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मातम में बदली खुशियां: परिवार कर रहा था जश्न की तैयारी... रिटायरमेंट से दो दिन पहले फौजी जवान की मौत
Sat, 28 Jun 2025 09:50 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, फाजिल्का (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फाजिल्का (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Sat, 28 Jun 2025 09:50 PM IST
सार
पंजाब के फाजिल्का के फौजी जवान की मौत हो गई। सैनिक की दो दिन बाद रिटायरमेंट थी और घर पर फौजी के स्वागत की तैयारियां चल रही थीं। लेकिन ये खुशियां उस समय मातम में बदल गई जब परिवार को यह दुखद खबर मिली।
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मृतक सेना के जवान सतनाम सिंह की फाइल फोटो।
- फोटो : संवाद
विस्तार
25 साल तक देश सेवा करने के बाद सेना का जवान सेवानिवृत होने वाला था। फौजी की रिटायरमेंट को लेकर घर पर जश्न की तैयारियां चल रही थी। रिटायरमेंट में दो दिन बचे थे, लेकिन इससे पहले ऐसी अनहोनी हो गई कि खुशियां मातम में बदल गई। सेवानिवृत्त होने से दो दिन पहले ही फौजी जवान की मौत हो गई।
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पंजाब के फाजिल्का के गांव कोहाड़ियावाली के रहने वाले सेना के जवान सतनाम सिंह की मौत हो गई। सतनाम सिंह 30 जून को सेना से रिटायर हो रहा था। उसने घर पर अपने भाई को जश्न मनाने की तैयारी करने के लिए फोन भी किया। परिवार जश्न की तैयारी कर रहा था कि इसी बीच उसकी मौत की दुखद खबर घर पहुंची, इससे पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। सतनाम सिंह की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है।
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मृतक फौजी सतनाम सिंह के भाई बचित्र सिंह ने बताया कि 25 साल देश सेवा करने के बाद 30 जून को रिटायर होकर उसका भाई सतनाम सिंह घर आने वाला था। सतनाम ने उसे फोन किया और जश्न मनाने की तैयारी करने के लिए कहा। जहां पूरा परिवार, रिश्तेदार और दोस्त उसका इंतजार कर रहे थे, इसके उल्ट उन्हें यह दुखद खबर मिली कि सतनाम सिंह की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।
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सतनाम सिंह अगस्त 2001 में असम राइफल फर्स्ट में भर्ती हुआ था। सतनाम सिंह एक बहादुर सैनिक के अलावा बेहतर खिलाड़ी भी था। उसने फौज में 2004 तक क्रॉस कंट्री दौड़ में हिस्सा लिया और बाद में बॉक्सिंग करने लगा। सतनाम सिंह बॉक्सिंग में सुपर हैवीवेट स्तर पर इंटर ब्रिगेड मुकाबले में विजेता रहा।
सतनाम सिंह अपनी रिटायरमेंट को लेकर बहुत खुश था और उसने विदेश में रहने वाले अपने भाई को यह कहा कि वह वृद्ध माता-पिता सहित अपने और उसके परिवार की देखभाल कर लेगा। वह चिंता न करें, क्योंकि वह अब सेवानिवृत्त होकर परिवार में आ रहा है। अब परिवार में अच्छा समय गुजरेगा, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि ये खुशियां गम में बदल जाएंगी।
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