बोलीदाता अधिकतर नंबरों के लिए बोली लगा सकते थे और साथ ही कई बार फर्जी बोली लगाने के मामले भी सामने आए थे। इस कारण एक बार नीलामी पोर्टल बंद करने की नौबत भी आ गई है। यहां तक कि करोड़ों रुपये की बोली लगाकर बोलीदाता गायब हो गए थे, जिस कारण विभाग को राजस्व से हाथ धोना पड़ा था।
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लोगों को भी अपना पसंदीदा नंबर नहीं मिल पाता था और महंगे दाम पर उनको एजेंटों से खरीदना पड़ता था। इस प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए ही विभाग ने नीलामी के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया है। एजेंट फर्जी नंबरों और ईमेल आईडी का सहारा लेकर भी नीलामी में हिस्सा लेते थे। अब आधार कार्ड से इस प्रक्रिया पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। साथ ही एक बोलीदाता जितनी बार भी नीलामी में भाग लेगा, उसका पूरा रिकाॅर्ड विभाग के पास अपडेट रहेगा, जिसे जरूरत पड़ने पर विभाग चेक कर सकेगा।
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नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने सॉफ्टवेयर भी अपडेट कर दिया है। इससे एजेंटों से छुटकारा मिलेगा और नीलामी में भी पारदर्शिता आएगी।
नीलामी के बाद अब 56 दिन में गाड़ी पर सफल बोलीदाताओं को नंबर लगाना होगा। अगर इस दौरान वे नंबर नहीं लगाते हैं तो नंबर का आवंटन रद्द कर दिया जाएगा और जमा राशि को जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही संबंधित नंबर को दोबारा नीलामी में रख दिया जाएगा। इसी तरह एक बार में पांच से अधिक नंबरों के लिए बोली नहीं लगाई जा सकेगी।
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विभाग यह प्रावधान भी जल्द ही लागू करेगा। इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं, ताकि जरूरी बदलाव किए जा सकें।
पहले मोबाइल और ईमेल आईडी के माध्यम से लगती थी बोली
इससे पहले सिर्फ मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी के माध्यम से ही बोलीदाता फैंसी नंबरों के लिए बोली लगा सकते थे, जिससे धांधली होने की संभावना बनी रहती थी।इससे एक ही बोलीदाता अधिकतर नंबरों के लिए बोली लगा सकते थे और साथ ही कई बार फर्जी बोली लगाने के मामले भी सामने आए थे। इस कारण एक बार नीलामी पोर्टल बंद करने की नौबत भी आ गई है। यहां तक कि करोड़ों रुपये की बोली लगाकर बोलीदाता गायब हो गए थे, जिस कारण विभाग को राजस्व से हाथ धोना पड़ा था।
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फैंसी नंबरों की नीलामी में एजेंटों का चल रहा था खेल
इसके अलावा फैंसी नंबरों की नीलामी में एजेंटों का खेल भी चल रहा था। एजेंट प्रमुख नंबरों के लिए बोली लगाकर खरीद लेते थे और आगे इन नंबरों को ऊंचे दामों पर बेचते थे। साथ ही काफी समय तक एजेंट नंबरों को होल्ड करके भी रखते थे, जिस कारण विभाग को राजस्व से हाथ धोना पड़ता थे।लोगों को भी अपना पसंदीदा नंबर नहीं मिल पाता था और महंगे दाम पर उनको एजेंटों से खरीदना पड़ता था। इस प्रक्रिया पर रोक लगाने के लिए ही विभाग ने नीलामी के लिए आधार कार्ड अनिवार्य किया है। एजेंट फर्जी नंबरों और ईमेल आईडी का सहारा लेकर भी नीलामी में हिस्सा लेते थे। अब आधार कार्ड से इस प्रक्रिया पर पूरी तरह से रोक लग जाएगी। साथ ही एक बोलीदाता जितनी बार भी नीलामी में भाग लेगा, उसका पूरा रिकाॅर्ड विभाग के पास अपडेट रहेगा, जिसे जरूरत पड़ने पर विभाग चेक कर सकेगा।