फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Amritsar News ›   Trump administration deals a major blow to immigrants: Work permit validity reduced from 5 years to 18 months, increasing concerns for Punjabis.

ट्रंप सरकार का आप्रवासियों को बड़ा झटका: वर्क परमिट की वैधता 5 साल से घटाकर 18 महीने, पंजाबियों की बढ़ेगी चिंता

Mon, 08 Dec 2025 08:23 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 08 Dec 2025 08:23 PM IST
विज्ञापन
Trump administration deals a major blow to immigrants: Work permit validity reduced from 5 years to 18 months, increasing concerns for Punjabis.
-कनाडा–अमेरिका की कड़ी होती नीतियों से आप्रवासियों की मुश्किलें बढ़ीं
विज्ञापन

---
कंवरपाल
हलवारा। अमेरिका में रह रहे लाखों भारतीय आप्रवासियों के लिए ट्रंप सरकार ने एक और बड़ा फैसला लागू कर दिया है। यूएससीआईएस ने रोजगार प्राधिकरण दस्तावेज़ (ईएडी) यानी वर्क परमिट की अधिकतम वैधता 5 वर्ष से घटाकर मात्र 18 महीने कर दी है। नया नियम 5 दिसंबर 2025 से दाखिल या लंबित होने वाले सभी प्रारंभिक और नवीकरण आवेदनों पर लागू होगा।
नई नीति से भारतीय समुदाय में भारी चिंता है। पहले जहां वर्क परमिट पांच वर्ष तक मान्य रहता था, वहीं अब हर 18 महीने में इसे नवीनीकृत कराना होगा। इससे आप्रवासियों को 2500-3000 अमेरिकी डॉलर का अतिरिक्त खर्च बार-बार उठाना पड़ेगा।अमेरिका में रहने वाले दविंदर सिंह और बिंदर सिंह का कहना है कि सरकार ग्रीन कार्ड देने में पहले ही बेहद सख्त है। अब 5 साल बाद पड़ने वाला खर्च हर 18 महीने में झेलना पड़ेगा, जिससे बोझ और बढ़ेगा।
विज्ञापन


ग्रीन कार्ड और शरणार्थियों के लिए बढ़ी मुश्किलें
यह बदलाव मुख्य रूप से रोजगार-आधारित, परिवार-आधारित, और लंबित शरण आवेदनकर्ताओं को प्रभावित करेगा। हजारों-लाखों शरणार्थी, जो ग्रीन कार्ड का सपना देख रहे हैं, इस फैसले को लेकर खासे चिंतित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

यूएससीआईएस ने तर्क दिया है कि कम वैधता अवधि से विदेशी नागरिकों की सुरक्षा जांच अधिक बार की जा सकेगी और शरण व ग्रीन कार्ड मामलों की पुन:स्क्रीनिंग आसान होगी।

नियोक्ताओं पर भी बढ़ेगा बोझ
नियम में कटौती के साथ हाल ही में खत्म हुई 540 दिन की ऑटोमैटिक एक्सटेंशन व्यवस्था के कारण वर्क परमिट रिन्यूअल में देरी होने पर कार्य प्राधिकरण में अंतराल का जोखिम भी बढ़ जाएगा। इससे कंपनियों को स्टाफिंग अस्थिरता, बार-बार दस्तावेज़ सत्यापन और बढ़ती अनुपालन लागत का सामना करना पड़ेगा।


एच-वन बी वीजा धारकों को राहत
ट्रंप प्रशासन ने इस नीति से एच-वन बी वीजा धारकों को बाहर रखा है। उनके पास पहले से ही रोजगार प्राधिकरण का अधिकार है और उन्हें अलग से ईएडी की आवश्यकता नहीं होती।

अमेरिका और कनाडा दोनों देशों की कड़ी होती आप्रवासन नीतियां भारतीयों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही हैं। नई नीति ने विशेषकर पंजाब से अमेरिका जाने वाले युवाओं में बेचैनी बढ़ा दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed