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भारतीय मां की पाकिस्तानी बेटी: हाईकोर्ट ने केंद्र को दिया आदेश- पांच साल की बच्ची की नागरिकता पर ले निर्णय
Tue, 04 Mar 2025 08:34 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 04 Mar 2025 08:34 AM IST
सार
पांच साल की हादिया अफरीदी की मां मालेरकोटला की है और उन्होंने 2019 में पाकिस्तानी नागरिक से शादी की थी। निकाह के बाद भी महिला ने अपनी भारतीय नागरिकता नहीं छोड़ी थी। पति से तलाक के बाद महिला वापस आ गई थी।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अपने तरह के एक अनूठे मामले में भारत सरकार को पांच साल की बच्ची की नागरिकता पर विचार करने का आदेश दिया है।
बच्ची की मां भारतीय है, जिसने पाकिस्तान में निकाह कर लिया था। बाद में तलाक के बाद वह भारत लौट आई थी। उसकी पांच साल की बेटी है, जो पाकिस्तान में पैदा होने के चलते पाकिस्तानी नागरिक है। इसके साथ अदालत ने बच्ची के भारत में रहने की अवधि को बढ़ाने पर भी विचार करने का आदेश दिया है।
यह मामला एक भारतीय मां और पाकिस्तानी पिता से जन्मी बच्ची हादिया अफरीदी से जुड़ा है, जो अब अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रही है।
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याचिकाकर्ता (नाबालिग) ने अपनी मां के माध्यम से 31 जनवरी 2025 को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सचिव को एक विस्तृत आवेदन दिया था। इस मामले में याचिका दायर करने का मुख्य कारण यह था कि इस आवेदन पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया था। जब यह मामला हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए आया, तो भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने कहा कि यदि उचित समय दिया जाए तो संबंधित प्राधिकारी इस आवेदन पर निर्णय लेंगे। मामले की विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जस्टिस कुलदीप तिवारी ने याचिका का निपटारा करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह इस आवेदन पर पूरी सहानुभूति के साथ विचार करें और तीन महीने के भीतर उचित निर्णय ले।
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बच्ची की मां भारतीय है, जिसने पाकिस्तान में निकाह कर लिया था। बाद में तलाक के बाद वह भारत लौट आई थी। उसकी पांच साल की बेटी है, जो पाकिस्तान में पैदा होने के चलते पाकिस्तानी नागरिक है। इसके साथ अदालत ने बच्ची के भारत में रहने की अवधि को बढ़ाने पर भी विचार करने का आदेश दिया है।
यह मामला एक भारतीय मां और पाकिस्तानी पिता से जन्मी बच्ची हादिया अफरीदी से जुड़ा है, जो अब अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रही है।
मालेरकोटला की महिला ने पाकिस्तानी से किया था निकाह
बच्ची हादिया अफरीदी ने अपनी मां गुलफशा के माध्यम से याचिका दायर की थी। याचिका में केंद्र सरकार को भारत में उसके रहने की अवधि बढ़ाने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता की मां पंजाब के मलेरकोटला की रहने वाली एक भारतीय नागरिक है। उसने 14 फरवरी 2019 को मुस्लिम रीति-रिवाजों से एक पाकिस्तानी नागरिक से विवाह किया था। विवाह के बाद वे दोनों पाकिस्तान में रहने लगे लेकिन महिला ने अपनी भारतीय नागरिकता या पासपोर्ट नहीं छोड़ा और आज भी वह भारतीय नागरिक है।
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तलाक के बाद भारत लाैट आई थी महिला
हालांकि, यह विवाह सफल नहीं रहा और याचिकाकर्ता (नाबालिग) के पिता ने मुस्लिम कानून के अनुसार उसकी मां को तलाक दे दिया। इसके बाद महिला अपनी बेटी को लेकर भारत लौट आई। चूंकि याचिकाकर्ता (नाबालिग) का जन्म पाकिस्तान में हुआ था, वह पाकिस्तानी नागरिक है लेकिन याचिकाकर्ता केवल पांच साल की बच्ची है और अपनी मां के बिना जीवित नहीं रह सकती। इस बीच बच्ची के पाकिस्तानी पिता ने उसकी कस्टडी पाने का प्रयास आरंभ कर दिया।
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याचिकाकर्ता (नाबालिग) ने अपनी मां के माध्यम से 31 जनवरी 2025 को भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के सचिव को एक विस्तृत आवेदन दिया था। इस मामले में याचिका दायर करने का मुख्य कारण यह था कि इस आवेदन पर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया था। जब यह मामला हाईकोर्ट में सुनवाई के लिए आया, तो भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्यपाल जैन ने कहा कि यदि उचित समय दिया जाए तो संबंधित प्राधिकारी इस आवेदन पर निर्णय लेंगे। मामले की विशिष्ट परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जस्टिस कुलदीप तिवारी ने याचिका का निपटारा करते हुए केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह इस आवेदन पर पूरी सहानुभूति के साथ विचार करें और तीन महीने के भीतर उचित निर्णय ले।