नशे पर सख्तीः डोप टेस्ट में फेल दो पुलिसकर्मी बर्खास्त, 12 को किया गया लाइन हाजिर
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डोप टेस्ट में फेल होने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। डोप टेस्ट में फेल एक एएसआई और कांस्टेबल को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं 12 अन्य को शुक्रवार को लाइन हाजिर कर दिया गया है। तरनतारन के पुलिस अधीक्षक जगजीत सिंह वालिया ने कहा कि अमृतसर के सिविल अस्पताल में 23 पुलिसकर्मियों का डोप टेस्ट करवाया गया था। इनमें 14 जवान फेल हो गए थे।
इससे पहले इन्हीं पुलिसकर्मियों का तरनतारन में भी डोप टेस्ट करवाया गया था। जहां सैंपल नेगेटिव पाए गए थे। इस मामले में मंगलवार को तरनतारन के डीसी प्रदीप सभ्रवाल ने आईएएस अधिकारी संदीप कुमार के नेतृत्व में एक टीम का गठन भी किया। टीम मनगढ़ंत रिपोर्ट तैयार करने वाले डॉक्टरों की जांच करेगी।
डोप टेस्ट में फर्जीवाड़े की जांच के आदेश
डीसी प्रदीप सभ्रवाल ने जिले में नशे के जाल में फंसे पुलिस मुलाजिमों की डोप टेस्ट रिपोर्ट में हुए कथित फर्जीवाड़े की जांच के आदेश दिए हैं। इस संबंध में एडीसी जनरल संदीप कुमार की अगुवाई में जांच टीम गठित करते हुए 15 दिनों में रिपोर्ट देने को कहा गया है। नशे के लिए बदनाम तरनतारन के कई गांवों से अंतरराष्ट्रीय तस्करों को गिरफ्तार करके उनकी जायदाद को जब्त करने की मुहिम चलाई जा रही है। इस मुहिम के दौरान एसएसपी को पता चला कि पुलिस विभाग में कई कर्मचारी भी नशे का शिकार हो रहे हैं।
सेहत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद डीसी प्रदीप सभ्रवाल ने आईएएस अधिकारी संदीप कुमार (एडीसी जनरल) की अगुवाई में जांच टीम का गठन किया। डीसी सभ्रवाल ने बताया कि डोप टेस्ट के मामले में सेहत विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। इसलिए इस मामले की जांच जरूरी है।
एसएसपी ध्रुव दहिया का कहना है कि पुलिस मुलाजिमों की डोप टेस्ट की रिपोर्ट देखकर वह खुद हैरान हैं। उन्होंने ही डीसी को पत्र लिखकर मामले की जांच करवाने को कहा था। एसएसपी ने कहा कि जांच रिपोर्ट में अगर सेहत विभाग का कोई भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया गया तो बाकायदा एफआईआर दर्ज होगी।
डीसी प्रदीप सभ्रवाल का कहना है कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश को नशा मुक्त बनाने लिए पंचायतों को पाबंद किया गया है। ऐसे में अगर कोई अधिकारी या सरकारी कर्मचारी नशे को बढ़ावा देता है तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। तरनतारन को नशा मुक्त बनाने लिए बड़े स्तर पर मुहिम जारी रहेगी। अब सरकारी विभागों में भी यह मुहिम चलाई जाएगी।