अच्छी खबर : कनाडा में एक लाख विदेशी छात्रों को मिलेगी पीआर, पंजाब को होगा सबसे ज्यादा फायदा
अस्पतालों मे काम करने वाले 20 हजार, आवश्यक सेवा क्षेत्र में लगे 30 से 40 हजार और दूसरे क्षेत्रों में काम कर रहे ग्रेजुएट विदेशी छात्रों को पीआर दी जाएगी। इसके अलावा फ्रेंच भाषा और दो अन्य भाषाओं के ज्ञाता छात्रों को भी पीआर मिलेगी।
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कनाडा की जस्टिन ट्रूडो सरकार ने एक्सप्रेस एंट्री सिस्टम (ईईएस) ड्रा की घोषणा कर दी है। इससे करीब एक लाख विदेशी छात्रों को वहां पीआर मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इसका सबसे अधिक फायदा पंजाब के छात्रों को होगा, जो वहां ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं। कोरोना महामारी के चलते वर्ष 2021 के लिए निर्धारित 4.01 लाख विदेशियों को कनाडा में पक्का करने का लक्ष्य पूरा न होता देख वहां की सरकार ने यह अहम फैसला लिया है।
कनाडा के इमिग्रेशन, रिफ्यूजी एंड सिटीजनशिप मिनिस्टर मारको ई एल मेंडिसिनो ने सरकारी तौर पर स्टेटमेंट जारी कर बताया कि जो विदेशी छात्र ग्रेजुएशन करके महामारी के इस कठिन समय में कनाडा के विकास में योगदान कर रहे हैं, उनके लिए यह विशेष ड्रा लाया गया है।
विशेषकर जो स्टूडेंट अस्पतालों के अलावा जरूरी काम कर रहे हैं, उन्हें इसमें प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत अस्पतालों मे काम करने वाले 20 हजार, आवश्यक सेवा क्षेत्र में लगे 30 से 40 हजार और दूसरे क्षेत्रों में काम कर रहे ग्रेजुएट विदेशी छात्रों को पीआर दी जाएगी। इसके अलावा फ्रेंच भाषा और दो अन्य भाषाओं के ज्ञाता छात्रों को भी पीआर मिलेगी।
कनाडा में काम करने वालों की भारी कमी
उन्होंने बताया कि महामारी के दौर में काम करने वालों की कनाडा में भारी कमी हो रही है। 1971 में वहां 6.6 सीनियर सिटीजन के पीछे 3 जवान काम करने वाले थे, जो साल 2035 तक घटकर दो रह जाएंगे। ऐसे में इस खाई को भरना काफी मुश्किल होगा। इसलिए विदेशी छात्रों को पीआर के लिए शर्तें भी आसान की गई हैं।
वर्क परमिट पर एक साल के तजुर्बे की शर्त खत्म कर दी गई है, वहीं आइलेट्स में भी ऐट ट्रिपल सेवन की जगह पांच बैंड निर्धारित किए गए हैं। फ्रेंच और दो भाषा के ज्ञाता छात्रों के लिए कोई लिमिट नहीं होगी, अब वे कितने भी आवेदन कर सकते हैं। इस नए ड्रा के लिए 6 मई से लेकर 5 नवंबर 2021 तक आवेदन किए जा सकेंगे। इसमें वर्ष 2017 के बाद ग्रेजुएशन करने वाले छात्र हिस्सा ले सकेंगे।
ब्रिटिश काउंसिल एंड आईडीपी की वेबसाइट क्रैश
इस ड्रा की घोषणा के बाद आइलेट्स परीक्षा देने के लिए कनाडा में भारतीय छात्रों की होड़ मच गई है। इसके चलते इस परीक्षा को लेने वाली ब्रिटिश काउंसिल एंड आईडीपी की वेबसाइट क्रैश कर गई हैं। भारतीय छात्र जल्द से जल्द इस परीक्षा के लिए डेट बुक करवाना चाहते हैं। समस्या यह भी है कि भारत से इस परीक्षा को देने के लिए ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो रही है।
कनाडा के कॉलेज से ग्रेजुएट छात्र साहिल, अर्जुन, समर, रंजीत, ज्योति राय आदि ने बताया कि इस घोषणा से भारतीय छात्रों में खुशी का माहौल है। हालांकि वेबसाइट क्रैश होने से उनकी बेचैनी भी बढ़ गई है, लेकिन पूरी उम्मीद है कि उन्हें आइलेट्स परीक्षा की डेट मिल जाएगी।
कनाडा में भारतीय कारोबारी एवं कैनेडियन कानून के माहिर सतवंत सिंह तलवंडी राय ने बताया कि अक्तूबर 2020 में भी ट्रूडो सरकार ने करीब 24 हजार छात्रों के लिए एक्सप्रेस एंट्री ड्रा में पीआर के लिए जरूरी पाइंट्स को 475 से कम करके सिर्फ 75 कर दिया था। इसका पूरा फायदा भारतीय छात्रों को मिला। अब जो ड्रा निकाला गया है, यह कनाडा के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा ड्रा है।