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Operation Sindoor: हार से बौखलाया पाकिस्तान, सीमांत गांवों में अब भी जिंदा है धोखे का डर; ISI की साजिशों का भय
Sat, 09 May 2026 02:23 PM IST
Sharukh Khan
अनिल कुमार, अमर उजाला, फिरोजपुर
अनिल कुमार, अमर उजाला, फिरोजपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Sat, 09 May 2026 02:23 PM IST
सार
पाकिस्तान हार से बौखला गया है। सीमांत गांवों में अब भी धोखे का डर जिंदा है। पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर की शिकस्त का बदला धोखे से ले सकता है।
1965 की हार से आहत पाकिस्तान ने 1971 में धोखे से युद्ध किया था। ऑपरेशन सिन्दूर के बाद पाकिस्तान पंजाब में सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाने में लगा है।
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Operation Sindoor
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
ऑपरेशन सिन्दूर के एक साल बाद भी भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बरकरार है। जो हार पाकिस्तान को मिली है उसे भूल पाना उसके लिए मुश्किल है। यही भय सीमावर्ती गांवों के ग्रामीणों के दिलों दिमाग में बैठा हुआ है। कहीं 1971 के युद्ध जैसी हरकत दोबारा पाकिस्तान ना कर दें।
हुआ यूं था कि पाकिस्तान ने 1965 की हार का बदला लेने के लिए भारत पर धोखे से 1971 में युद्ध कर दिया था, इसमें ग्रामीणों को काफी नुक्सान झेलना पड़ा था और बहुत से जवान शहीद हो गए थे।
ऑपरेशन सिन्दूर के एक साल बाद सीमावर्ती गांवों के लोगों से बातचीत करने पहुंचे तो उन्होंने कहा कि युद्ध जीत कर भारत ने पाकिस्तान को उसकी औकात तो बता दी है। लेकिन दुश्मन पड़ोसी देश के लिए हार सहना मुश्किल है।
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हुआ यूं था कि पाकिस्तान ने 1965 की हार का बदला लेने के लिए भारत पर धोखे से 1971 में युद्ध कर दिया था, इसमें ग्रामीणों को काफी नुक्सान झेलना पड़ा था और बहुत से जवान शहीद हो गए थे।
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ऑपरेशन सिन्दूर के एक साल बाद सीमावर्ती गांवों के लोगों से बातचीत करने पहुंचे तो उन्होंने कहा कि युद्ध जीत कर भारत ने पाकिस्तान को उसकी औकात तो बता दी है। लेकिन दुश्मन पड़ोसी देश के लिए हार सहना मुश्किल है।
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जब भारत ने 1965 में पाकिस्तान को पराजित किया था तो उसने लगभग छह साल बाद 1971 में धोखे से हमला बोल दिया था। इसमें सैनिकों और बीएसएफ के अलावा सीमांत गांवों के लोगों को भारी नुक्सान (जैसे उनके पशु, घरेलू सामान व घरों की ईंटें तक उखाड़कर पाकिस्तानी फौज ले गई थथ) उठाना पड़ा था।
1971 की जंग देखने वाली महिलाएं कांपती हैं। ग्रामीणों ने कहा कि भारत को हमेशा तैयार रहने की जरूरत है, क्योंकि पाकिस्तान अपनी जलील हरकतों से बाज नहीं आएगा। आईएसआई ने पाकिस्तानी तस्करों के जरिए सीमावर्ती गांवों के भारतीय तस्करों को हेरोइन और धनराशि का लालच देकर अपने संग मिला लिया है।
आपरेशन सिन्दूर के बाद से आईएसआई पंजाब में विभिन्न जगहों पर विस्फोट कराने में लगी हुई है। पंजाब के तस्करों, गैंगस्टरों और आतंकवादियों के जरिए विस्फोट करवाए जा रहे हैं। युवाओं के हाथ में हैंड ग्रेनेड थमा दिए हैं। पाकिस्तान के निशाने पर पंजाब है, जो भारत का अन्नदाता है।
पाकिस्तान अपने स्लीपर सेलो की मदद से पंजाब में विस्फोट करवाकर आपरेशन सिन्दूर का बदला लेने में लगा हुआ है। क्योंकि सामने से भारत पर वार करने की पाकिस्तान की हिम्मत नहीं है।
अधिकांश ग्रामीण 1971 की जंग देख चुके हैं और उस समय उन्हें हुए नुक्सान की कहानी बताते आंखों से आंसू छलक पड़ते हैं। एक बुजुर्ग ने कहा कि चूल्हे पर रोटी बन रही थी खानी नसीब नहीं हुई। सतलुज दरिया का पुल तोड़ दिया गया था, तैरकर अपनी और बच्चों की जान बचाई थी।