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पाक हिरासत में पीके: 20 दिन गुजरे, बीएसएफ जवान पीके साहू को कब रिहा करेगा पाकिस्तान?, वतन वापसी की जगी उम्मीद

Mon, 12 May 2025 04:29 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Mon, 12 May 2025 04:29 PM IST
सार

20 दिन से दुश्मन के कब्जे में बीएसएफ जवान पीके साहू को पाकिस्तान ने अभी तक रिहा नहीं किया है। दोनों देशों के बीच तनाव के बाद अब युद्ध विराम भी हो गया है। 

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BSF jawan PK Sahu in Pakistan custody for 20 days India Pakistan news
बीएसएफ जवान पीके सिंह। - फोटो : संवाद

विस्तार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत की तरफ से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम हो गया है। सीजफायर के बाद हालात सामान्य होने लगे हैं। वहीं पाकिस्तान की हिरासत में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान पीके साहू को अभी तक रिहा नहीं किया गया है। बीएसएफ कांस्टेबल पीके साहू 20 दिन से पाकिस्तान के कब्जे में है। 

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पहलगाम आतंकी हमले का बदला लेने के लिए भारत ने 7 मई को ऑपरेशन सिंदूर चलाया था और पाकिस्तान में घूसकर आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की गई थी। 22 अप्रैल को आतंकी हमले के अगले दिन 23 अप्रैल को फिरोजपुर बॉर्डर पर पाकिस्तान रेंजर्स ने बीएसएफ जवान पीके साहू को हिरासत में लिया था। 20 दिन से पीके साहू को रिहा करवाने के लिए बीएसएफ अधिकारियों की तरफ से कई बार पाक रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग भी की जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक पीके साहू को छोड़ा नहीं गया है। अब दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बाद उम्मीद जग रही है कि दोबारा दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच बैठक के बाद जवान को रिहा किया जा सकता है। 
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हालांकि दोनों देशों के बीच युद्ध जैसे हालातों के दौरान पाक हिरासत में बीएसएफ जवान पीके साहू को किसी तरह का नुकसान न पहुंचाया गया हो, देशवासी इसकी भी उम्मीद कर रहे हैं। 20 दिन से पीके साहू पड़ोसी मुल्क में किन हालातों में है, इस बात की चिंता सैनिक के परिवार और देश वासियों को भी सता रही है। 

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पश्चिमी बंगाल का रहने वाला है सैनिक पीके साहू

बता दें कि बीएसएफ जवान पीके साहू 23 अप्रैल की शाम को पंजाब के फिरोजपुर बॉर्डर पर गलती से सरहद लांघ कर पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की सीमा में चला गया था। वहां से पाकिस्तानी रेंजर्स ने उसे हिरासत में ले लिया था। पीके साहू मूल रूप से पश्चिम बंगाल के रिशरा का रहने वाला है। कुछ दिन पहले सैनिक की पत्नी रजनी साहू पति की रिहाई को लेकर चंडीगढ़ आई थी। रजनी साहू ने अपने पति की वापसी को लेकर बीएसएफ अधिकारियों से मुलाकात की थी। 

पति की चिंता, चंडीगढ़ पहुंची थी रजनी साहू

रजनी ने कहा कि मैं बता नहीं सकती कि मैं कितने तनाव में हूं, क्योंकि बीएसएफ अधिकारी मुझसे सिर्फ चिंता न करने को कह रहे हैं। कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। मैं बहुत चिंतित हूं। इसलिए मैंने अपनी स्थिति के बावजूद यात्रा की योजना बनाई। मैंने चंडीगढ़ के लिए फ्लाइट ली। हालांकि रजनी साहू फिरोजपुर जाना चाहती थी लेकिन चंडीगढ़ में अधिकारियों से मिलने के बाद उन्हें वापस घर भेज दिया गया था। 

माता-पिता ने भी लगाई बेटे की वापसी की गुहार

पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के रिशरा के हरिसभा क्षेत्र के निवासी बीएसएफ जवान के माता-पिता ने कहा कि वे केंद्र सरकार से अपने बेटे की वापसी के लिए हर संभव कदम उठाने की अपील करेंगे। जवान की मां ने कहा कि हम बहुत तनाव में हैं। हम बीएसएफ अधिकारियों से अपने बेटे को वापस लाने की गुहार लगा रहे हैं।

वर्दी और राइफल के साथ हिरासत में लिया गया सैनिक

आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, घटना के समय जवान वर्दी में था। उसके पास सर्विस राइफल थी। हुगली के रिशरा के हरिसभा इलाके के रहने वाले साहू कथित तौर पर सीमा के पास किसानों के एक समूह के साथ थे, जब वह एक पेड़ के नीचे आराम करने के लिए आगे बढ़े और अनजाने में पाकिस्तान क्षेत्र में चले गए, जहां उन्हें पकड़ लिया गया।

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