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Pathankot: सेंसस ड्यूटी में शुल्क आधारित तकनीकी सहायकों की मनमानी, सिफारिश वालों की गृहनगर में लगा रहे डयूटी
Mon, 11 May 2026 10:28 AM IST
Nivedita
सूरज प्रकाश, संवाद, पठानकोट (पंजाब)
सूरज प्रकाश, संवाद, पठानकोट (पंजाब)
Published by: Nivedita
Updated Mon, 11 May 2026 10:28 AM IST
सार
एसोसिएट अध्यापक यूनियन पंजाब के अध्यक्ष अनुभव गुप्ता ने बताया कि कि शुल्क-आधारित तकनीकी सहायक अपने सगे संबंधियों और सिफारिश वालों की गलत तरीके से ड्यूटी लगा उन्हें राहत दे रहे हैं।
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एडीसी संजीव शर्मा को मांग पत्र सौंपते स्पेशल काडर यूनियन फ्रंट पंजाब जिला पठानकोट के सदस्य।
- फोटो : संवाद
विस्तार
सेंसस ड्यूटी में शुल्क आधारित तकनीकी सहायक पठानकोट में मनमानी कर रहे हैं। इन पर आरोप है कि सगे संबंधियों और सिफारिश वालों की ड्यूटी गृहनगर में लगाई जा रही है और अन्य स्टाफ को स्कूल और गृहनगर से कई किलोमीटर दूर ड्यूटी करने के लिए भेजा रहा है।
शिक्षकों का कहना है कि इस बात का जिला प्रशासनिक अधिकारियों को भी है लेकिन शुल्क-आधारित तकनीकी सहायकों खिलाफ कोई ठोस एक्शन नहीं लिया जा रहा है। जिन अध्यापकों व अन्य स्टाफ के पास कम स्टोरेज वाले फोन है, उन्हें जनगणना की एचएलओ एप चलाने संबंधी नए फोन खरीदने के लिए कहा गया है, जो कम वेतन वाले स्टाफ की हैसियत से बाहर है।
सेंसस ड्यूटी करने के लिए भरे गए फार्म में दो ऑप्शन स्टाफ के लिए होते हैं जिनमें एक गृहनगर और दूसरा स्कूल ड्यूटी वाला स्थान। दोनों ऑप्शन होने के बावजूद तीसरी जगह स्टाफ की ड्यूटी लगाना पक्षपात दर्शाता है। वहीं पठानकोट तहसील के शुल्क-आधारित तकनीकी सहायक कौशल ने बताया कि जहां एक स्कूल में 10 अध्यापक है, वहां सभी को स्कूल के पास ड्यूटी नहीं दे सकते थे। इसी वजह से अन्य क्षेत्रों में स्टाफ की ड्यूटी लगाई जा रही है।
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वहीं मास्टर काडर यूनियन पंजाब जिला पठानकोट के वाइस प्रधान शाम लाल का कहना है कि सेंसस ड्यूटी व ड्रग्स ड्यूटी में अध्यापकों सहित अन्य स्टाफ के साथ धक्केशाही की जा रही है। ड्रग्स सर्वे दौरान भी कई टेक्निकल समस्याएं आ रही हैं, जैसे 80 प्रतिशत रिकाॅर्डिंग एप पर सेव नहीं हो रही और इस समस्या से उन्हें इस सर्वे का कोई पैसा नहीं मिलेगा।
एसोसिएट अध्यापक यूनियन पंजाब के अध्यक्ष अनुभव गुप्ता ने बताया कि कि शुल्क-आधारित तकनीकी सहायक अपने सगे संबंधियों और सिफारिश वालों की गलत तरीके से ड्यूटी लगा उन्हें राहत दे रहे हैं। जनगणना ऑनलाइन करने संबंधी जो एप फोन में इंस्टाॅल करवाई जा रही है, उसका वर्जन 12.0 से ऊपर का है जो कई स्टाफ सदस्यों के फोन में नहीं चल रहा। ट्रेनिंग दौरान स्टाफ को नए फोन खरीदने के लिए दबाव बनाया गया, जो काफी महंगे दाम के है। उन्हाेंने प्रशासन से मांग की कि सेंसस ड्यूटी में हो रहे पक्षपात में एक्शन ले सही ड्यूटी लगाई जाए।
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शिक्षकों का कहना है कि इस बात का जिला प्रशासनिक अधिकारियों को भी है लेकिन शुल्क-आधारित तकनीकी सहायकों खिलाफ कोई ठोस एक्शन नहीं लिया जा रहा है। जिन अध्यापकों व अन्य स्टाफ के पास कम स्टोरेज वाले फोन है, उन्हें जनगणना की एचएलओ एप चलाने संबंधी नए फोन खरीदने के लिए कहा गया है, जो कम वेतन वाले स्टाफ की हैसियत से बाहर है।
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सेंसस ड्यूटी करने के लिए भरे गए फार्म में दो ऑप्शन स्टाफ के लिए होते हैं जिनमें एक गृहनगर और दूसरा स्कूल ड्यूटी वाला स्थान। दोनों ऑप्शन होने के बावजूद तीसरी जगह स्टाफ की ड्यूटी लगाना पक्षपात दर्शाता है। वहीं पठानकोट तहसील के शुल्क-आधारित तकनीकी सहायक कौशल ने बताया कि जहां एक स्कूल में 10 अध्यापक है, वहां सभी को स्कूल के पास ड्यूटी नहीं दे सकते थे। इसी वजह से अन्य क्षेत्रों में स्टाफ की ड्यूटी लगाई जा रही है।
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वहीं मास्टर काडर यूनियन पंजाब जिला पठानकोट के वाइस प्रधान शाम लाल का कहना है कि सेंसस ड्यूटी व ड्रग्स ड्यूटी में अध्यापकों सहित अन्य स्टाफ के साथ धक्केशाही की जा रही है। ड्रग्स सर्वे दौरान भी कई टेक्निकल समस्याएं आ रही हैं, जैसे 80 प्रतिशत रिकाॅर्डिंग एप पर सेव नहीं हो रही और इस समस्या से उन्हें इस सर्वे का कोई पैसा नहीं मिलेगा।
एसोसिएट अध्यापक यूनियन पंजाब के अध्यक्ष अनुभव गुप्ता ने बताया कि कि शुल्क-आधारित तकनीकी सहायक अपने सगे संबंधियों और सिफारिश वालों की गलत तरीके से ड्यूटी लगा उन्हें राहत दे रहे हैं। जनगणना ऑनलाइन करने संबंधी जो एप फोन में इंस्टाॅल करवाई जा रही है, उसका वर्जन 12.0 से ऊपर का है जो कई स्टाफ सदस्यों के फोन में नहीं चल रहा। ट्रेनिंग दौरान स्टाफ को नए फोन खरीदने के लिए दबाव बनाया गया, जो काफी महंगे दाम के है। उन्हाेंने प्रशासन से मांग की कि सेंसस ड्यूटी में हो रहे पक्षपात में एक्शन ले सही ड्यूटी लगाई जाए।