फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   airstrip from which Pakistan driven away sold High Court said Vigilance will investigate

हेराफेरी: जिस हवाई पट्टी से पाकिस्तान को खदेड़ा गया, उसी को बेच डाला; हाईकोर्ट ने कहा-विजिलेंस जांच करेगी

Fri, 02 May 2025 09:07 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 02 May 2025 09:07 AM IST
सार

फिरोजपुर के फत्तूवाला गांव की जमीन का अधिग्रहण 1937-38 में भारत सरकार ने किया था। यह जमीन अब तक सेना के नियंत्रण में थी। 1997 में इसके राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी करके उसे बेच दिया गया। अब मामला हाईकोर्ट पहुंचा है।

विज्ञापन
airstrip from which Pakistan driven away sold High Court said Vigilance will investigate
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिस हवाई पट्टी का इस्तेमाल कर भारतीय सेना ने 1962, 1965 और 1971 के युद्धों के शौर्य दिखाया था उसे कुछ लोगों ने दस्तावेजों में हेर-फेर कर बेच दिया। 
विज्ञापन


फिरोजपुर के फत्तूवाला गांव स्थित हवाई पट्टी की भूमि के बेचे जाने के मामले की शिकायत सेना की ओर से आयुक्त को की गई। बाद में मामला हाईकोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने आरोपों की सच्चाई का पता लगाने के लिए पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के मुख्य निदेशक को आदेश दिया है। साथ ही फिरोजपुर के डीसी पर कड़ी टिप्पणी करते हुए इस मामले में अधिकारी की ढि़लाई को अक्षम्य बताया।

यह भी पढ़ें: पानी पर नहीं थम रही रार: पंजाब सरकार ने बुलाई सर्वदलीय बैठक, मान की चेतावनी- कोई भी पानी लेकर दिखाए
विज्ञापन


निशान सिंह ने याचिका दाखिल करते हुए मामले की सीबीआई या किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की थी। याचिका में कहा गया था कि फत्तूवाला गांव की जिस जमीन का अधिग्रहण भारत सरकार ने 1937-38 में किया था और जो अब तक भारतीय सेना के नियंत्रण में थी। इसके बाद 1997 में पांच बिक्री विलेखों के माध्यम से कथित रूप से राजस्व रिकॉर्ड में हेराफेरी करके उसे बेच दिया गया। निजी व्यक्तियों के नाम 2009-10 के राजस्व रिकॉर्ड में इस भूमि को दर्ज कर दिया। इस दौरान भारतीय सेना ने कभी भी इस जमीन का कब्जा किसी अन्य को नहीं सौंपा। इस गंभीर मामले में फिरोजपुर कैंट के प्रशासनिक कमांडेंट ने संबंधित आयुक्त को पत्र लिखकर जांच की मांग की थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने फिरोजपुर के डीसी पर की तीखी टिप्पणी

हाईकोर्ट ने फिरोजपुर के डिप्टी कमिश्नर की निष्क्रियता पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि राष्ट्र की रक्षा से जुड़ी भूमि के मामले में फिरोजपुर के डिप्टी कमिश्नर द्वारा दिखाई गई चौंकाने वाली ढिलाई अक्षम्य है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की संप्रभुता की रक्षा में तैनात सेना को राज्यपाल तक गुहार लगानी पड़ी है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में तो सरकार को खुद से आगे आकर फर्जीवाड़ा करने वालों पर कार्रवाई करनी चाहिए थी, जो अभी तक नहीं किया गया है। कोर्ट को यह भी बताया गया कि फत्तूवाला में स्थित यह भूमि उन्नत लैंडिंग ग्राउंड के रूप में सेना द्वारा अब भी इस्तेमाल की जा रही है। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में आरोप बेहद गंभीर हैं जिनकी गहन जांच जरूरी है। कोर्ट ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के मुख्य निदेशक को निर्देश दिया है कि वे स्वयं आरोपों की सच्चाई की जांच करें। कोर्ट ने कहा कि यदि आरोपों में सत्यता मिले तो आवश्यक कार्रवाई की जाए। अब मामले की अगली सुनवाई 3 जुलाई को होगी और विजिलेंस को हाईकोर्ट में अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed