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चंडीगढ़ में जयराम ठाकुर:हिमाचल- पंजाब के मुख्यमंत्रियों को नसीहत, बाढ़ मुआवजे पर सियासत नहीं, अपना फर्ज निभाएं
Mon, 03 Nov 2025 07:37 PM IST
अंकेश ठाकुर
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Mon, 03 Nov 2025 07:37 PM IST
सार
हिमाचल के नेता प्रतिपक्ष व पूर्व सीएम जयराम ठाकुर सोमवार को चंडीगढ़ में थे। उन्होंने पंजाब और हिमाचल के मुख्यमंत्रियों को सलाह दी है कि केंद्र सरकार की तरफ से मिले बाढ़ मुआवजे पर सियासत न करें बल्कि बाढ़ पीड़ितों की सुध लें।
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हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
हिमाचल व पंजाब में पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से दिए गए बाढ़ राहत पैकेज पर चल रही सियासत के बीच हिमाचल प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष व पूर्व सीएम जयराम ठाकुर ने दोनों राज्यों की सरकारों को अपना-अपना फर्ज निभाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि इस पर दोनों सूबे के मुख्यमंत्री सियासत न करें बल्कि बाढ़ पीड़ितों की सुध लें।
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चंडीगढ़ प्रेस क्लब में हिमाचल के नेता प्रतिपक्ष व पूर्व सीएम ने कहा बाढ़ के दौरान पीएम मोदी ने पंजाब को 1600 करोड़ व हिमाचल प्रदेश को 1500 करोड़ रुपये दिए हैं। निश्चित तौर पर इस बार आपदा की मार ज्यादा है मगर हम सब कुछ केंद्र पर ही छोड़कर अपने दायित्व से पल्ला नहीं झाड़ सकते। दोनों सूबों के मुख्यमंत्रियों को बताना चाहिए कि केंद्र सरकार के बजट से अलग उन्होंने बाढ़ पीड़ितों को राज्य की ओर से कितने फंड की राहत दी। पीएम तो फिर भी आकर बाढ़ पीड़ितों का दर्द जान गए अब दोनों मुख्यमंत्री बता दें वे बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या कर रहे हैं।
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जयराम ने कहा कि साल 2023 में हिमाचल में बाढ़ आई थी सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 4500 करोड़ के राहत पैकेज की घोषणा की मगर जब सदन में पूछा गया तो मालूम हुआ कि इस राशि से करीब 300 करोड़ ही खर्च हुए हैं। हिमाचल में बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं को देखते हुए दीर्घकालिक पर्यावरण संरक्षण की योजनाएं बनाना आवश्यक है। इस दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से बातचीत के बाद एक मल्टी-सेक्टोरल अध्ययन टीम का गठन किया गया है।
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हिमाचल से आता है पानी
भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (बीबीएमबी) अपने स्थायी सदस्यों की संख्या बढ़ा रहा है। उसमें एक सदस्य राजस्थान और दूसरा सदस्य हिमाचल प्रदेश का शामिल होगा। इस व्यवस्था पर पंजाब के सीएम भगवंत मान को कोई एतराज नहीं होना चाहिए। क्योंकि पंजाब समेत अन्य राज्यों तक आने वाला पानी हिमाचल से ही आता है।
कांग्रेस ने तीन साल में लिया 35 हजार करोड़ कर्ज
जयराम ने कहा कि हिमाचल में व्यवस्थाओं का पतन हो चुका है और राज्य भारी कर्ज के बोझ तले दब गया है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने जब सरकार संभाली थी तो राज्य पर कर्ज 48 हजार करोड़ था। अपने कार्यकाल में हमने 21 हजार करोड़ का कर्ज लिया और जब गए तो यह कर्ज 69.6 हजार करोड़ था। हैरानी की बात यह कि सुक्खू सरकार तीन साल में ही 35 हजार करोड़ से ज्यादा कर्ज ले चुकी है जोकि कुल कर्ज 1.05 लाख करोड़ से अधिक पहुंच चुका है। इतना कर्ज लेकर भी कहीं विकास नहीं दिख रहा है। आज राज्य में ‘हिमाचल ऑन सेल’ की चिंताजनक स्थिति है।
कांग्रेस सरकार ने बंद किए दो हजार से ज्यादा संस्थान
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने अब तक 2000 से अधिक संस्थान बंद कर दिए हैं, जिससे लोगों के सामने रोजगार का संकट है। भाजपा की पुरानी योजनाएं बंद कर दी गई हैं। सूबे में अवैध खनन और नशीले पदार्थों की तस्करी बढ़ गई है। भाजपा ने पड़ोसी राज्यों हरियाणा, जम्मू एवं कश्मीर, उतराखंड, पंजाब, नई दिल्ली व हरियाणा के मुख्यमंत्रियों की संयुक्त बैठक कर पुलिस की संयुक्त समन्वय कमेटी बनाई थी, जो इस सिंडीकेट पर नकेल कसती थी मगर अब यह व्यवस्था भी खत्म हो गई है। सुक्खू को ऐसे प्रयास दोबारा करने चाहिए।
युवाओं को खेलों और कौशल विकास में प्रोत्साहन देंगे
उन्होंने स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार आने पर युवाओं को हरियाणा की तरह खेलों और कौशल विकास में प्रोत्साहन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल में संसाधनों की कमी हो सकती है, लेकिन प्रतिभा और क्षमता की कोई कमी नहीं। उन्होंने कहा कि बिहार में कांग्रेस और उसके सहयोगी दल हिमाचल जैसी झूठी गारंटियों की राजनीति दोहराने की कोशिश कर रहे हैं। ठाकुर ने धारा 118 में ढील के मुद्दे पर कहा कि यह सत्ता संरक्षित रैकेट है जो लोगों से अवैध उगाही कर रहा है।