कथित वीडियो विवाद: सीएम मान पर विपक्ष का तिहरा हमला, क्या बोली शिअद, कांग्रेस और भाजपा?
कथित वीडियो विवाद को लेकर सीएम भगवंत मान पर सियासी दबाव बढ़ गया है। बुधवार को बीजेपी, अकाली दल और कांग्रेस ने सीएम मान के खिलाफ मोर्चा खोलकर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। डिटेल में पढ़ें खबर...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चुघ ने कहा कि पंजाब के इतिहास में शायद ही कभी ऐसा शर्मनाक और अमर्यादित दौर आया हो, जब एक मौजूदा मुख्यमंत्री पहले गुरुओं का अपमान करते हैं फिर श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय में जाकर झूठ बोलते हैं और फिर खुद श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देने का दुस्साहस करते हैं। चुघ ने कहा कि वायरल वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि कैसे सिख गुरुओं के प्रति अत्यंत आपत्तिजनक , अमर्यादित और अस्वीकार्य बेअदबी वाला व्यवहार किया जा रहा है।
बीजेपी ने सरकारी मशीनरी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, धनबल और कथित फर्जी फॉरेंसिक रिपोर्ट के जरिए पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया और झूठी और मनगढ़ंत रिपोर्ट बना कर तख्त साहिब को चुनौती दे दी। यदि आरोप सही हैं तो यह केवल सत्ता का दुरुपयोग नहीं, बल्कि श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता को चुनौती देने का सुनियोजित षड्यंत्र है।
पुलिस अधिकारियों के खिलाफ दर्ज हो केस: शिअद
वहीं, शिरोमणी अकाली दल ने उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज करने अपील की है, जिन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब को ठेस पहुंचाने के मकसद से नकली फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार की थी।
प्रेसवार्ता के दौरान अकाली दल के वरिष्ठ नेता परमबंस सिंह रोमाणा ने कहा कि यह बेहद निंदनीय है कि लैबोरेटरी से संबंधित केवल दो व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है जबकि पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने जालसाजी और धोखाधड़ी की है। उन्होने कहा, क्योंकि संबंधित दोनों लैबोरेटरी वीडियो की गहन जांच करने के लिए पर्याप्त तैयार नहीं हैं, इसलिए रिपोर्ट को दो पुलिस अधिकारियों द्वारा संपादित और अंतिम रूप दिया गया इसलिए इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जाना चाहिए।
रोमाणा ने कहा कि यह सिख समुदाय की भावनाओं से जुड़ा है। उन्होंने कहा, यह पता लगाया जाना चाहिए कि किसने रिपोर्ट तैयार करवाई और आरोपियों को इसे हासिल करने के लिए पैसे किसने दिए। रोमाणा ने वित्तमंत्री हरपाल चीमा से कहा कि वह बताएं कि इस मामले में उनका क्या कहना है? उन्होंने कहा कि हरपाल चीमा ने फर्जी रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री का जमकर बचाव किया था।
कांग्रेस ने मांगा सीएम मान से इस्तीफा
वहीं, कांग्रेस ने मामले में सरकार व पुलिस अफसरों की घेराबंदी की है। इस बाबत कांग्रेसी नेताओं ने फर्जी रिपोर्ट तैयार करवाने वाले दो पुलिस अफसरों को बर्खास्त करने और सीएम से इस्तीफा देने की मांग की है।
पंजाब कांग्रेस मुख्यालय में प्रदेशाध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, विधायक सुखपाल सिंह खैहरा और परगट सिंह तथा एआईसीसी के संयुक्त कोषाध्यक्ष विजय इंदर सिंगला ने संयुक्त प्रेसवार्ता में कहा, सिख पंथ और गुरु साहिबान हर चीज से ऊपर हैं, जिनमें राजनीतिक दलों के आधार पर होने वाले विभाजन भी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस के उन दो अधिकारियों को भी बर्खास्त किया जाना चाहिए, जिन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब को गलत साबित करने के लिए कथित तौर पर एक झूठी और मनगढ़ंत फॉरेंसिक रिपोर्ट तैयार करवाई। इनके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की जानी चाहिए।
कांग्रेसी नेताओं ने कहा, कांग्रेस मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग पर पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि भगवंत मान को श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होकर माफी मांगनी चाहिए। गुरुग्राम में एफआईआर दर्ज होने के बाद सभी संदेह दूर हो गए हैं कि आम आदमी पार्टी सरकार अपने झूठ को छिपाने की कोशिश कर रही थी। अध्यक्ष वड़िंग ने कहा, पंजाब कांग्रेस का कोई भी नेता या कार्यकर्ता मुख्यमंत्री के साथ न तो निजी और न ही राजनीतिक संपर्क रखेगा।