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जल विवाद पर सर्वदलीय बैठक: सीएम मान बोले-धक्के से पानी नहीं ले सकते, जाखड़ ने कहा-राई का पहाड़ न बनाएं

Fri, 02 May 2025 12:47 PM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 02 May 2025 12:47 PM IST
सार

भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड द्वारा हरियाणा को नहरी पानी देने का मुद्दे पर पंजाब की सियासत गरमा गई है। पंजाब सरकार ने साफ कर दिया है कि 21 मई से पहले वह हरियाणा को अतिरिक्त पानी नहीं देगा। 

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Issue of giving additional water to Haryana from Bhakra Dam is turning into conflict Punjab Government
पंजाब सरकार की प्रेस कांफ्रेंस - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब-हरियाणा के बीच उपजे जल विवाद के बीच मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में पंजाब भवन में सर्वदलीय बैठक खत्म हो गई है। बैठक में प्रदेश भाजपा प्रधान सुनील जाखड़, अकाली दल से दलजीत चीमा और कांग्रेस से तृप्त इंदर सिंह बाजवा और राणा केपी माैजूद रहे। कांग्रेस के तृप्त राजिंदर बाजवा ने सीएम मान से बैठक में कहा कि इस पानी के मुद्दे पर ऑल पार्टी डेलिगेशन को पीएम से समय लेकर मुलाकात करनी चाहिए।

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बैठक के बाद पत्रकारवार्ता में सीएम मान ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में दो घंटे तक पानी के मुद्दे पर चर्चा हुई। सीएम ने कहा कि बीबीएमबी को डिक्टेट किया गया। हरियाणा को पानी देने का फैसला रातों रात किया गया। ऑल पार्टी मीटिंग में इसका विरोध किया गया। सीएम मान ने कहा कि पार्टी लाइन से ऊपर उठकर बैठक में पानी के गंभीर मुद्दे पर चर्चा हुई। 

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सभी पार्टी नेता सरकार के साथ

सीएम ने कहा कि सभी पार्टी नेताओं ने पानी के शेयर को लेकर अपने हक पर सहमति जताई। कुछ सुझाव दिए गए हैं, उन्हें भी अमल में लाया जाएगा। बीबीएमबी का एग्रीमेंट और क्लास, अफसरों की तैनाती, चंडीगढ़ प्रशासन की हिस्सेदारी को लेकर भी विधानसभा के विशेष सत्र में प्रस्ताव लाए जाएंगे। सर्वदलीय बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी से भी समय लेकर मुलाकात करने की बात सामने आए है। 

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सीएम ने कहा कि जाखड़ टेल के बाशिंदे है, उधर पानी की बहुत कमी है। सीएम मान ने कहा कि हो सकता है हरियाणा में भी समय के साथ पानी की जरूरत बढ़ी है। ऐसे में बीस मई के बाद जरूरतों में संशोधन किया जा सकता है। 

अकाली दल नेता बोले-सरकार को पूरा समर्थन

अकाली नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ ने कहा कि हम सरकार के साथ है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पंजाब सरका राई का पहाड़ बना रही है... इस मुद्दे को बातचीत के जरिए आसानी से सुलझाया जा सकता था... चूंकि सितंबर से मई तक सूखा रहता है, इसलिए कोई न कोई राज्य अधिक पानी का इस्तेमाल करता है और उन्हें इसके लिए मुआवजा दिया जाता है... मैंने मुख्यमंत्री से कहा कि वे इस विवाद को खत्म करें और इस मुद्दे को सुलझाएं। देश आज ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां इस तरह का अनावश्यक तनाव अनुचित है... मैं पंजाब के साथ खड़ा हूं और हमारी पार्टी भी... दोनों पक्षों की अपनी-अपनी राजनीतिक मजबूरियां हैं..."

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पंजाब के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश

इस नई रिपोर्ट में बुधवार देर रात हुई बोर्ड की बैठक में बहुमत से हरियाणा को अतिरिक्त पानी दिए जाने के फैसले को नहीं मानने पर पंजाब सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश की गई है। बीबीएमबी चेयरमैन ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल को बताया कि नंगल बांध पर पुलिस तैनात करना बोर्ड गठन के समय बनाए गए नियमों का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है। बीबीएमबी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल ने इस संदर्भ में शुक्रवार को बैठक बुलाई है। इसमें बीबीएमबी चेयरमैन भी शामिल हो सकते हैं।

केंद्र हो या बीबीएमबी, कोई पंजाब का पानी लेकर दिखाए : मान

इसी बीच मान ने पानी पर लिए फैसले को लेकर केंद्र और बीबीएमबी को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि कोई भी पंजाब का पानी लेकर दिखाए। बीबीएमबी ने तानाशाही फरमान जारी कर पंजाब के पानी को लूटना चाहा है। नैतिकता के आधार पर हरियाणा की आबादी के अनुसार पीने के लिए 1700 क्यूसेक पानी बनता है, इसके बावजूद उसे 4000 क्यूसेक पानी दिया जा रहा है। अब हरियाणा और बीबीएमबी गुंडागर्दी पर उतर आए हैं, वह भूल गए हैं बीबीएमबी में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी पंजाब की है। पंजाब को बाईपास कर कोई पानी नहीं ले जा सकता। 

केजरीवाल की बातों में आ गए सीएम मान : सैनी

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मैं साधारण परिवार से हूं और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान भी साधारण परिवार से यहां तक पहुंचे हैं। पंजाब गुरुओं की धरती है। यहां दुश्मन को भी पानी पिलाया जाता है, हरियाणा तो फिर भी छोटा भाई है। जिसका मैं नाम नहीं लेना चाहता हूं, उसने यह भी कहा था कि हरियाणा ने यमुना में जहर घोल दिया था। मेरा मुंह न खुलवाएं तो अच्छा होगा। सीएम मान पीछे बैठे व्यक्तियों की बातों में आ गए हैं। भगवंत मान के पीछे केजरीवाल हैं। दिल्ली की हार बर्दाश्त नहीं हो रही है, केजरीवाल सदमे में हैं। सैनी ने कहा, मान साहब जनता के लिए काम करो।

केंद्र बढ़ा सकता है हरियाणा का हिस्सा

बीबीएमबी के पानी के बंटवारे के कानूनी जानकारों के अनुसार, केंद्र सरकार हरियाणा के लिए भाखड़ा से पानी का हिस्सा बढ़ा सकता है। इसके अलावा सिंधु जल समझौते पर रोक के बाद चिनाब, झेलम, उझ और अन्य नदियों से जो पानी आएगा, उसमें हरियाणा व अन्य राज्यों का विशेष ध्यान रखा जा सकता है। अभी रावी, ब्यास और सतलुज नदियों से जो पानी भाखड़ा, पौंग और रणजीत सागर बांध में आता है, उसमें से हरियाणा को केवल भाखड़ बांध से पानी मिलता है।

बीबीएमबी में हरियाणा के अधिकारी को मिला पानी वितरण का जिम्मा

हरियाणा कैडर के अधिकारी संजीव कुमार को नंगल डैम से पानी वितरण की अहम जिम्मेदारी मिली है। यह जिम्मेदारी संभाल रहे पंजाब कैडर के अधिकारी आकाशदीप सिंह को नंगल डैम की सुरक्षा की जिम्मेदारी मिली है। यह फेरबदल तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। तबादला आदेश के अनुसार आकाशदीप सिंह का स्थानांतरण उनके आवेदन पर किया गया है।

बीबीएमबी नंगल बांध में पंजाब कैडर के एसई स्तर के अधिकारी आकाशदीप सिंह और हरियाणा कैडर के एसई स्तर के अधिकारी संजीव कुमार डेपुटेशन पर तैनात हैं। दोनों की नंगल डैम में अलग-अलग पदों पर नियुक्ति है। तबादले से पहले आकाशदीप सिंह के पास डायरेक्टर एनएचपी (नेशनल हाइड्रोलॉजी प्रोजेक्ट) के साथ डायरेक्टर वाटर रेगुलेशन की जिम्मेदारी थी। संजीव कुमार के पास डायरेक्टर बांध सुरक्षा की जिम्मेदारी थी। अब संजीव कुमार को डायरेक्टर एनएचपी के साथ डायरेक्टर वाटर रेगुलेशन की जिम्मेदारी मिली है। 

तीन सप्ताह से हरियाणा को मिल रहा सिर्फ 2300 क्यूसेक पानी : गंगवा

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने बताया कि पिछले तीन हफ्तों से हरियाणा को महज 4 हजार क्यूसेक पानी मिला रहा है। इसमें से 500 क्यूसेक दिल्ली, 800 क्यूसेक राजस्थान और 400 क्यूसेक पानी पंजाब को भेजा जा रहा है। प्रदेश के हिस्से में तीन हफ्ते से सिर्फ 2300 क्यूसेक पानी आ रहा है। जबकि, सिर्फ हरियाणा के हिस्से में 6800 से 7 हजार क्यूसेक पानी मिलना चाहिए।
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