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चिट्टे ने उजाड़ा घर: तीन बहनों का इकलौता भाई... नशे की ओवरडोज से युवक की मौत, घर पर रह गई अकेली विधवा मां

Mon, 11 Aug 2025 06:10 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा (पंजाब) Published by: अंकेश ठाकुर Updated Mon, 11 Aug 2025 06:10 PM IST
सार

चिट्टे की वजह से एक सुनसान हो गया। नशे की ओवरडोज से तीन बहनों के इकलौते भाई की मौत हो गई। युवक की मौत की वजह से उसके घर पर रह अकेली विधवा मां रह गई है। 

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Brother of three sisters dies due to drug overdose in Bathinda
मृतक की फाइल फोटो। - फोटो : संवाद

विस्तार

बेशक, पंजाब सरकार और पुलिस विभाग सूबे को नशा मुक्त बनाने के लाख दावे कर रहे हों, लेकिन गांवों में चिट्टा अब भी पहले की तरह बिक रहा है, जिससे रोजाना युवाओं की मौत हो रही है। ताजा मामला बठिंडा के थाना नेहियांवाला के अधीन आने वाले गांव गंगा में सामने आया है। गांव में एक युवक की चिट्टे की ओवरडोज से मौत हो गई। मृतक माता-पिता के इकलौता बेटा था। नशे की वजह से घर का चिराग बुझ गया। उसका शव गांव दान सिंह वाला के नाले के पास मिला। इसी क्षेत्र में 10 दस दिनों में चिट्टे से यह दूसरी मौत है। इससे पहले गांव हररायेपुर में एक युवक की नशे के ओवरडोज से मौत हुई थी। वह भी परिवार का इकलौते बेटा था। 

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गांव गंगा का मृतक युवक बोहड़ सिंह तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसके पिता की एक साल मौत हुई थी। तीनों बहनों की शादी हो चुकी है। ऐसे में बेटे की मौत से अब घर में अकेली विधवा मां गई है। मृतक बोहड़ सिंह अविवाहित था, वह गांव गंगा के ही रहने वाले आरोपित अमनदीप सिंह से नशा लाता था। मृतक बोहड़ सिंह की मां सरबजीत कौर ने अमनदीप सिंह के परिवार से काफी मिन्नतें की थी उसके बेटे को नशा न दें, वह मर जाएगा। लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी, आखिरकार बेटे का शव नाले के पास मिला। 
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मृतक बोहड़ सिंह की मां सरबजीत कौर के बयानों के आधार पर पुलिस ने गंगा निवासी अमनदीप सिंह के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। गांव की सरपंच सुखजिंदर कौर के बेटे अमृतपाल सिंह ने बताया कि जब से नई पंचायत बनी है, तब से वे लगातार चिट्टा बेचने वालों का विरोध कर रहे हैं। चिट्टा वालों को रोकने के लिए पंचायत ने बैठक भी की थी। उनकी गांव में नशे से यह अभी तक की पहली मौत है। अगर चिट्टा बेचने वालों को नहीं रोका गया तो और भी नौजवानों की जान जा सकती है। गांव में अभी भी करीब 20 युवक चिट्टे के शिकार हैं। 

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