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Punjab: मौत को मात देकर 68 दिन बाद लौटी किशोरी, पिता ने हाथ बांधकर नहर में फेंका था, पीड़िता ने क्या बताया?
Sun, 07 Dec 2025 02:23 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजपुर (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Sun, 07 Dec 2025 02:23 PM IST
सार
पंजाब के फिरोजपुर में हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। किशोरी को उसके पिता ने नहर में फेंक दिया था। वह किशोरी जिंदा है ऍर 68 दिन बाद सभी के सामने आई है।
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पीड़िता किशोरी।
- फोटो : संवाद
विस्तार
फिरोजपुर में एक पिता ने अपनी 17 साल की बेटी को नहर में फेंक दिया था। मामले में पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। आरोपी ने जिस बेटी को नहर में फेंका था वह जिंदा है। किशोरी 68 दिन के बाद मौत के मुंह से निकलकर सभी के सामने आई है। इतना ही नहीं वह जेल में बंद अपने पिता को छुड़वाने के लिए पुलिस के पास पहुंची है।
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लगभग 68 दिन पहले आरोपी पिता ने किशोरी को उसकी मां के सामने ही हाथ बांधकर नहर में फेंक दिया था। पिता का आरोप था कि बेटी का चाल चलन ठीक नहीं है। पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जेल भेज दिया था। ये मामला पुलिस की तफ्तीश पर भी बड़े सवाल खड़े करता है। बता दें कि पीड़िता ने सीधा पुलिस से संपर्क करने की बजाए एक पत्रकार का सहारा लिया है।
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पीड़िता (17) ने सोशल मीडिया के माध्यम बताया कि उसके माता-पिता ने जो किया वो गलत था। उसका पिता सुरजीत सिंह निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी फिरोजपुर ने नहर में धक्का देकर उसे मरा समझकर चला गया था। पीड़िता ने बताया कि नहर में पानी का बहाव बहुत तेज था। एक बार पानी के नीचे चली गई। अचानक चुनरी से बंधे हाथ खुल गए। वह पानी के ऊपर आ गई और उसका शरीर नहर के किसी लोहे के सरिए से टकराया। उसने सरिया पकड़ लिया। अंधेरा घना था। डर लग रहा था। किसी तरह हिम्मत करके नहर के किनारे घास को पकड़कर बाहर निकली। तबीयत खराब थी। अंधेरे में वह चलती गई और रास्ते में दो लड़के और एक महिला मिली। तब पता चला कि वह बजीदपुर की तरफ जा रही थी। उसे उन लोगों ने लिफ्ट दी।
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पीड़िता ने इस बात का खुलासा नहीं किया कि 68 दिनों तक किसके पास पनाह ली। उसने बताया कि पेट में पानी चले जाने के कारण बीमार थी और इलाज चल रहा था। अब वह अपनी छोटी तीन बहनों की परवाह करते हुए उसकी हत्या के आरोप में जेल में बंद पिता की रिहाई के लिए वह दुनिया के सामने आई है। उसने पुलिस से सुरक्षा भी मांगी है। क्योंकि उसे अपने किसी रिश्तेदार पर भरोसा नहीं है। उसने कहा मां ने ही पिता से कहा था कि इसे नहर में धक्का दो। जितना पिता कसूरवार है उतनी उसकी मां भी है। अब वह जीना चाहती है।
उल्लेखनीय है कि 30 सितंबर की रात पौने नौ बजे के करीब पिता सुरजीत ने किशोरी के हाथ बांध कर गांव खलील वाला से गुजरती नहर में धक्का दे दिया था और वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दी थी। उधर, एसएसपी भूपेंद्र सिंह सिद्धू ने कहा कि पीड़िता ने उनके साथ सीधा संपर्क नहीं किया है। वीडियो के माध्यम उन्हें पता चला है। इस मामले की जांच की जा रही है।