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तख्त दमदमा साहिब के जत्थेदार ने दिया इस्तीफा: ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पूर्व अकाली नेता पर लगाए आरोप, वीडियो
Wed, 16 Oct 2024 09:24 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Wed, 16 Oct 2024 09:24 PM IST
सार
अमृतसर स्थित तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एक वीडियो जारी कर त्यागपत्र की वजह भी बताई है।
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ज्ञानी हरप्रीत सिंह
- फोटो : संवाद
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विस्तार
तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने पद से बुधवार देर शाम को त्यागपत्र दे दिया है। जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने इसके लिए पूर्व अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा को जिम्मेदार ठहराया है।
ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अपना त्याग पत्र एसजीपीसी को भेज दिया है। एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी के ओएसडी सतबीर सिंह धामी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि प्रधान साहिब को मीडिया के माध्यम से त्यागपत्र दिए जाने की जानकारी हासिल हुई है। उन्होंने इस्तीफा अभी तक पढ़ा व देखा नहीं है।
जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने सोशल मीडिया पर डाले वीडियो में केंद्र व पंजाब सरकार से भी उन्हें प्रदान की गई जेड सुरक्षा वापस लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब उनके पास कोई पद न होने के चलते उन्हें इस सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। वह तो अपने छोटे से घर में रहने के इच्छुक हैं। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने वल्टोहा द्वारा दी जा रही धमकियों को लेकर एसजीपीसी की चुप्पी पर भी रोष जताया है। उन्होंने खुलासा किया कि सिंह साहिबानों के आदेशों के तहत वल्टोहा द्वारा खुद अकाली दल की हाईकमान को दिए त्यागपत्र के बावजूद अकाली दल का सोशल मीडिया विंग वल्टोहा का समर्थन करते हुए वल्टोहा की ओर से दिए गए बयानों को अभी भी जारी कर रहा है।
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जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने सोशल मीडिया पर डाले पोस्ट में कहा है कि वल्टोहा द्वारा उन पर एसजीपीसी व आरएसएस का समर्थक होने के झूठे आरोप लगाए हैं। वल्टोहा द्वारा उन्हें बार- बार निशाना बनाया जा रहा है। उसने निजता की सभी हदें पार कर दी हैं। वल्टोहा द्वारा अभी भी अप्रयत्क्ष तौर से उन्हें धमकियों भरे संदेश भेजे जा रहे हैं, यह सब अब उनके बर्दाश्त से बाहर है। ऐसे हालात में वह जत्थेदारी की सेवाएं निभाने में असमर्थ हैं, क्योंकि वह एक जत्थेदार होने के साथ-साथ बेटियों के पिता भी हैं। वल्होटा उनकी जाति पात परख रहा है और इस पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। जत्थेदार ने कहा कि उनके घर पर गंदे संदेश भेजे जा रहे हैं यह सब अब बर्दाश्त के बाहर है।
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ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने अपना त्याग पत्र एसजीपीसी को भेज दिया है। एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी के ओएसडी सतबीर सिंह धामी ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि प्रधान साहिब को मीडिया के माध्यम से त्यागपत्र दिए जाने की जानकारी हासिल हुई है। उन्होंने इस्तीफा अभी तक पढ़ा व देखा नहीं है।
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जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने सोशल मीडिया पर डाले वीडियो में केंद्र व पंजाब सरकार से भी उन्हें प्रदान की गई जेड सुरक्षा वापस लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अब उनके पास कोई पद न होने के चलते उन्हें इस सुरक्षा की कोई जरूरत नहीं है। वह तो अपने छोटे से घर में रहने के इच्छुक हैं। ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने वल्टोहा द्वारा दी जा रही धमकियों को लेकर एसजीपीसी की चुप्पी पर भी रोष जताया है। उन्होंने खुलासा किया कि सिंह साहिबानों के आदेशों के तहत वल्टोहा द्वारा खुद अकाली दल की हाईकमान को दिए त्यागपत्र के बावजूद अकाली दल का सोशल मीडिया विंग वल्टोहा का समर्थन करते हुए वल्टोहा की ओर से दिए गए बयानों को अभी भी जारी कर रहा है।
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जत्थेदार हरप्रीत सिंह ने सोशल मीडिया पर डाले पोस्ट में कहा है कि वल्टोहा द्वारा उन पर एसजीपीसी व आरएसएस का समर्थक होने के झूठे आरोप लगाए हैं। वल्टोहा द्वारा उन्हें बार- बार निशाना बनाया जा रहा है। उसने निजता की सभी हदें पार कर दी हैं। वल्टोहा द्वारा अभी भी अप्रयत्क्ष तौर से उन्हें धमकियों भरे संदेश भेजे जा रहे हैं, यह सब अब उनके बर्दाश्त से बाहर है। ऐसे हालात में वह जत्थेदारी की सेवाएं निभाने में असमर्थ हैं, क्योंकि वह एक जत्थेदार होने के साथ-साथ बेटियों के पिता भी हैं। वल्होटा उनकी जाति पात परख रहा है और इस पर प्रश्नचिह्न लगा रहा है। जत्थेदार ने कहा कि उनके घर पर गंदे संदेश भेजे जा रहे हैं यह सब अब बर्दाश्त के बाहर है।
ज्ञानी हरप्रीत का त्यागपत्र स्वीकार न करें धामी, वरना छोड़ दूंगा पद: जत्थेदार रघबीर
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने बुधवार देर रात जारी संदेश में एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी को तख्त श्री दमदमा साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह का इस्तीफा स्वीकार न करने का आदेश दिया है। रघबीर सिंह ने कहा है कि अगर ज्ञानी हरप्रीत सिंह का इस्तीफा स्वीकार किया जाता है, तो वह भी अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। इसके अलावा समस्त सिंह साहिबान भी अपने पदों से इस्तीफा दे देंगे। रघबीर सिंह ने पूर्व अकाली नेता विरसा सिंह वल्टोहा को भी चेतावनी दी है कि वह ज्ञानी हरप्रीत सिंह के खिलाफ बयानबाजी से बाज आएं अन्यथा उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। ज्ञानी हरप्रीत सिंह के परिजनों के खिलाफ गलत शब्दावली उपयोग करने वाला सच्चा सिख नहीं हो सकता है।
शिअद ने मंजूर किया वल्टोहा का इस्तीफा
शिरोमणि अकाली दल के नेता विरसा सिंह वल्टोहा का इस्तीफा अकाली दल ने मंजूर कर लिया है। इसकी जानकारी अकाली दल के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने दी है। एक पत्र शेयर करते हुए चीमा ने इसकी जानकारी साझा की है। चीमा ने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि शिअद के कार्यकारी अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़ ने विरसा सिंह वल्टोहा का प्राथमिक सदस्यता एवं शिअद के सभी पदों से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इससे पहले वल्टोहा ने कहा था कि श्री अकाल तख्त साहिब पर सिंह साहिब के सामने पेश होने के बाद मेरे बारे में जो आदेश जारी किया गया है, वह उसे सिर झुकाकर स्वीकार करते हैं। इस आदेश को लागू करने के लिए शिरोमणि अकाली दल नेतृत्व को किसी भी खतरे में डाले बिना, वह स्वयं अकाली दल की प्राथमिक सदस्यता छोड़ रहे हैं।
शिरोमणि अकाली दल के नेता विरसा सिंह वल्टोहा का इस्तीफा अकाली दल ने मंजूर कर लिया है। इसकी जानकारी अकाली दल के वरिष्ठ नेता दलजीत सिंह चीमा ने दी है। एक पत्र शेयर करते हुए चीमा ने इसकी जानकारी साझा की है। चीमा ने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा कि शिअद के कार्यकारी अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़ ने विरसा सिंह वल्टोहा का प्राथमिक सदस्यता एवं शिअद के सभी पदों से इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया है। इससे पहले वल्टोहा ने कहा था कि श्री अकाल तख्त साहिब पर सिंह साहिब के सामने पेश होने के बाद मेरे बारे में जो आदेश जारी किया गया है, वह उसे सिर झुकाकर स्वीकार करते हैं। इस आदेश को लागू करने के लिए शिरोमणि अकाली दल नेतृत्व को किसी भी खतरे में डाले बिना, वह स्वयं अकाली दल की प्राथमिक सदस्यता छोड़ रहे हैं।