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सूबे में तीसरा सियासी मोर्चा जल्द : ब्रह्मपुरा
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शिअद (टकसाली) के अध्यक्ष जत्थेदार रंजीत सिंह ब्रह्मपुरा ने वीरवार को कहा है कि शिअद (बादल) और कांग्रेस पार्टी के विरुद्ध तीसरे सियासी मोर्चा का गठन जल्द किया गया। आगामी एसजीपीसी और विधान सभा चुनाव से तीसरे मोर्चे को अमलीजामा दे दिया जाए। इस संदर्भ में बादल परिवार विरोधी सभी पंथक संगठनों विशेष कर शिअद (डी) के अध्यक्ष सुखदेव सिंह ढींढसा के साथ उनकी बातचीत चल रही है। ब्रह्मपुरा पार्टी कि कोर कमेटी कि बैठक के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
ब्रह्मपुरा ने कहा कि वह बीते पांच वर्षों से एसजीपीसी चुनाव करवाने के लिए केंद्र सरकार से गुहार लगा रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह एसजीपीसी चुनाव न करवाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डाल रहे थे। केंद्र सरकार एक व्यक्ति के कहने पर एसजीपीसी का चुनाव टाल रही थी। शिअद(बादल) कि दोस्ती भाजपा से टूटी और गुरुद्वारा चुनाव आयोग का कमिश्नर नियुक्त कर दिया गया है। ब्रह्मपुरा ने स्वीकार किया कि यह कहना मुश्किल है कि एसजीपीसी चुनाव में सभी पंथक संगठन एकजुट होकर बादल दल का मुकाबला करेंगे, लेकिन अधिकांश संगठन बादल को हराने के लिए एक साथ आ जाएंगे। उन्होंने पार्टी छोड़ कर शिअद (डी) में शामिल हो चुके सेवा सिंह सेखवां के बारे तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि वह उन्हें अपने घर में दाखिल नहीं होने देंगे।
‘केंद्र सरकार ने किसानों को बेइज्जत कर लौटाया’
ब्रह्मपुरा ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया और बेइज्जत कर लौटा दिया। किसान रेल ट्रैक पर धरने पर बैठे हैं और मोदी सरकार के कानों में जूं नहीं रेंग रही है। किसानों कि समस्याएं हल करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार धरने के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को 50-50 लाख की आर्थिक सहायता दे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
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ब्रह्मपुरा ने कहा कि वह बीते पांच वर्षों से एसजीपीसी चुनाव करवाने के लिए केंद्र सरकार से गुहार लगा रहे थे। पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह एसजीपीसी चुनाव न करवाने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव डाल रहे थे। केंद्र सरकार एक व्यक्ति के कहने पर एसजीपीसी का चुनाव टाल रही थी। शिअद(बादल) कि दोस्ती भाजपा से टूटी और गुरुद्वारा चुनाव आयोग का कमिश्नर नियुक्त कर दिया गया है। ब्रह्मपुरा ने स्वीकार किया कि यह कहना मुश्किल है कि एसजीपीसी चुनाव में सभी पंथक संगठन एकजुट होकर बादल दल का मुकाबला करेंगे, लेकिन अधिकांश संगठन बादल को हराने के लिए एक साथ आ जाएंगे। उन्होंने पार्टी छोड़ कर शिअद (डी) में शामिल हो चुके सेवा सिंह सेखवां के बारे तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि वह उन्हें अपने घर में दाखिल नहीं होने देंगे।
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‘केंद्र सरकार ने किसानों को बेइज्जत कर लौटाया’
ब्रह्मपुरा ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों को बातचीत के लिए बुलाया और बेइज्जत कर लौटा दिया। किसान रेल ट्रैक पर धरने पर बैठे हैं और मोदी सरकार के कानों में जूं नहीं रेंग रही है। किसानों कि समस्याएं हल करने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। उन्होंने मांग की कि पंजाब सरकार धरने के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को 50-50 लाख की आर्थिक सहायता दे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए।
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