{"_id":"68760d2ccc92e80600005674","slug":"house-collapsed-due-to-rain-in-moga-one-person-died-2025-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोगा में बारिश से गिरा मकान: एक व्यक्ति की मौत, परिवार के साथ किराये के घर में रहता था प्राइवेट सफाई कर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोगा में बारिश से गिरा मकान: एक व्यक्ति की मौत, परिवार के साथ किराये के घर में रहता था प्राइवेट सफाई कर्मी
Tue, 15 Jul 2025 01:43 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 15 Jul 2025 01:43 PM IST
सार
सोम कुमार गांव-गांव जाकर प्राइवेट सफाई कर्मी का काम करते थे। वे पिछले ढाई साल से इसी मकान में किराए पर अपने परिवार के साथ रह रहे थे। उनके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है।
विज्ञापन
मोगा में घर गिरा
- फोटो : संवाद
विस्तार
मोगा में पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश एक परिवार पर कहर बनकर बरसी। सोमवार देर रात बाघापुराना कस्बे के प्रजापत बस्ती में बारिश के चलते एक मकान गिर गया। इस हादसे में घर के मुखिया सोम कुमार (40) की मलबे के नीचे दब जाने से मौत हो गई।
हादसे के समय घर में सोम कुमार के अलावा उनकी पत्नी, बेटा और बेटी सो रहे थे। बाकी तीनों सुरक्षित हैं। सोम कुमार गांव-गांव जाकर प्राइवेट सफाई कर्मी का काम करते थे। वे पिछले ढाई साल से इसी मकान में किराए पर अपने परिवार के साथ रह रहे थे। उनके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटा और एक बेटी अभी पढ़ाई कर रहे हैं।
मृतक के बेटे ने बताया कि हादसा रात करीब ढाई बजे हुआ। उनके पिता मकान की बालकनी में सो रहे थे और वह खुद, उनकी छोटी बहन व माता एक कमरे में सो रहे थे। अचानक मकान गिरने से चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और सबकी मदद से लगभग 15-20 मिनट में उनके पिता को मलबे से बाहर निकाला गया तथा तुरंत अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
मृतक के बेटे ने बताया कि उनके पिता ही पूरे घर का खर्च चलाते थे। अब उनके निधन के बाद घर की सारी जिम्मेदारियां उन पर आ गई हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए तथा कोई नौकरी या रहने के लिए मकान उपलब्ध कराया जाए ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके।
विज्ञापन
हादसे के समय घर में सोम कुमार के अलावा उनकी पत्नी, बेटा और बेटी सो रहे थे। बाकी तीनों सुरक्षित हैं। सोम कुमार गांव-गांव जाकर प्राइवेट सफाई कर्मी का काम करते थे। वे पिछले ढाई साल से इसी मकान में किराए पर अपने परिवार के साथ रह रहे थे। उनके परिवार में तीन बेटियां और एक बेटा है। दो बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटा और एक बेटी अभी पढ़ाई कर रहे हैं।
विज्ञापन
मृतक के बेटे ने बताया कि हादसा रात करीब ढाई बजे हुआ। उनके पिता मकान की बालकनी में सो रहे थे और वह खुद, उनकी छोटी बहन व माता एक कमरे में सो रहे थे। अचानक मकान गिरने से चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए और सबकी मदद से लगभग 15-20 मिनट में उनके पिता को मलबे से बाहर निकाला गया तथा तुरंत अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
विज्ञापन
मृतक के बेटे ने बताया कि उनके पिता ही पूरे घर का खर्च चलाते थे। अब उनके निधन के बाद घर की सारी जिम्मेदारियां उन पर आ गई हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए तथा कोई नौकरी या रहने के लिए मकान उपलब्ध कराया जाए ताकि परिवार का भरण-पोषण हो सके।